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#धमाका_डिफरेंट: जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा की हरफन मौला स्टाइल, जिले के दूरस्थ छर्च ग्राम में जाकर की जन सुनवाई, रास्ते में परखी, सड़क निकली घटिया, स्कूल, स्वास्थ्य की नब्ज टटोली, रास्ते में मिले ग्रामीणों से कार रोक उतरकर जा पहुंचे मिलने, ली खेर खबर

बुधवार, 23 सितंबर 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरी। जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा की हरफन मौला स्टाइल लोगों को खूब पसंद आ रही है। बात करें तो उन्होंने जनसुनवाई का नवाचार मंगलवार को किया जब जिले के अधिकारी कलेक्टर के नेतृत्व में शिवपुरी के दूरस्थ ग्राम छर्च जा पहुंचे। इस जगह जिसका तबादला होता है वह सरकार को जमकर कोसता है और सरकार की मंशानुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन भी यहां मुश्किल होता है, जब कलेक्टर अर्पित वर्मा को इसी तरह का फीडबैक मिला तो उन्होंने पहली बार जिले की जनसुनवाई उसी ग्राम में की। ग्रामीण खुश नजर आए कि उनके बीच खुद प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। ‘प्रशासन गांव की ओर’ की मंशा को धरातल पर साकार करते हुए, शिवपुरी जिले के पोहरी जनपद अंतर्गत ग्राम छर्च में विशेष जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। आमजन की समस्याओं के घर-पहुँच समाधान के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने ग्रामीणों की एक-एक समस्या को गंभीरता से सुना। कलेक्टर श्री वर्मा ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए अधिकांश प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत पहुँचाई।
 इसी नवाचार के बीच कलेक्टर ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता समझने के साथ छर्च के स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल से लेकर खाद्यान्न आदि का परीक्षण भी कर लिया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों में लापरवाही और मानकों की अनदेखी पाए जाने पर उन्होंने जहां एक ओर संबंधितों  पर सख्त रुख अपनाया, वहीं बेहतर सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साहवर्धन भी किया।
जूते से मारी ठोकर झड़ गया डामर, नीचे से निकली गिट्टी, पत्थर
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने लोहरेहार की हाल ही में बनी सड़क के परीक्षण के लिए जूते से जैसे ही सड़क पर प्रहार किया तो डामर निकल पड़ा। अंदर से गिट्टी, पत्थर निकले जैसे उन्हें कलेक्टर के आने का इंतजार था।
आप समझ ही गए होंगे कि जूते की ठोकर जो सड़क नहीं सह पाई वह कितनी मजबूत होगी। बस फिर क्या था लिफाफा देखकर खत में लिखा संदेश जानने में माहिर कलेक्टर ने सड़क निर्माण की जांच की आदेश दिए हैं। कलेक्टर अर्पित ने सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप न मिलने और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने और उक्त फर्म द्वारा बनाई गई अन्य सभी सड़कों की सूची उपलब्ध कराकर उनकी गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय राज ने भी एन.डी.बी. पैकेज-07 के अंतर्गत शिवपुरी-पोहरी-कराहल-गोरस मार्ग का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। ₹236.93 करोड़ की लागत से बनने वाले इस 45 किलोमीटर लंबे मार्ग का 37.290 किलोमीटर हिस्सा वन प्रभावित क्षेत्र में आता है। 20 मई 2027 तक पूर्ण होने वाली इस परियोजना के तहत जल संरक्षण के लिए 'लोक कल्याण सरोवर' एवं 30 वाटर रिचार्ज पिट का निर्माण भी कराया जा चुका है। कलेक्टर श्री वर्मा ने जानकारी लेते हुए अधिकारियों को समय-सीमा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मरीजों का बेहतर उपचार, देखभाल और केंद्र के बेहतर संचालन के लिए की सराहना
पोहरी जनपद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छर्च का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के ओपीडी, पीएनसी वार्ड, प्रसूति कक्ष तथा टीकाकरण अनुभाग का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती महिलाओं के नियमित पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव की स्थिति और बच्चों के टीकाकरण की अद्यतन जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वर्मा ने स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत नर्स अरुणा पटेल एवं प्रमिला दुबे द्वारा मरीजों का बेहतर उपचार, देखभाल और केंद्र के बेहतर संचालन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।
स्कूल में मिला अतिक्रमण
स्कूल की जमीन पर मिला अतिक्रमण: 
कलेक्टर ने ग्राम छर्च स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा पढ़ाई का स्तर परखा। नीचे बैठे बच्चों के बेंच की व्यवस्था करने के निर्देश डीईओ को दिए। 
ऐसा किया कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तो खुश हुए ग्रामीण
छर्च गांव में आयोजित जनसुनवाई में शामिल होने जा रहे कलेक्टर अर्पित वर्मा ने संवेदनशीलता का परिचय दिया। रास्ते में कुड़ी गांव के पास ग्रामीणों को एकत्र देख उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और स्वयं उनके साथ गांव जाने वाले मुख्य मार्ग का जायजा लेने पहुंचे। ग्रामीणों ने सड़क न होने से आवागमन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में बताया। इस दौरान कलेक्टर वर्मा ने ग्रामीणों से गांव में बिजली, पेयजल, आवास, राशन वितरण, पेंशन और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी फीडबैक लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल ग्राम सचिव को गांव में उपस्थित होने के निर्देश दिए, साथ ही तहसीलदार एवं जनपद सीईओ को कुड़ी गांव में विशेष शिविर आयोजित कर सभी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश जारी किए। शिविर के दौरान राजस्व एवं सामाजिक न्याय विभाग की सेवाओं का त्वरित लाभ देते हुए कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया गया। मौके पर ही कमला पति प्रभु जाटव, खैंरू पिता कमलू जाटव, अनीता पति सुआलाल तथा गया पति करनजीत कुशवाह सहित अन्य पात्र हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। इसके साथ ही संतोष कुशवाह, ग्यारसी कुशवाह, अंजू जाटव, रामसिंह जाटव, राकेश कुशवाह एवं लाली जाटव को खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी की गई। इसके अलावा राजस्व विभाग द्वारा आवेदकों के भू-अभिलेख संबंधी आवेदनों का निराकरण करते हुए मौके पर ही फौती नामांतरण की खसरा एवं खतौनी की अद्यतन नकलें उपलब्ध कराई गईं।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण अंचलों में आमजन को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े और शासकीय कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने जनसुनवाई में प्राप्त सभी लंबित आवेदनों का एक निश्चित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए। जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय राज सहित जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।










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