एडवोकेट तिवारी द्वारा की गई शिकायत के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
यह कि, अभी कुछ दिन पूर्व मध्यप्रदेश के सागर जिले के गांवों में नकली व जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मृत्यु हुई है तथा सौ से ज्यादा नागरिक विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। निश्चित रूप से मानव जीवन के लिये अनुपयुक्त अवैध जहरीली शराब के कारण हुई मौतें प्रदेश के चरित्र पर बदनुमा दाग है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि, शिवपुरी जिले के आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारीगण ने सागर जहरीली शराब कांड से कोई सबक नहीं लिया है बल्कि उक्त वीभत्स हादसे को आपदा में अवसर के रूप में लिया है। शिवपुरी जिले के उक्त शासकीय विभागों के अधिकारीगण द्वारा सरेआम मानव जीवन के लिये अनुपयुक्त अवैध जहरीली शराब का अपने संरक्षण में खुलेआम विक्रय कराया जा रहा है क्योंकि अवैध जहरीली शराब के विक्रय के एवज में आबकारी, वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण को लाखों रूपये रिश्वत प्राप्त होती है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय का यह स्पष्ट निर्देश है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से 220 मीटर की परिधि के अंतर्गत कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जावेगी। किंतु आबकारी विभाग की सांठगांठ के चलते शिवपुरी जिले से निकलने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्ग क. 46 एवं 25 पर मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही अवैध रूप से शराब दुकानों का संचालन किया जा रहा है। शिवपुरी जिले के अंतर्गत सुभाषपुरा से लेकर बदरवास तक की सभी दुकानें मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही संचालित हो रही हैं। इस प्रकार शिवपुरी जिले के आबकारी ठेकदारों द्वारा जिला आबकारी अधिकारी व आबकारी विभाग के अन्य अधिकारीगण के साथ मिलकर अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति हेतु स्पष्ट रूप से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर "Contempt Of Court" की जा रही है।
यह कि, आबकारी विभाग की सांठगांठ के चलते प्रत्येक गांव में स्थित किराने की दुकान के माध्यम से शराब का खुलेआम विकय किया जा रहा है। कई गांव में तो स्कूलों के बगल में स्थित किराने की दुकानों से अवैध शराब का विक्रय हो रहा है। शराब ठेकेदारों व आबकारी विभाग के कर्ताधर्ताओं द्वारा अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति हेतु देश के भविष्य को दांव पर लगाया जा रहा है।
यह कि, शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि, शासकीय दुकानों से विकय होने वाली शराब पर छपे हुये एम.आर.पी. (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक मूल्य पर विकय नहीं किया जावे तथा एम. एस.पी. (न्यूनतम खुदरा मूल्य) पर भी शराब का विकय नहीं किया जावेगा किंतु आबकारी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम खुदरा मूल्य से कम दाम पर तथा शहरी क्षेत्र में एम.आर. पी. (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक मूल्य पर खुलेआम शराब विक्रय कर उपभोक्ताओं की जेब पर डकैती डाली जा रही है। सेसई व पड़ौरा शराब समूह से खुलेआम रॉयल स्टेज व्हिस्की की बोतल 400 /- रूपये में, बैगपाइपर 300/- रूपये में ऑफिसर्स चॉइस 300/-रूपये में विक्रय की जा रही है। सेसई शराब दुकान शिवपुरी से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिला आबकारी अधिकारी शिवपुरी इस तथ्य से भली-भांति परिचित हैं किंतु उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
6. यह कि, देहात थानांतर्गत कब्रिस्तान के समीप वन विभाग की जमीन पर मोहना एवं झॉसी के कुछ व्यक्तियों द्वारा लगभग 15-16 कच्चे मकान निर्मित कर लिये हैं उक्त व्यक्तियों को "कबूतरा" कहा जाता है तथा इस जाति विशेष के व्यक्तियों को कच्ची शराब (अवैध शराब) के निर्माण में महारत प्राप्त होती है। उक्त स्थान पर उक्त समुदाय के महिलाओं एवं पुरुषों द्वारा प्रतिदिन लगभग 1 लाख रूपये की अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि "कबूतरा" जाति के व्यक्ति अवैध शराब निर्माण में यरिया एवं घातक केमिकल्स का भरपूर उपयोग करते हैं। यरिया आदि से बनाई गई शराब निश्चित रूप से मानव उपयोग के लिये सर्वदा हानिकारक होती है उक्त "कबूतरा" लोग माह अप्रैल 2026 से सुनियोजित तरीके से उक्त स्थान पर रहकर लाखों रूपये की अवैध मानव उपयोग से सर्वदा अनुपयुक्त शराब का विक्रय कर रहे हैं। उक्त स्थान थाना देहात से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर शहरी क्षेत्र में स्थित है। वन विभाग के कर्मचारीगण को भली भांति यह जानकारी है कि, वन विभाग की जमीन पर खुलेआम शराब निर्माण व विकय का भारी पैमाने पर कारोबार किया जाता है। आम चर्चा है कि उक्त "कबूतरा" समुदाय के व्यक्तियों द्वारा प्रतिमाह लाखों रूपये की भारी भरकम धनराशि आबकारी विभाग, पुलिस थाना देहात व वन विभाग के अधिकारियों को दी जा रही है। जिसके एवज में शहरी क्षेत्र से लाखों रूपये की अवैध जहरीली शराब का खुलेआम विकय किया जा रहा है। उक्त केमिकल व यूरिया से बनी शराब का सस्ती होने से भारी मात्रा में लोगो द्वारा सेवन किया जाता है। उक्त घातक शराब के सेवन से शिवपुरी के माथे पर भी सागर जैसी घटना का दाग लगने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। उक्त स्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग हमारे पास सुरक्षित है।
यह कि, आप सूचित कमांक 1 मध्यप्रदेश राज्य के वाणिज्य कर विभाग के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी हैं तथा आबकारी विभाग का संचालन तथा आबकारी विभाग आपके अधीनस्थ होकर संचालित होता है। सूचित कमांक 2 मध्यप्रदेश राज्य के आबकारी विभाग के आयुक्त पद पर स्थापित हैं चूंकि थाना देहांत अंतर्गत वन विभाग की भूमि पर "कबूतरा" द्वारा लाखों रूपयेकी प्रतिदिन अवैध जहरीली शराब विक्रय की जा रही है अतः वन विभाग के जिम्मेदारों के विरूद्ध कार्यवाही करने की अधिकारिता आप सूचित कमांक 3 को है। शिवपुरी जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने का दायित्व आप सूचित क. 4 पुलिस अधीक्षक को है। हमें अपेक्षा है कि आप सूचितगण अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करेंगे तथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे।
अतः व्यापक लोकहित में सूचना पत्र प्रचलित कर आप सूचितगण से अपेक्षा की जाती है कि नोटिस में उल्लेखित लोकहित के विषय पर आप सूचितगण त्वरित कार्यवाही कर हमें उक्त कार्यवाही से अवगत करावें, यदि अवैध जहरीली शराब से किसी भी नागरिक को कोई क्षति पहुंची तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी आप सूचितगण की होगी।











सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें