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Happy Holi 2022: होली के रंग में रंगीन हुआ देश, मन में उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाएगा 18 को रंगोत्सव

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गुरुवार, 17 मार्च 2022

देश के बड़े त्योहारों में शुमार रंग पर्व होली 18 मार्च को मनाया जाएगा। 2 साल के कठिन समय के बाद कोरोना थमने के बीच आई होली इस बार जमकर मनाई जा रही है। मन में उमंग ओर उल्लास के साथ लोग होली मनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। हालांकि देश मे कोरोना से अनेक परिवार गमजदा हैं, जिनके अपने बिछुड़े गए हैं उनकी आंखों में अश्रु हैं। फिर भी लोग होली को सेलिब्रेट कर गम से दूर होना चाहते हैं। 
होली का पर्व उत्साह- आनन्द- उमंग का पर्व है। सारी बुराईयों को होलिका दहन में जलाकर आनन्द के रंग में रंग जाने का नाम ही होली है। होली बसन्त ऋतु का मुख्य पर्व है। यह जीवन में उल्लास और आनन्द का पर्व है, क्योंकि इसके बिना जीवन वीरान है। इसका होना नितांत आवश्यक है। यह जीवन का आवश्यक अंग हैं। इस पर्व में सभी जड़ चेतन- पुष्पित झंकृत पल्लवित होने लगती हैं। सभी आनन्द से गदगद हो जाते हैं। यह सनातनी व्यवस्था का सनातनी जीवन पद्धति का अभिन्न अंग है। 
प्रचलित कथा
होली और होलिका से संबंधित एक कथा प्रचलित है, जिसे नारद पुराण से लिया गया है। 
इस कथा में बताया गया है कि कैसे बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। कैसे भक्त प्रहलाद हर कष्टों से छुटकारा पाकर नरसिंह भगवान का आशीर्वाद पाता है। नारद पुराण के अनुसार, आदिकाल में हिरण्यकश्यप नामक एक राक्षस था. वह किसी देवी-देवता को ना मानकर खुद को ही भगवान मानता था। वह चाहता था कि हर कोई उसकी पूजा करे। इसी कारण उसके राज्य में हर कोई दैत्यराज हिरण्यकश्यप की ही पूजा करते थे, लेकिन राक्षस हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का सबसे बड़ा भक्त था। दैत्यराज के लिए उसका पुत्र ही सबसे बड़डा शत्रु बनता जा रहा था, क्योंकि वह सोचता था कि अगर घर का पुत्र की मेरी पूजा नहीं करेगा तो किसी दूसरे से क्या अपेक्षा रखेंगे।
18 मार्च को मनाई जाएगी होली
होलिका दहन के दूसरे दिन रंगोत्सव होली का त्योहार मनाया जाता है। होली खेलने के रंग की परंपरा प्रतिपदा तिथि में होनी चाहिए। यह पहली तिथि होनी चाहिए महीने की मगर इस बार ऐसा नहीं हो रहा है क्योंकि दूसरे दिन ही यानी कि 18 मार्च को पूर्णिमा दिन में 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगी यानी सूर्योदय में पूर्णिमा ही रहेगी। इसलिए देश में होली का पर्व 19 मार्च को सूर्योदय में मनाया जाएगा, लेकिन काशीवासी अपनी लोक परम्परा को कायम रखते हुए इस पर्व को 18 मार्च को मनाएंगे। अन्य जगह यह पर्व 19 मार्च को मनाया जाएगा।

धमाका हैप्पी होली: कायस्थ समाज का दौज पूजा एवं होली मिलन समारोह 19 मार्च को

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शिवपुरी। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा शिवपुरी द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भाई दूज एवं भगवान श्री चित्रगुप्त पूजा का आयोजन पुरानी शिवपुरी स्थित चित्रगुप्त मंदिर पर करेगा ।इस कार्यकम की अधिक जानकारी देते हुए कायस्थ महासभा के जिला अध्यक्ष देवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि  सम्पूर्ण भारत में  कायस्थ समाज द्वारा होली के बाद आने बाली भाईदूज के अवसर पर  समस्त प्राणियों के कर्मफल का लेखा जोखा रखने वाले भगवान श्री चित्रगुप्त जी का एवं कलम दवात का विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है । महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र श्रीवास्तव जी ने बताया कि इस बार दौज की तिथि दिनांक 19/3/22 से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह तक रहेगी इसलिए समाज की सर्वसम्मति एवं चित्रगुप्त मंदिर के मुख्य महंत श्री रमेश चंद्र शर्मा जी से मुहूर्त निकलवा कर कार्यक्रम की तिथि की घोषणा की है ।  दौज  पूजा के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप भगवान श्री चित्रगुप्त जी को छप्पन भोग एवं महाआरती  एवं फूल बंगला  से मंदिर को सजा कर विशेष पूजा अर्चना की जावेगी ।कायस्थ महासभा की महिला इकाई की अध्यक्ष श्रीमती यामिनी भटनागर ने भी सभी माताओं एवं बहनों से उक्त कार्यक्रम में भाग लेने हेतु परिवार सहित मंदिर पर उपस्थित रहने का आग्रह किया है।कायस्थ महासभा की युवा इकाई के जिला अध्यक्ष दुष्यंत माथुर , महासभा के महामंत्री वीकेश श्रीवास्तव एवं जिला प्रवक्ता श्री उमाचरण श्रीवास्तव ने समस्त कायस्थ बंधुओं से उक्त कार्यक्रम में सांय 5.00 बजे  अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, आज 17 मार्च की रात 9 बजकर 1 मिनट से लेकर 10 बजकर 12 मि. के मध्य

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शिवपुरी। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त आज 17 मार्च की रात 9 बजकर 1 मिनट से लेकर 10 बजकर 12 मि. के मध्य है। पण्डित विकासदीप शर्मा मंशापूर्ण ज्योतिष के अनुसार भद्रा को लेकर लोगो मे भ्रम बना हुआ है। जानकारी के अभाव मे कई विद्वान लोगो मे  भ्रम पैदा कर रहे है । भद्रा युक्त ओर भद्रा रहित का ज्ञान नही है ।
भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिये उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो परन्तु भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना चाहिये। यदि भद्रा मध्य रात्रि तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूँछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। परन्तु भद्रा मुख में होलिका दहन कदाचित नहीं करना चाहिये। धर्मसिन्धु में भी इस मान्यता का समर्थन किया गया है। धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार भद्रा मुख में किया होली दहन अनिष्ट का स्वागत करने के जैसा है जिसका परिणाम न केवल दहन करने वाले को बल्कि शहर और देशवासियों को भी भुगतना पड़ सकता है। किसी-किसी साल भद्रा पूँछ प्रदोष के बाद और मध्य रात्रि के बीच व्याप्त ही नहीं होती तो ऐसी स्थिति में प्रदोष के समय होलिका दहन किया जा सकता है। कभी दुर्लभ स्थिति में यदि प्रदोष और भद्रा पूँछ दोनों में ही होलिका दहन सम्भव न हो तो प्रदोष के पश्चात होलिका दहन करना चाहिये।
निर्णय सिंधु के भी मतानुसार होलिका दहन भद्रा रहित प्रदोष काल व्यापिनी - फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है। इस वर्ष 18 मार्च 2022 ई. को यह दोपहर 12 घं. 47 मि. पर ही समाप्त हो रही है। जबकि 17 मार्च को यह प्रदोषव्यापिनी है। परन्तु इस दिन प्रदोष काल भद्रा से व्याप्त है। और भद्रा में होलिका दहन का सर्वदा निषेध है। इस स्थिति में भद्रापुच्छ में होलिका दहन का निर्देश शास्त्र ग्रन्थों ने दिया है। अतः होलिका दहन गुरुवार 17 मार्च 2022 ई को रात्रि 9 बजकर 1 मिनट से लेकर 10 बजकर 12 मि. के मध्य होगा। इसी अवधि में होलिका करना शास्त्र सम्मत भी है।
पूर्णिमा तिथि आरंभ👉 17 मार्च दिन 01 बजकर 29 मिनट से। 
पूर्णिमा तिथि समाप्त👉 18 मार्च रात 12 बजकर 47 मिनट पर 
भद्रा पूंछ👉 रात्रि 09 बजकर 1 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक
भद्रा मुख👉 रात्रि 10 बजकर 12 मिनट से मध्यरात्री 12 बजकर 11 मिनट तक।
होलिका दहन मुहूर्त👉 गुरुवार 17 मार्च रात्रि 09 बजकर 01 मिनट से रात्रि 10 बजकर 12 मिनट तक।
रंगवाली होली (धुलण्डी)👉 18 मार्च शुक्रवार
 *पुनः ध्यान दें भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिये उत्तम मानी जाती है।* यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो परन्तु भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना चाहिये। यदि भद्रा मध्य रात्रि तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूँछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। परन्तु भद्रा मुख में होलिका दहन कदाचित नहीं करना चाहिये।
*ᴅʀ ᴠɪᴋᴀꜱ ᴅᴇᴇᴩ ꜱʜᴀʀᴍᴀ, ꜱʜʀɪ ᴍᴀɴꜱʜᴀᴩᴏᴏʀɴ ᴊyᴏᴛɪꜱʜ ꜱʜɪᴠᴩᴜʀɪ 9993462153

धमाका अपील: माँ के बाद 4 मासूम बेटियों के टिक्की वाले पिता विनोद कुशवाह ने भी तोड़ा दम, बेटियों का रो रोकर बुरा हाल, मदद के लिए बढाइये हाथ

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शिवपुरी। दुनिया में किसी 1 मासूम बच्चे के सिर से माता पिता का साया उठ जाए तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। अगर हम आपको बताएं कि एक साथ 4 मासूम बेटियों के सिर से पहले माँ और अब पिता का भी साया उठ गया तो आप समझ सकते हैं कि की उन बच्चियों पर क्या गुजर रही होगी। जिला अस्पताल के जिस पलंग पर नगर के शांतिनगर कॉलेज के सामने निवासी विनोद कुशवाह ने दम तोड़ा तो उसके पास वाले पलंग पर चारों मासूम बहिन बीती रात रोती नजर आईं। टिक्की का ठेला लगाकर इन मासूम बेटियों को पालने वाले पिता की मौत से पूरा परिवार बिखर गया है। आज उसकी अंत्येष्टि तो हो गई अब सवाल बेटियों के लालन पालन का है। कल जब जिला अस्पताल में विनोद की मौत हुई और यह मासूम बेटियां रोटी दिखाई दीं तब नगर के ऋषिकांत लखेरा ने सोशल मीडिया पर फ़ोटो टैग किये और यह दर्द बयां किया। जिन पर संज्ञान लेते हुए नगर के एक संवेदनशील व्यक्ति सक्रिय हुए और उन्होंने मुसीबत का पहाड़ टूटने के बाद खुले आसमान के नीचे आ खड़ी हुईं इन चारों बेटियों की मदद का बीड़ा उठाया। पीएम, सीएम से लेकर जिला प्रशासन से मिलने वाली सभी मदद दिलवाने के लिये मामले की जानकारी महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी राघवेंद्र शर्मा को दी गई है। यह गम्भीर मसला किसी एक बेटी का नहीं बल्कि 4 बेटियों का है और उनके सामने हिमालय सी जिंदगी खड़ी है। यही वजह है कि समाज के सबल सक्षम और धनाढ्य लोगों को इनकी मदद के लिये कदम बढ़ाना होगा तभी उनकी सार्थक मदद हो सकेगी। 
एक बेटी की उम्र 8 साल
इन चारों में एक बेटी 8 साल की है। जबकि 3 बड़ी हैं। लेकिन सभी की उम्र दुनिया दारी को समझने के लिहाज से कम है। 
यह लोग आये सामने
 इस दर्द को बाटने के लिये अब तक एक व्यक्ति का गुप्त दान, डॉक्टर शैलेन्द्र गुप्ता ने 5100, अग्रवाल मेडिकल के हरिओम अग्रवाल ने 2100, धमाका डॉट कॉम के संपादक विपिन शुक्ला ने 2100 रुपये देने का संकल्प किया है। अगर आप भी हाथ बढाना चाहें तो राघवेंद्र शर्मा सीपीओ के मोबाइल नम्बर 94257 56400 पर सम्पर्क कर सकते हैं। 

अंगवस्त्र एवम ब्रह्म के स्वर पत्रिका की भेंट

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ग्वालियर। उत्तरप्रदेश में भाजपा की प्रचण्ड जीत के प्रमुख कर्णधार प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के  निकटतम विश्वशनीय अरविंद कुमार शर्मा जी (पूर्व आईएएस पीएमओ) को राष्ट्रीय पत्रिका ब्रह्म के स्वर के प्रतिनिधि पं. जीतेंद्र डंगरोलिया द्वारा अंगवस्त्र एवम ब्रह्म के स्वर पत्रिका भेंट कर बधाई एवं शुभकामना दी उनके द्वारा पत्रिका का अवलोकन कर पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ केशव पांडेय जी को पत्रिका सफल संचालन पर बधाई एवं शुभकामना सन्देश भेंट किया एवम आगामी निर्धारित पत्रिका विमोचन कार्यक्रम में  ग्वालियर में उपस्थित होने का आश्वासन भी दिया।

धमाका साहित्य कॉर्नर: संग-संग खेलेंगे हम होली, आए जब द्वारे पर टोली रहे न तनिक मलाल सखी री: डॉ पद्मा शर्मा

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तिलक की होली
तुम सब हिल-मिल आओ सखी री 
खेलें अबीर-गुलाल सखी री 
  संग-संग खेलेंगे हम होली, 
आए जब द्वारे पर टोली 
रहे न तनिक मलाल सखी री
बुराई की होली जली, 
फगवा के गीत गाये 
होली का नगाड़ा बाजे, 
सब मगन दौड़े आये झूमें-नाचें देवें सुरताल सखीरी
 पीला मंगलकारी है, 
हरे में है फैली हरियाली 
गुलाबी में स्नेह भरा है, 
   कपोलों पे झूमत है लाली 
लागे अबीर लाल सखी री
रंग न लगाओ पानी बचाओ,       
  पानी की है किल्लत भारी
टूटे न मर्यादा अपनी, 
मर न पाए आँख का वारि 
बिन पानी सब बेहाल सखी री
रंग में दाम दूने लगिहैं, 
चमड़ी पे चकत्ता पड़िहैं
भींजे तन बीमार हुइहैं, 
लत्ता भी गीले पड़ जैहैं 
अबीर लगा, छोड़ जंजाल सखी री
अबीर में पावनता भारी, 
झूमें बच्चे नर-नारी 
तिलक बढ़ावे शोभा न्यारी
करे तिलक मालामाल सखी री
डॉ पद्मा शर्मा
प्राध्यापक 
एम एल बी महाविद्यालय ग्वालियर

धमाका: नो एंट्री में घुसा लम्पट ट्रक, सोनचिरैया होटल के पास गड्ढे में फस गया

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शिवपुरी। नगर में नो एंट्री लागू है। वाबजूद इसके कुछ बेशर्म ट्रक वाले नगर में घुस जाते हैं। आज दोपहर 12 बजे एक लम्पट ट्रक सोनचिरैया होटल के पीछे कॉलोनी में घुसता नजर आया। अंदर जाता उसके पहले ही वह मड़ीखेड़ा पेयजल सलाई को नियमित लीकेज से हुए पानी भरे गड्ढे में फंसकर रह गया। यहां आसपास की कॉलोनी में हर रोज हेवी ट्रक आते हैं। ज्यादातर रात के अंधेरे में आते हैं और बिजली के तारों से टकराते बचते हैं। 

धमाका: "होली के रंग ओशो के संग" का कल होगा शुभारंभ

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25वाँ तीन दिवसीय, ओशो ध्यान साधना शिविर
शिवपुरी।ओशो परिवार द्धारा प्रति बर्ष की भाँति बार्षिक विशिष्ट आयोजन 25वाँ तीन दिवसीय ओशो ध्यान साधना शिविर-"होली के रंग ओशो के संग"का शुभारंभ 18 मार्च को संध्या 6बजे.
 स्बामी प्रेम कृष्ण(राजेन्द्र जेन) द्धारा नवीन बनाये गये "राजमाया साधना केन्द्र"ककरवाया हाईबे शिवपुरी मे होगा.
 19, 20 मार्च ओर ओशो संबोधि दिवस 21मार्च तक प्रातः6बजे से रात्रि 8.30बजे तक विभिन्न ध्यान, साधना, नृत्य,प्रवचन के सत्रो मे होगा.रात्रि मे साँस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे गये है.उपरोक्त शिविर आवासीय है.संपूर्ण भारत से अनेक ओशो प्रेमी हिस्सेदारी निभाने आ रहे है. इस शिविर के संचालक देश-विदेश मे प्रख्यात पत्रकार ,लेखक एवं शिविर संचालक स्बामी शाशीकाँत सदैव(नई दिल्ली) है.जिन्होंने ओशो पर 34पुस्तकों का लेखक किया है.डायमंड प्रकाशन की प्रख्यात पत्रिका साधना पथ के संपादक के रुप मे प्रति बर्ष "ओशो की साधना" पर विशेषांक प्रकाशित करते है.
इसी श्रृंखला मे ओशो साहित्य प्रदर्शनी गुरुद्धारा चोराहे पर हिमाचल-सोलन के स्बामी ज्ञान अनुग्रह के निद्रेशन मे लगाई गई थी जिसका आज शाम 7बजे समापन हुआ. कल 18 मार्च से यह प्रर्दशनी शिविर स्थल पर 21मार्च तक  संचालित की रहेगी.ओशो की पुस्तकों, सी.डी.,पेनड्राइव, चित्र,स्टीगर,पोस्टर, ध्यान वस्त्र उपलब्ध है.
ओशो परिवार के स्बामी राजेंद्र जैन, गोपी कृष्ण अग्रवाल, गोपाल जी स्बर संगम,प्रेम प्रकाश सिलोरिया,जुगल किशोर चोबे,ब्रजेश गुप्ता, गोविंद गोयल,गोविंद गुप्ता, अवध नारायण बंसल, प्रमोद जी,महेश झा, राजकुमार विन्दल,डा.भूपेन्द्र विकल,रवीन्द्र गोयल,रमन अग्रवाल(साँवरिया),नीरज गर्ग,सुधीर सिन्घल, संजय गर्ग,अंकित जेन,मनोज बाबरा,हिद्रेश बडोनिया,आनंद गर्ग,हरिओम अग्रवाल,नरेश गोयल,महेश बसंल,हुकुम चंद,पुष्पेन्द्र अग्रवाल,गणेश धाकड़, अमरीक सिंह, जयवीर, धर्मवीर, आदित्य शर्मा, सुनील शर्मा, लीलू राम,संदीप,राकेश यादव, शिव सिह,सुनील यादव,ओम राज यादव, अभय जेन,जगदीश प्रजापति, राजेश विरमानी, राजेन्द्र सकलेचा "गोलू",आशीष पुराणिक, आयुष गोयल,प्रवीण श्रीवास्तव, रमेश गुप्ता, अजय जेन,मा.हरजीत विरमानी,मा.कमलेश, मा.शालू गोस्वामी,मा.प्रिया मीणा, मा.किरण शर्मा, मा.गीता शर्मा, मा.स्नेह दीप सिन्घल,मा.प्रान्शुल शर्मा, मा.हेमलता गोयल,मा.मंजू गुप्ता, मा.मंजू अग्रवाल, मा.मधु अग्रवाल, मा.दीपा गर्ग,स्बामी बिष्णु रावत,दीपक जेन,जीतू सिन्घल,गोविंद गोयल,सुधीर शर्मा, डिम्पल,रवीन्द्र श्रीवास्तव, मा.आयुषी अग्रवाल, उम्मेद सिंह झा,राजू यादव,विजय चोकसे,संजय पंडित, प्रमोद श्रीवास्तव, मा.तान्या गोस्वामी, मा.आरती परिहार, हरिओम राठोर इत्यादि 25वे शिविर को जोर शोर से आयोजित करने की तैयारियों मे जुटे है. समस्त ओशोप्रेमी शिविर मे आमंत्रित है.

रेडिऐन्ट व दून पब्लिक स्कूल ने आदिवासी बच्चों के साथ मनाई होली

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बांसखेडी में हुआ होली उत्सव, बच्चों ने की खूब मस्ती
शिवपुरी। रंग जीवन की खुशहाली का प्रतीक होते हैं और होली का त्योहार हमारे जीवन में अनेक रंग भर कर  आनंदमयी बनाने की प्रेरणा देता है। उक्त उद्गार दून पब्लिक स्कूल शिवपुरी की डायरेक्टर डॉक्टर  खुशी खान ने ग्राम बांसखेड़ी आदिवासी बस्ती में बच्चों के साथ होली उत्सव के दौरान व्यक्त किए। डायरेक्टर शाहिद खान ने बच्चों को हर्वल कलर प्रदान करते हुए रंगों के नाम याद कराए व नियमित स्कूल जाने एवं साफ.सफाई व अच्छे स्वास्थ्य के सन्देश के साथ होली की शुभकामनाऐं दीं।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष दून पब्लिक स्कूल व रेडिऐन्ट ग्रुप द्वारा बांसखेड़ी में होली का त्योहार बच्चों के साथ मनाया जाता है वहीं बच्चों को फेसमास्क, कलर, पिचकारी, मिठाइयॉ बांटी जाती हैं। 
पिचकारी पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे
जैंसे ही  दून पब्लिक स्कूल व रेडिऐन्ट ग्रुप के स्टाफ व छात्र.छात्राऐ गांव पहुंचे तो आदिवासी बच्चों ने नमस्ते करके अपनी शालीनता का परिचय देते हुए स्वागत किया जिससे सारा स्टाफ अभिभूत हो गया। रेडिऐंट व दून स्कूल के डायरेक्टर शाहिद खान, डॉक्टर खुशी खान, अखलाक खान व स्टाफ मेम्बर्स ने ग्रामीण बच्चों को फेसमास्क, कलर, पिचकारी, मिठाइयॉ बांटी तो बच्चों के चेहरे खिल उठे।
पर्यावरण बचाने का दिया संदेश
पानी कम खर्च करने के साथ ही पौधा रोपण करने व केमीकलयुक्त कलर के उपयोग न करने का संदेश मुख्य अतिथि स्थानीय समाज सेवी सरदार हरभजन सिंह व बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संयोजक गफ्फार खान ने दिया। आदिवासी बच्चों ने टेसू के फूलों से कलर बनाने की बात कहकर हम पढे.लिखे लोगों को हर्वल कलर प्रयोग की नसीहत दे दी। सभी ने बच्चों की नैसर्गिक प्रतिभा की तारीफ करते हुए शुभकामनाऐं दीं।
त्योहारों से मिलती है नई ऊर्जा
रेडिऐन्ट के कॉर्डिनेटर अखलाक खान ने कहा भारतीय त्योहार हमें उमंग और उत्साह से भर देतेहैं और होली का त्योहार तो अमीर.गरीब सभी वर्गों द्वारा मनाया जाता है। त्योहार हमे नई ऊर्जा देते हैं।
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