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#धमाका_न्यूज: शिवपुरी में कानून व्यवस्था तार-तार: महिला सामाजिक कार्यकर्ता पर लाठियों और धारदार हथियार से जानलेवा हमला, CCTV फुटेज वायरल, क्लिक लिंक

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शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर से दिल दहला देने वाली कानून व्यवस्था की नाकामी सामने आई है। यहाँ के देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत लुधावली इलाके में बदमाशों ने सामाजिक कार्यकर्ता आरती प्रजापति पर उनके घर के पास ही बर्बरतापूर्वक जानलेवा हमला कर दिया। इस वीभत्स घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। 
                  (देखिए vairal video)
ताबड़तोड़ बरसाईं 60 से अधिक लाठियां, धारदार हथियार से भी वार
घटना मंगलवार रात (या कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार सुबह) की बताई जा रही है, जब हमलावर एक कार (नंबर MP33C5052) से आए थे। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि 
पहला हमला
एक युवक हाथ में लाठी लेकर आया और उसने अकेले ही आरती प्रजापति पर ताबड़तोड़ लगभग 40 लाठियां बरसाईं।दूसरा हमला:
इसके तुरंत बाद दूसरा व्यक्ति आया, जिसने पीड़िता पर करीब 20 से 25 बार लाठियों से प्रहार किया।
महिला का क्रूर वार
बर्बरता यहीं नहीं रुकी; इसके बाद हाथ में धारदार हथियार लिए एक महिला आई। पहली नजर में लगा कि वह बीच-बचाव करने आ रही है, लेकिन उसने भी गंभीर रूप से घायल आरती पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया।
इस जानलेवा हमले में आरती प्रजापति के शरीर पर 15 से 20 गहरे घाव आए हैं। वे लहूलुहान हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
पुलिस की घोर नाकामी: पहले से दी थी जान के खतरे की लिखित शिकायत
इस पूरी वारदात ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता आरती प्रजापति ने इस बर्बर हमले से पहले ही संबंधित थाने में लिखित शिकायत पत्र दिया था। उन्होंने पुलिस को साफ तौर पर अवगत कराया था कि उनकी जान-माल को गंभीर खतरा है। इसके बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके परिणामस्वरूप अपराधियों के हौसले बुलंद हुए और उन्होंने इस वारदात को अंजाम दे डाला।
4 नामजद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज
घटना के बाद उपजे भारी आक्रोश को देखते हुए देहात थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी ज्योति बाल्मीक, उसके पति जीतू पाल, ज्योति के भाई और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति सहित कुल चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। प्राथमिक जांच में पुलिस इसे पुराना आपसी व पड़ोसी विवाद बता रही है, जबकि पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि इस हमले के पीछे साजिश के अन्य पहलू भी हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।














#धमाका_बड़ी_खबर: शिवपुरी दूध संकट, दूधियों की हड़ताल से थमी शहर की रफ्तार, संकटमोचक बनी सरकारी 'सांची डेयरी', लोग बोले जनता का फूटा गुस्सा: "हर साल का नाटक बन गई है दूधियों की हड़ताल, पहले ही आसमान छू रहे हैं दाम", कलेक्टर अर्पित वर्मा से जनता की गुहार: "कसिए शिकंजा, भरिए सैंपल"

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शिवपुरी। शिवपुरी शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दूध के दामों को बढ़ाने की मांग को लेकर स्थानीय दूधियों और डेयरी संचालकों के बीच सहमति न बनने के कारण दूधियों ने अचानक अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। शुक्रवार सुबह से ही दूधियों ने शहर की डेयरियों और आम घरों में होने वाली दूध की सप्लाई को पूरी तरह ठप कर दिया। इस अचानक उपजे संकट से आम जनता के सुबह की चाय से लेकर बच्चों के दूध तक के लाले पड़ गए। हालांकि, इस विकट स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार के सांची ब्रांड (ग्वालियर दुग्ध संघ) ने शहर को बड़ी राहत दी है।
क्यों अड़े हैं दूधिए?
दाम बढ़ाने की मांग: दूधिया संघ का कहना है कि पशु आहार, खल और चारे की बढ़ती कीमतों के कारण दूध उत्पादन की लागत काफी बढ़ गई है। ₹55 प्रति लीटर की जिद: स्थानीय दूधिए वर्तमान रेट से करीब 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर ₹55 प्रति लीटर का भाव मांग रहे हैं, जिस पर शहर के निजी डेयरी संचालक और व्यापारी राजी नहीं हैं।सप्लाई रोकी: मांगें पूरी न होने तक दूधियों ने चिंताहरण मंदिर पर बैठक कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और शहर में दूध न लाने का कड़ा फैसला किया।
'सांची' ने संकट को किया कम
शहर में अचानक दूध की किल्लत होते ही प्रशासन और ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ (जिसके अंतर्गत शिवपुरी क्षेत्र आता है) तुरंत एक्शन मोड में आ गए।अतिरिक्त काउंटर खोले: सांची ने शहर के प्रमुख चौराहों, पार्कों और सांची पार्लरों पर सुबह से ही दूध के पैकेटों का अतिरिक्त स्टॉक भिजवाना शुरू कर दिया।
पार्लरों पर लंबी कतारें
हालांकि निजी डेयरियां सूनी पड़ी रहीं, लेकिन सांची के केंद्रों पर पाश्चुरीकृत थैली वाले दूध (सांची गोल्ड, शक्ति, ताजा) को खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दूध संकट बहुत हद तक नियंत्रित
सांची द्वारा की गई इस त्वरित और सुचारू सप्लाई की बदौलत शहर के अस्पतालों, बच्चों और आम परिवारों को समय पर दूध मिल सका, जिससे हड़ताल का बड़ा असर बेअसर हो गया।
हाल ही में सांची ने बढ़ाया है किसानों का दाम
उल्लेखनीय है कि निजी बाजार में जारी खींचतान के बीच ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ (सांची) ने 21 मई 2026 से ही अपने दुग्ध उत्पादकों के लिए दूध क्रय दर को बढ़ाकर ₹840 प्रति किलोग्राम फैट कर दिया है। सांची प्रबंधन के इस फैसले से शिवपुरी जिले के हजारों रजिस्टर्ड पशुपालक किसान काफी खुश हैं और वे सांची को लगातार दूध की सप्लाई दे रहे हैं, जिसके कारण सांची के पास स्टॉक की कोई कमी नहीं रही।
वर्तमान स्थिति
शहर में निजी दूधियों की हड़ताल को लेकर प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षों (दूधिया संघ और डेयरी संचालक) के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रहे हैं। जब तक गतिरोध नहीं टूटता, तब तक नागरिकों के लिए सांची दूध ही एकमात्र और सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है।
जनता का फूटा गुस्सा: "हर साल का नाटक बन गई है दूधियों की हड़ताल, पहले ही आसमान छू रहे हैं दाम"
दूधियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन अब आम जनता का धैर्य जवाब देने लगा है। शहर के अलग-अलग वार्डों और सांची पार्लरों पर दूध के लिए लाइन में खड़े नागरिकों ने दूधिया संघ के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। आम उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि दूध जैसी आवश्यक वस्तु को रोककर आम जनता को बंधक बनाना बिल्कुल गलत है और दूधियों को हर साल किसी न किसी बहाने हड़ताल करने की आदत पड़ चुकी है।
आम नागरिकों का क्या है कहना?
पहले से ही महंगे हैं दाम: शहर के पुरानी शिवपुरी और कोर्ट रोड इलाके के निवासियों का कहना है कि शिवपुरी में पहले से ही दूध के दाम आम आदमी के बजट से बाहर हैं। ऐसे में ₹10 प्रति लीटर की और बढ़ोतरी की मांग पूरी तरह नाजायज है।
हर साल का बन गया है ढर्रा
लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल गर्मी के मौसम में दूधिया संघ लामबंद हो जाता है और कृत्रिम संकट पैदा करके दाम बढ़ाने का दबाव बनाता है।
बच्चों और बुजुर्गों पर आफत
स्थानीय गृहणियों का कहना है कि घरों में छोटे बच्चों और बीमार बुजुर्गों के लिए दूध बेहद जरूरी है। इस भीषण गर्मी में दूध न मिलने से लोग परेशान हो रहे हैं।
प्रशासन से "स्थायी समाधान" की मांग
दूधियों के इस अड़ियल रुख को देखते हुए अब शिवपुरी की जनता ने जिला प्रशासन से इस समस्या का हमेशा के लिए हल निकालने की मांग की है:
मनमानी पर लगे रोक
नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन दूधियों की इस मनमानी हड़ताल के खिलाफ सख्त कदम उठाए और दूध के दाम तय करने के लिए एक उचित सरकारी पैमाना तय करे।
सांची के बूथ बढ़ाए जाएं
लोग इस बात से बेहद खुश हैं कि सांची डेयरी ने संकट के समय पूरा साथ दिया। अब जनता की मांग है कि शहर के उन अंदरूनी वार्डों में भी सांची के अस्थाई काउंटर खोले जाएं जहाँ लोगों को दूध के लिए दूर जाना पड़ रहा है।
जनता की दोटूक: "शिवपुरी में केवल सुबह क्यों आता है दूध? रात की क्रीम निकालकर बेच रहे दूधिए"
शिवपुरी में दूधियों की मनमानी को लेकर अब शहर का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 
नागरिकों ने दूधिया संघ के उस स्याह पक्ष को उजागर किया है, जो पूरे प्रदेश में केवल शिवपुरी में ही देखने को मिलता है। जनता का कहना है कि शिवपुरी संभवतः एकमात्र ऐसा शहर है, जहां दूधिए सिर्फ सुबह ही दूध की सप्लाई करते हैं, शाम को गायब रहते हैं। इसके पीछे का जो सच सामने आया है, उसने आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों को भी हैरान कर दिया है।
रात का दूध, क्रीम गायब: जनता ने खोली पोल
• केवल एक समय सप्लाई: आम नागरिकों का आरोप है कि दूधिए शाम को जानबूझकर दूध लेकर नहीं आते। वे रात के दूध को रोककर रखते हैं और मशीनों के जरिए उसकी पूरी क्रीम (मलाई) निकाल लेते हैं।
मलाई का डबल मुनाफा, जनता को पानी
रात के दूध से महंगी क्रीम निकालकर उसे अलग से भारी दामों में बेचा जाता है। इसके बाद बिना फैट वाले उस पतले (क्रीम निकले) दूध को सुबह जनता के घरों में ऊंचे दामों पर खपाया जाता है। दाम पूरे और दूध पानी जैसा, यह खेल लंबे समय से जारी है।
डेयरी संचालक और मिठाई विक्रेता भी त्रस्त
• मनमानी से धंधा चौपट: दूधियों की इस एकतरफा व्यवस्था और हड़ताल से केवल आम उपभोक्ता ही 
  नहीं, बल्कि शहर के मिठाई विक्रेता और निजी डेयरी संचालक भी भारी घाटे में हैं।
• खोवा और मिठाई पर संकट: शादियों और गर्मी के सीजन में जब दूध व मावे की मांग सबसे ज्यादा होती है, तब दूधियों के इस अड़ियल रुख के कारण हलवाइयों का काम ठप होने की कगार पर है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा से जनता की गुहार: "कसिए शिकंजा, भरिए सैंपल"
शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने नवगत कलेक्टर अर्पित वर्मा से इस बेलगाम 
सिंडिकेट के खिलाफ तत्काल और सख्त एक्शन लेने की मांग की है:
• नियमित सैंपल जांच हो: जनता का कहना है कि प्रशासन को केवल हड़ताल खत्म कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अब समय आ गया है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को सक्रिय कर इन दूधियों के  दूध के नियमित सैंपल भरने की शुरुआत की जाए।
• मनमानी पर लगे परमानेंट ब्रेक: मिलावटखोरों और क्रीम निकालने वाले दूधियों पर जब तक भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शिवपुरी की जनता को शुद्ध और पूरा दूध  नहीं मिल सकेगा। कलेक्टर को इनकी अच्छे से खबर लेनी ही होगी।















#धमाका_न्यूज: गरिमामय समारोह में वरिष्ठ पत्रकार अशोक कोचेटा और 'अपना घर आश्रम' के अध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल सम्मानित

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शिवपुरी। शहर के नवग्रह मंदिर के पास स्थित शगुन वाटिका में वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय श्री जयकिशन शर्मा जी की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य "पत्रकारिता सम्मान समारोह" का आयोजन किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में राजनीति, समाजसेवा और पत्रकारिता जगत की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के आयोजक लालू शर्मा थे। 
लेखनी और समाजसेवा का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, जिसमें मुख्य रूप से:
वरिष्ठ पत्रकार अशोक कोचेटा:
समाज और निष्पक्ष पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय व अनुकरणीय योगदान के लिए पत्रकार अशोक कोचेटा जी को "वरिष्ठ पत्रकार स्व. श्री जयकिशन शर्मा पत्रकारिता सम्मान 2026" से नवाजा गया।
रमेश चंद्र अग्रवाल (अध्यक्ष, अपना घर आश्रम): 
बेसहारा, लावारिस, और अनाथ लोगों (प्रभुजी) की नि:स्वार्थ सेवा करने तथा उन्हें आश्रम में नया जीवन देने के उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए 'अपना घर आश्रम' शिवपुरी के अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र अग्रवाल का भी विशेष सम्मान किया गया। उनके साथ राजेंद्र गुप्ता, एस के एस चौहान भी मौजूद थे। 
सिद्धांतों की पत्रकारिता के स्तंभ थे जयकिशन शर्मा
समारोह में जयकिशन के साथ पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकार विपिन शुक्ला मामा, वीरेंद्र भुल्ले, मुकेश जैन सहित उपस्थित अतिथियों ने स्वर्गीय जयकिशन शर्मा के जीवन और उनके कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि वे न केवल अपनी तेज-तर्रार लेखनी और कलम के धनी थे, बल्कि पत्रकारों के समूह को कुशल नेतृत्व देने में भी माहिर थे। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही आज शिवपुरी की पत्रकारिता सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई है।
कार्यक्रम में ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में निम्नलिखित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे:
डॉ. राघवेंद्र शर्मा (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश योग आयोग - मुख्य अतिथि), श्री जसमंत जाटव (भाजपा जिलाध्यक्ष, शिवपुरी), श्री कैलाश कुशवाहा (विधायक, पोहरी), श्री राजू बाथम (पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा), श्री सुरेंद्र शर्मा बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष, श्री धैर्यवर्धन शर्मा बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता, योगेन्द्र बंटी, प्रमोद भार्गव (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार), श्री अनुपम शुक्ला (वरिष्ठ पत्रकार), विपिन शुक्ला मामा का धमाका चीफ एडिटर, वीरेंद्र भुल्ले, मुकेश जैन, योगेंद्र जैन, रणजीत गुप्ता, अतुल गौड, विजय चौकसे, रसीद खान, जैकी खान, राजू यादव, मणिकांत शर्मा, संजय ढींगरा, विजय बिंदास, किरण शर्मा, राजू शर्मा आदि मौजूद थे। कुशल संचालन गिरीश मिश्रा मामा ने किया।
















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