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#धमाका_शोक_खबर: पवन शर्मा, राजीव शर्मा के पिता श्री ओमप्रकाश शर्मा (डाक वाले, सिरसौद) का निधन, अन्तिम यात्रा 29 अप्रैल, बुधवार को प्रातः 8 बजे, निज निवास शक्ति कॉलोनी (सिद्धेश्वर) से मुक्तिधाम शिवपुरी प्रस्थान करेगी

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शोक संदेश 
शिवपुरी। अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि पवन शर्मा, राजीव शर्मा के पूज्य पिताजी श्री ओमप्रकाश शर्मा जी (डाक वाले, सिरसौद) का गोलोकवास (स्वर्गवास) आज दिनांक 28 अप्रैल को हो गया है। 
जिनकी अन्तिम यात्रा 29 अप्रैल, बुधवार को  प्रातः 8 बजे, निज निवास शक्ति कॉलोनी (सिद्धेश्वर) से मुक्तिधाम शिवपुरी प्रस्थान करेगी।













#धमाका_खास_खबर; द ग्रेट सिंधिया ने कहा था, एसी के बिना चलता हूं कार में, राजा दिग्विजय सिंह ने की महाराजा की तारीफ, एक तीर से किए दो शिकार

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गुना। राधौगढ़ के राजा साहब पूर्व सीएम दिग्विजय जी ने केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ करते हुए एक तीर से दो शिकार किए हैं। मसला AC का है, यानि कि शिवपुरी के दौरे के दौरान द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी कार में एसी न चलाने का जिक्र किया था। इसी बात को लेकर राजा साहब ने महाराज की तारीफ तो की लेकिन भाजपा के नेताओं पर कटाक्ष करना नहीं भूले। बहुत दिनों बाद राजा साहब दिग्विजय सिंह की कोई गुगली देखने मिली है।
ये किया है ट्वीट
Digvijaya Singh
@digvijaya....
महाराज की जय हो। @BJP4India के सभी नेताओं को महाराज से सीखना चाहिए। सभी भाजपा के नेताओं की Air Condition Car वापस ले लेना चाहिए और उन सभी को अपनी जेब में प्याज ले कर चलना चाहिए। @JM_Scindia जी जिनका जन्म इतने बड़े राज घराने में हुआ वे जिस सादगी का परिचय दे रहे हैं जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। जय सिया राम।
@INCIndia @INCMP @DccGuna
@JVSinghINC @RSSorg @BJP4MP
@CMMadhyaPradesh @narendramodi
@AmitShah x.com/Vtxt21/status/...













#धमाका_धर्म: ग्राम खड़ीचा में श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर जी (वृंदावन धाम) के मुखारविंद से बहेगी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान की गंगा

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करेरा। करैरा अनुभाग के अंतर्गत ग्राम खड़ीचा में दिनांक 1 से 8 मई 2026 तक श्रीमद् भागवत कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। हाकिम सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पावन अवसर पर 11 कन्याओं का विवाह, नवचंडी दुर्गा पाठ, श्री रामायण पाठ, श्री राम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा एवं विशाल यज्ञ का आयोजन भी श्रद्धा एवं विधि-विधान से संपन्न होंगा।
इस पुण्य आयोजन में कथा व्यास के रूप में राष्ट्रीय वक्ता श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर जी (वृंदावन धाम) पधार रहे हैं, जिनके मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त होगा।
सभी श्रद्धालु भक्तों से सादर अनुरोध है कि वे अपने परिवार एवं इष्ट मित्रों सहित इस दिव्य आयोजन में प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक पधारकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं आयोजन की शोभा बढ़ाएं।











#धमाका_बड़ी_खबर: आखिर कौन है वो जो नहीं चाहता शिवपुरी के पर्यटन को लगे पंख!, जब देख रहे थे गांव की तरफ जाते तभी क्यों नहीं किया रेस्क्यू, अब बाघिन एमटी-6 का तीसरी बार रेस्क्यू कर बाड़े में छोड़ा

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शिवपुरी। बाघिन एमटी-6 का तीसरी बार रेस्क्यू किया गया है, उसे बाड़े में फिर से छोड़ दिया गया है। ऐरावन गांव के एक व्यक्ति का हिंसक वन्य प्राणी ने शिकार कर लिया था। ग्रामीणों ने बाघिन द्वारा शिकार का दावा किया। उन्होंने ट्रैफिक जाम कर दिया था। पार्क प्रबंधन ने बाघिन की लोकेशन भी उसी क्षेत्र में होना स्वीकार की थी रिजर्व ने आशंका जताई थी। जिसके बाद एक बार फिर बाघिन पकड़ ली है। टाइगर रिजर्व की टीम ने 27 अप्रैल की सुबह रेस्क्यू किया। उसे फिर से वापस बाड़े में छोड़ दिया गया है।
बता दें कि बांधवगढ़ से रेस्क्यू कर टाइगर रिजर्व शिवपुरी में छोड़ी गई बाघिन बार-बार आबादी क्षेत्र में पहुंच रही है। दो बार पहले भी रेस्क्यू कर उसे बाड़े में रखा गया था। इसके बाद भी बाघिन को जंगल रास नहीं आ रहा। 
बाघिन बाड़े में रहेगी या बाहर भेजेंगे, निर्णय नहीं
बाघिन को तीसरी बार बाड़े में लाकर रखा गया है। यह बाघिन बार-बार आबादी क्षेत्र में पहुंच रही है। 27 अप्रैल को राजस्व सीमा से रेस्क्यू किया गया है। अब यह बाघिन बाड़े में ही रहेगी या फिर बाहर भेजी जाएगी। इस पर अधिकारियों ने निर्णय स्पष्ट नहीं किया है।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप 
आखिर रिजर्व प्रबंधन लापरवाही पर क्यों उतारू है। जब बाघिन की निगरानी की जा रही थी तो आखिर कैसे बाघिन वापस ऐरावन के जंगल में पहुंच गई। इसी बीच नदी किनारे नहाने गए सरमन आदिवासी (50) का हिंसक प्राणी ने शिकार कर लिया। सवाल ये है कि अगर बाघिन आबादी की तरफ जा रही थी तो उसे हाथियों से उधर जाने से क्यों नहीं रोका अगर नहीं रुकी तो ट्रेंकुलाइज पहले ही क्यों नहीं किया गया शायद ये घटना टल जाती। ऐसा करना इसलिए भी आवश्यक था कि चंद रोज पहले इसी ग्राम में भैंस का शिकार बाघिन ने किया था। स्थिति की संवेदनशीलता क्यों नहीं समझी गई। लोगों का कहना है कि देश में रणथंभोर, कार्बेट, पन्ना, बांधवगढ़ आदि ऐसे टाइगर रिजर्व हैं जहां पर्यटन से अच्छा खासा व्यापार होता है। फिर शिवपुरी में पर्यटन मंशा पर आखिर कौन भारी है? कौन है जो शिवपुरी में देश विदेश के पर्यटकों को आने से रोकना चाहता है। सवाल ये भी है कि मानव और वन्य जीवो की मौजूदगी हर रिजर्व में देखी जाती है तो अकेले शिवपुरी में क्या परेशानी है जो जनता के बीच पर्यटन को लेकर विष बेल वो रहा है।













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