Responsive Ad Slot

Latest

latest

Bhopal

bhopal

Delhi

delhi

Shivpuri

shivpuri

Crime

crime

Politics

politics

VIDEO

video

News By Picture

pictures

#धमाका_धर्म: फिजिकल इलाके में डीजे बंद कराने पहुंची पुलिस पर आरोप, लोग बोले, दो प्रधान आरक्षक शराब पीकर माता के पंडाल में घुसे, लोग गुस्साए, घेरा थाना

कोई टिप्पणी नहीं
shivpuri शिवपुरी। शिवपुरी नगर के फिजिकल थाना क्षेत्र में डीजे को लेकर बीती रात खासा विवाद हो गया, यहां डीजे के शोर की शिकायत पर जब दो प्रधान आरक्षक डीजे बंद कराने पहुंचे तो उन पर शराब पीकर माता के पंडाल में घुसने का आरोप लगाते हुए लोगों ने थाना घेर लिया। जय जय श्री राम के नारे लगाते हुए लोग थाना परिसर में नजर आए। लोगों ने बताया कि इस तरह फिजिकल थाना के पास डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद उस वक्त बड़ा हो गया जब स्थानीय लोगों ने पुलिस के दो प्रधान आरक्षकों पर गंभीर आरोप लगा दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फिजिकल थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक अंकित राजावत और सुशील जाट पर आरोप है कि उन्होंने शराब के नशे में माता के पंडाल में घुसकर अभद्रता की। इसका विरोध करने पर दोनों पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद लोगों से मारपीट की जिससे इलाके में हंगामा मच गया। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने रात में ही फिजिकल थाने का घेराव कर दिया और दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
              (देखिए vairal video)
लोगों का कहना है कि त्योहार के समय पुलिस का इस तरह का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीजे तेज, देर रात तक बजाने पर रोक
आपको बता दें कि नगर में गणेश चतुर्थी के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर सोशल प्लेटफॉर्म पर लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई थी नतीजा नव दुर्गा में सामने आया जब पुलिस ने डीजे संचालकों को तलब कर कहा कि तेज आवाज और देर रात डीजे बजाया तो जब्त होगा। कल सुबह ही पुलिस ने बैठकों में ये चेतावनी दी और रात को जब फिजिकल इलाके में तेज आवाज में डीजे की शिकायत सामने आई तो पुलिस मौके पर गई लेकिन उस पर शराब सेवन के लांछन लगाए जा रहे हैं। बता दें कि फिजिकल पुलिस पर पहले से ट्रेनर मोनू के साथ कथित मारपीट के आरोप लगाए गए है जिसकी जाँच जारी है। 
साहब, नियम सबके लिए बराबर कीजिए न!
इधर जनता की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है उसका कहना है कि सभी धर्मों के लिए नियम पालन एक जैसे कीजिए। कोई दिन भर शहर जाम करता है, कोलाहल से आसमान चीरता है और उन्हें कोई रोकता टोकता नहीं जबकि नवदुर्गा या गणेश चतुर्थी में नियम याद आते हैं।
एक तरफ पुलिस दूसरी तरफ आयोजक
डीजे संचालकों का कहना है कि एक तरफ पुलिस का खौफ है तो दूसरी तरफ ग्राहक मनमर्जी करते है अगर रोको तो झगड़ा होता है और पैसे खतरे में पड़ जाते हैं। 
जागरूक लोग बोले, डीजे के हैवी स्पीकर पहले से हटवाए
नगर के जागरूक लोगों का कहना है कि डीजे आफ़त बन गए हैं। उनके हेवी माइक स्पीकर पहले ही पुलिस जब्त करे जिससे आवाज अपने आप कम रहेगी लेकिन त्यौहार या शादियों में बुकिंग के बाद ज्ञान देना बेकार है।











#धमाका_धर्म: नवरात्रि में बाहर से आने वाले डीजे पर प्रतिबंध! शिवपुरी पुलिस का सख्त फरमान, नियम तोड़े तो आयोजक और संचालक दोनों पर होगी FIR

कोई टिप्पणी नहीं
* शांति समिति की बैठक में सभी डीजे संचालकों और आयोजकों को बुलाकर दी सख्त हिदायत, तेज बेस और निर्धारित समय के बाद डीजे बजाने पर भी होगी कार्रवाई; महाराजा डीजे और रंग इवेंट्स को भी दी समझाइश
शिवपुरी। नवरात्रि और दशहरा पर्व पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिवपुरी पुलिस ने डीजे संचालन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। आज आयोजित शांति समिति की बैठक में सभी डीजे संचालकों और आयोजनकर्ताओं को बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बाहर से आने वाले डीजे प्रतिबंधित रहेंगे। इसके साथ ही डीजे की आवाज, बेस और समय-सीमा को लेकर भी नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर डीजे संचालक के साथ संबंधित आयोजक के खिलाफ भी एफआईआर सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कंट्रोल रूम में हुई बैठक, तीनों थाना प्रभारी रहे मौजूद
पुलिस कंट्रोल रूम में दोपहर 12 बजे आयोजित बैठक में एसडीओपी सचिन धुर्वे, कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे, देहात थाना प्रभारी विकास शादा और फिजिकल थाना प्रभारी अविनाश सिंह राठौर मौजूद रहे। बैठक में सभी डीजे संचालकों और आयोजनकर्ताओं को नवरात्रि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के नाम पर मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाहर से डीजे लाने पर प्रतिबंध के साथ ध्वनि सीमा और समय-सीमा से जुड़े निर्देशों का पालन करना होगा।
तेज आवाज और भारी बेस पर भी रहेगी निगरानी
बैठक में डीजे संचालकों को कम आवाज और कम बेस में, निर्धारित नियमों के अनुरूप ही डीजे चलाने की हिदायत दी गई। तेज आवाज, भारी बेस और तय समय के बाद डीजे बजाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर केवल डीजे संचालक ही नहीं, बल्कि संबंधित आयोजनकर्ता भी कार्रवाई के दायरे में आएगा।
महाराजा डीजे को भी समझाइश
बैठक के दौरान महाराजा डीजे को भी समझाइश दी गई। पुलिस अधिकारियों ने सभी संचालकों और आयोजकों को निर्देश दिए कि वे ध्वनि सीमा, समय-सीमा और अन्य निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करें। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
दुर्गा पंडालों से विसर्जन तक पुलिस की नजर
नवरात्रि के दौरान दुर्गा पंडालों, गरबा-डांडिया कार्यक्रमों और अन्य धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दशहरा जुलूस और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान यातायात, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की निगरानी भी की जाएगी।
पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नवरात्रि और दशहरा पर्व श्रद्धा एवं उत्साह से मनाएं, लेकिन नियमों की अनदेखी न करें। बाहर से आने वाले डीजे पर प्रतिबंध और ध्वनि संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस लगातार निगरानी रखेगी।











#धमाका_खेल: 400 मीटर रिले रेस में जबलपुर अव्वल तो महज 50 मिली सेकेण्ड के अंतर से ग्वालियर की टीम पहुंची दूसरे पायदान पर

कोई टिप्पणी नहीं
* 70 वी एथलेटिक्स प्रतियोगिता का समापन कल, 11 बजे भव्य समारोह में होगा पुरस्कार वितरण
शिवपुरी। 7 अक्टूबर से शहर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया खेल परिसर में दर्शक रफ्तार और रोमांच की यात्रा का अनुभव जिस 17 वर्षीय बालक-बालिका  एथलेक्टिस प्रतियोगिता में कर रहे थे वह अब खिताबी मुकाबलों के अंतिम दौर के साथ समापन की ओर बढ़ गई है। एथलेक्टिस की शेष रही विधाओं के फायनल मुकाबले शनिवार को जब खेल परिसर में खेले गए थे तो उत्साह और उमंग चरम पर जा पहुंचा। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बालक 400 मीटर रिले रेस के फायनल मुकाबले में जबलपुर की टीम ने इसे 45.95 सेकेण्ड में पूरा करके  पहला स्थान हासिल किया लेकिन प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाइए कि महज 1 सेकेण्ड नहीं बल्कि 50 मिली सेकेण्ड के अंतर से ग्वालियर संभाग की टीम दूसरे पायदान पर रह गई। उसने यह दौड़ 46.45 सेकेण्ड में पूरी की। जबलपुर की टीम में जहां बृजेश धुर्वे, केशव केसरी, हिमांशु कुमार व आयुष लोधी ने दमखम दिखाया तो ग्वालियर की टीम में डी रघुवंशी, मोहित कुशवाह, शुभम दांगी व नरोत्तम तोमर की चौकड़ी ने निकटवर्ती मुकाबला किया। वहीं उज्जैन की टीम 45.99 सेकेण्ड के साथ तीसरे स्थान पर रही। पाँच दिवसीय इस प्रतियोगिता का समापन रविवार सुबह 11 बजे भव्यता के साथ आयोजित होगा। जहां अतिथिगण विजेताओं सहित विभिन्न संभागों की टीमों के साथ आए कोच, मैनेजर व अन्य ऑफिशियल्स को तो पुरस्कृत करेंगे ही साथ ही इस अभूतपूर्व प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित संपन्न कराने वाली विभिन्न समितियों के सदस्य भी सम्मानित होंगे। शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव के निर्देशन व जिला क्रीड़ा चंद्रशेखर बेमटे के मागदर्शन में समिति सदस्य बीईओ मनोज निगम, प्राचार्य राजेश कम्ठान, एनके जैन, आरपी जाटव, अजय बाथम, भगवती प्रसाद शर्मा, बीआरसीसी अंगद सिंह तोमर, नीरज सरैया, दीपक मांझी, कपिल दुबे, मनोज गुप्ता, राजू जाट, यादवेन्द्र चौधरी, राघवेन्द्र रघुवंशी, संस्कार मिश्रा, अभिषेक सक्सेना, पूर्व क्रीड़ा अधिकारी महेन्द्र तोमर, ओपी शर्मा, बसंत शर्मा, राकेश शर्मा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
बॉक्स
बालक पोल बोल्ट से लेकर ट्रपल जम्प व 200 मीटर रेस में उज्जैन का दबदबा
प्रतियोगिता के मीडिया प्रभारी नीरज सरैया ने बताया कि आखिरी दिन आधा दर्जन से अधिक एथलेक्टिस विधाओं के फायनल मुकाबले खेले गए और अधिकांश में उज्जैन संभाग के खिलाडिय़ों का दबदबा रहा। बालक पोल बोल्ट में उज्जैन के सौरभ ने प्रथम वहीं उज्जैन के ही कृष्णा मीणा ने दूसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह बालिका ट्रपल जंप में उज्जैन की बैशाली पहले व ग्वालियर की आसी कसेरा दूसरे स्थान पर रहीं। 200 मीटर बालिका दौड़ में भी उज्जैन ने बाजी मारी और यहां की मनस्वी तिवारी पहले जबकि रीवा की स्नेहा यादव दूसरे व इंदौर की निहारिका उपाध्याय तीसरे स्थान पर रहीं। बालक 200 मीटर दौड़ में भी उज्जैन के हर्ष माहेश्वरी पहले पायदान पर रहे जबकि ग्वालियर के शुभम दांगी दूसरे व जनजातीय कार्य विभाग के बबलू जमरा ने तीसरा स्थान हासिल किया। इधर बालिका शॉर्ट पुट में इंदौर की दामिनी यादव ने पहला जबकि भोपाल की अनंता चौहान ने दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं बालक वर्ग शॉर्ट पुट में रीवा के संयोग  पाठक पहले व ग्वालियर का आदित्य दांगी दूसरे स्थान पर रहे जबकि 3000 मीटर बालिका दौड़ में जबलपुर की अनुश्री पहले, भोपाल के प्रांजल गहलोत दूसरे व उज्जैन के हंसा तीसरे स्थान पर रहे। जबकि बालक वर्ग 3000 मीटर दौड़ में सागर के रूद्रांक्ष कुर्मी पहले, भोपाल के वीरम सिंह दूसरे व जबलपुर के लविश कुमार तीसरे स्थान पर रहे।










#धमाका_धर्म: शारदीय नवरात्रि आज से, सम्पूर्ण पूजन विधि, घटस्थापना मुहूर्त, नौ देवियों के भोग एवं दान

कोई टिप्पणी नहीं
॥ ॐ श्री दुर्गायै नमः ॥
घटस्थापना (कलश स्थापना) के शुभ मुहूर्त
घटस्थापना सदैव प्रतिपदा तिथि और शुभ लग्न में की जाती है। चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का त्याग शास्त्रसम्मत माना गया है।
 * प्रातःकाल शुभ मुहूर्त: सूर्योदय के उपरांत द्वि-स्वभाव लग्न (कन्या लग्न) में कलश स्थापना अत्यंत प्रशस्त मानी जाती है।
 * अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ): दोपहर ११:४५ से १२:३५ के मध्य (यह किसी भी दिन बिना दोष का सर्वमान्य मुहूर्त होता है)।
प्रातः 07 : 11 से 12: 30 तक चल , लाभ, अमृत महूर्त शुभकाल है ।
दोपहर में 01:30  से 3 बजे शुभ काल है ।
घटस्थापना एवं पूजन सामग्री
 वेदी एवं कलश हेतु: शुद्ध बालू/रेत, मिट्टी की वेदी, सात प्रकार के धान्य (सप्तधान्य: जौ, गेहूं, तिल आदि), तांबे या मिट्टी का कलश, आम या अशोक के पत्ते, मौली (कलावा), रोली, अक्षत, सुपारी, सिक्का, ढक्कन (पूर्णपात्र), साबुत चावल, पानी वाला नारियल और लाल वस्त्र।
 पूजन सामग्री:--  गंगाजल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), लाल पुष्प, गुड़हल की माला, धूप, घी का अखंड दीपक, इत्र, लौंग, इलायची, कपूर, पान के पत्ते, मिष्ठान्न, ऋतुफल और श्रृंगार सामग्री (सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, चुनरी)।
प्रामाणिक पूजन विधि (क्रमवार)
 पवित्रिकरण व संकल्प: पूजा स्थान को गंगाजल से पवित्र कर उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। हाथ में जल, अक्षत व सिक्का लेकर नौ दिनों के व्रत व पूजन का संकल्प लें।
जौ बोना (सप्तधान्य वेदी): चौकी के पास मिट्टी की वेदी बनाकर उसमें सप्तधान्य और जौ बोएं।
 कलश स्थापना:-- कलश पर स्वास्तिक बनाकर कलावा बांधें। उसमें जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का, हल्दी की गांठ व दुर्वा डालें। कलश के मुख पर आम/अशोक के पल्लव रखें, ऊपर चावल से भरी कटोरी (पूर्णपात्र) रखें और लाल वस्त्र लपेटकर नारियल स्थापित करें (नारियल का मुख साधक की ओर हो)।
अखंड ज्योति स्थापना: शुद्ध घी या तिल के तेल का अखंड दीपक आग्नेय कोण में प्रज्वलित करें।
षोडशोपचार पूजन: माँ भगवती का ध्यान कर आह्वान, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, पंचामृत स्नान, वस्त्र, उपवस्त्र, गंध (रोली-चंदन), अक्षत, पुष्प-माला, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), तांबूल (पान-सुपारी) एवं दक्षिणा अर्पित करें।
 * पाठ एवं आरती: दुर्गा सप्तशती का पाठ या नर्वाण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे) का जप करें। अंत में कपूर से आरती करें और क्षमा याचना करें।
नवदुर्गा: नौ तिथियों के विशेष भोग, मंत्र एवं फलदायी दान
| दिन | तिथि | देवी स्वरूप | विशेष प्रिय भोग | राशि अनुसार / अभीष्ट दान |
प्रथम तिथि प्रतिपदा ,माँ शैलपुत्री  शुद्ध गाय का घी |,गौ सेवा हेतु चारा, घी या तांबे का पात्र 
द्वितीय द्वितीया माँ ब्रह्मचारिणी  शक्कर, मिश्री या पंचामृत  सफेद वस्त्र, चांदी, शक्कर या विद्या दान 
तृतीय  तृतीया  माँ चंद्रघंटा  गाय के दूध की खीर या पेड़ा  दूध, चावल, सफेद मिठाई या कांसी का बर्तन 
चतुर्थ चतुर्थी |₹ माँ कुष्मांडा  मालपुआ  कुम्हड़ा (पेठा), हरी मूंग दाल या वस्त्र 
पंचम  पंचमी  माँ स्कंदमाता केला या पीला फल पीला वस्त्र, चने की दाल या स्वर्ण/पीतल 
षष्ठ  षष्ठी माँ कात्यायनी  शुद्ध मधु (शहद) शहद, लाल वस्त्र, गुड़ या अनार 
सप्तम सप्तमी  माँ कालरात्रि  गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई  काले तिल, उड़द दाल, सरसों का तेल या लोहा 
अष्टम अष्टमी माँ महागौरी नारियल या हलवा-चना  कन्या भोजन, चुनरी, सुहाग सामग्री या चांदी 
नवम नवमी  माँ सिद्धिदात्री हलवा, पूड़ी, काले चने व खीर  अन्नदान, नव कन्या पूजन एवं दक्षिणा 
कन्या पूजन एवं पूर्णाहुति
कन्या पूजन: महाअष्टमी या महानवमी के दिन २ से १० वर्ष की नौ कन्याओं और एक बटुक (भैरव रूप) का पाद्य पूजन कर उन्हें हलवा, पूरी, चना और मौसमी फल का भोग लगाएं। दक्षिणा और उपहार देकर चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
हवन एवं पूर्णाहुति: नवमी तिथि पर नवग्रह, कुलदेवी और महामाया के निमित्त हवन कर पूर्णाहुति दें और कलश के पवित्र जल का पूरे भवन में छिड़काव करें।
ज्योतिषीय परामर्श एवं समाधान हेतु संपर्क:
श्री मंशापूर्ण ज्योतिष केंद्र & शोध संस्थान
शिवपुरी (म.प्र.)
मो. 9993462153











© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129