शिवपुरी। अगर आपके व्हाट्सएप पर भी किसी दोस्त या रिश्तेदार की शादी का डिजिटल इन्विटेशन कार्ड आया है, तो उसे खोलने की गलती कतई न करें। शिवपुरी में साइबर ठगों ने ठगी का एक बेहद शातिर और नया तरीका निकाला है, जिससे पलक झपकते ही लोगों के बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। इसका एक जीवंत प्रमाण हाल ही में सामने आई इस व्हाट्सएप चैट से मिलता है।
एक्सक्लूसिव चैट से समझें कैसे बुना गया जालसामने आए व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट में साफ देखा जा सकता है कि हैकर्स किस तरह मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं:
*'WEDDING INVITATION CARD.apk' का जाल: सबसे ऊपर WEDDING INVITATION CARD.apk (2.7 MB) नाम की एक फाइल दिखाई दे रही है। यह कोई फोटो या पीडीएफ नहीं, बल्कि एक खतरनाक वायरस (.apk फाइल) है।
*सूझबूझ से टला बड़ा हादसा: थोक सब्जी व्यापार संघ के अध्यक्ष इरशाद राइन का अकाउंट हैक कर जब यह फाइल 'मामा का धमाका न्यूज' के चीफ एडिटर विपिन शुक्ला (मामा) को भेजी गई, तो उन्होंने समझदारी दिखाई। उन्होंने रिप्लाई किया— "भाई जी प्रणाम, शादी कार्ड ओपन नहीं हो रहा। आप तारीख और जगह लिख दीजिए।"
*हैक होने की पुष्टि और थाने में शिकायत: इसके जवाब में पीड़ित इरशाद खान की तरफ से मैसेज आता है— "भैया मेरा मोबाइल किसी ने हैक कर लिया था... मैंने थाने पर आवेदन भी दे दिया है..."। अंत में शुक्ला जी का जवाब आता है— "बच गया भाई", जो यह बताता है कि थोड़ी सी सतर्कता ने उन्हें कंगाल होने से बचा लिया।
रात के अंधेरे में दुकानों के QR कोड भी बदले
ठगों का आतंक सिर्फ मोबाइल स्क्रीन तक सीमित नहीं है। शिवपुरी के राजेश्वरी रोड पर हैकर्स ने रातों-रात कई दुकानों के बाहर लगे गूगल पे (Google Pay) और फोनपे (PhonePe) के क्यूआर कोड के ऊपर अपने स्टिकर चिपका दिए। दिनभर ग्राहकों द्वारा किया गया भुगतान सीधे दुकानदारों के बजाय ठगों के खातों में जाता रहा। शाम को जब इसका खुलासा हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई।
खुद को सुरक्षित रखने के 4 अचूक उपाय
एक्सटेंशन पर नजर रखें:
असली शादी के कार्ड या निमंत्रण पत्र हमेशा .jpg, .jpeg, .png या .pdf फॉर्मेट में होते हैं। किसी भी फाइल के पीछे .apk लिखा दिखे तो उसे भूलकर भी टच न करें।
दुकानदार हर सुबह करें जांच:
सभी व्यापारी भाई सुबह दुकान खोलते ही अपने काउंटर पर लगे क्यूआर कोड को भौतिक रूप से चेक करें कि उस पर कोई दूसरा स्टिकर तो नहीं चिपका है। शाम को स्कैनर अंदर रखना न भूलें।
पेमेंट से पहले नाम पूछें:
ग्राहक जब भी दुकानों पर ऑनलाइन पेमेंट करें, तो स्क्रीन पर आ रहे नाम की पुष्टि एक बार दुकानदार से जरूर कर लें।
व्हाट्सएप टू-स्टेप वेरिफिकेशन:
अपने व्हाट्सएप को सुरक्षित करने के लिए सेटिंग्स में जाकर टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification) को तुरंत ऑन करें।
अलर्ट: यदि आप या आपका कोई परिचित ऐसी किसी धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
























































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