Responsive Ad Slot

Latest

latest

Bhopal

bhopal

Delhi

delhi

Shivpuri

shivpuri

Crime

crime

Politics

politics

VIDEO

video

News By Picture

pictures

#mamakadhamakanews: लायंस क्लब शिवपुरी राइजर्स ने किया जोन चेयरपर्सन्स का समारोह आयोजित कर भव्य सम्मान

कोई टिप्पणी नहीं
* डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन आशुतोष वशिष्ट द्वारा नियुक्त जोन चेयरपर्सन्स लायन पुनीत गोयल एवं लायन सौरभ जैन सांखला का हुआ अभिनंदन
शिवपुरी, 4 अगस्त 2026
लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3233-E1 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन आशुतोष वशिष्ट द्वारा नवनियुक्त जोन चेयरपर्सन्स के सम्मान में लायंस क्लब शिवपुरी राइजर्स के तत्वावधान में एक भव्य फेलिसिटेशन समारोह का आयोजन शिवपुरी में किया गया।

कार्यक्रम में लायन पुनीत गोयल एवं लायन सौरभ जैन सांखला_ को पुष्पमाला एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में डिस्ट्रिक्ट की सेवा गतिविधियों को नई ऊर्जा एवं नई दिशा मिलेगी।
वक्ताओं ने कहा कि शिवपुरी के लिए यह गर्व का विषय है कि नगर के दो सदस्य एक साथ जोन चेयरपर्सन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व पर नियुक्त हुए हैं। यह शिवपुरी में लायनिज़्म की सक्रियता और समर्पण का प्रतीक है।
इस गरिमामय अवसर पर क्लब के अध्यक्ष लायन सीए अखिल गोयल, सचिव लायन शांतनु जैन, कोषाध्यक्ष लायन सेतु अग्रवाल के साथ-साथ लायन गौरव खंडेलवाल, लायन गोपेंद्र जैन, लायन सूरज बंसल, लायन सत्यनारायण अग्रवाल, लायन अनुज गोयल, लायन संदीप अग्रवाल, लायन राघव राठी, लायन कपिल सहगल, लायन गजेंद्र शिवहरे, लायन पवन जैन, लायन अमन चौधरी, लायन संजीव ढींगरा, लायन अर्पित बंसल, लायन महेश हरियाणी एवं लायन सुनील बिसानी सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण, शुभकामनाओं एवं हाई-टी के साथ हुआ। अंत में लायंस क्लब शिवपुरी राइजर्स ने दोनों नव-नियुक्त जोन चेयरपर्सन्स के सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की कामना की।
















#mamakadhamakanews: परशुराम मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ एवं आरती का हुआ आयोजन

कोई टिप्पणी नहीं
शिवपुरी। भृगुवंशम परिवार द्वारा परशुराम मंदिर, फिजिकल रोड पर मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर भगवान श्री हनुमान जी का स्मरण किया।
कार्यक्रम में पंडित महेश कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष,  चंद्र कांत मिश्रा अनिल  दुबे, पंडित रामस्वरूप भार्गव, पंडित नंदकुमार भार्गव पंडित कैलाश नारायण भार्गव सेवानिवृत्ति हेल्थ सुपरवाइजर प्रेम नारायण दुबे जी एवं रामेश्वर भार्गव लक्ष्मी नारायण मिश्रा एवं मंदिर के पुजारी जी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
हनुमान चालीसा पाठ के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से भगवान श्री हनुमान जी की आरती की। आरती के बाद मंदिर में प्रसाद वितरण किया गया, जिसे उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया। कार्यक्रम भक्तिभाव एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
















#mamakadhamakanews: प्रेमचंद का साहित्य हमें संघर्ष के लिए प्रेरणा देता है'दास्तान—ए—प्रेमचंद' संपन्न

कोई टिप्पणी नहीं
shivpuri शिवपुरी। म.प्र. प्रगतिशील लेखक संघ और म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन की शिवपुरी इकाई ने महान कथाकार और उपन्यासकार प्रेमचंद की जयंती एक अलग ही अंदाज़ में मनाई। स्थानीय गांधी सेवाश्रम में 'दास्तान—ए—प्रेमचंद' के ज़रिए प्रेमचंद को याद किया और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत में लेखक ज़ाहिद ख़ान ने प्रेमंचद के पहले कहानी संग्रह 'सोज—ए—वतन' पर अपनी बात रखते हुए कहा, 'प्रेमचंद की यह पहली किताब थी, जो 1908 में प्रकाशित हुई। उस वक़्त वे नवाब राय के नाम से लिखते थे और हमीरपुर में शिक्षा विभाग में डिप्टी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। 'सोज—ए—वतन' प्रकाशित हुई, तो अंग्रेज़ हुकूमत ने इस किताब को राजद्रोह की श्रेणी में रख न सिर्फ़ इसे ज़ब्त कर लिया, बल्कि इसकी सारी कॉपियॉं भी जला दीं। जिला कलेक्टर ने उन्हें ताकीद की कि वे आइंदा जो भी लिखें, उसे प्रशासन को दिखा लें। लेकिन प्रेमचंद इस घटना से बिल्कुल विचलित नहीं हुए और वे अपना नाम बदलकर निरंतर साहित्य सृजन करते रहे। अपने साहित्य से उन्होंने देशवासियों को जागरूक करने के साथ—साथ अंग्रेज़ हुकूमत के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए उकसाया। 
कार्यक्रम का अहम हिस्सा प्रेमचंद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित एक दास्तान 'दास्तान—ए—प्रेमचंद' का वाचन था, जिसे शिवपुरी आकाशवाणी के उद्घोषक योगेन्द्र सिंह यादव और रूबी सिंह यादव ने पूरी नाटकीयता और अपनी आवाज़ के उतार—चढ़ाव से बेहद प्रभावी बना दिया। नाटककार राकेश वेदा की लिखी हुई इस दास्तान को श्रोताओं ने ख़ूब पसंद किया। दास्तान का आख़िरी अंश बेहद मार्मिक था। जिसमें प्रेमचंद के निधन के बाद के वातावरण का चित्रण है। जब दोनों दास्तान—गो ने इसका अपनी शानदार आवाज़ में चित्रण किया, तो गांधी सेवाश्रम तालियों से गूॅंज उठा। 'क्या वाक़ई कोई लेखक मरता है ? जिस आदमी ने होरी को आवाज़ दी, हामिद की हथेली में इंसानियत रखी, निर्मला के आँसू देखे, सूरदास की आँखों से अपनी सोसायटी को देखा—वह कैसे मर सकती है ? आज भी जब कोई किसान अपने हक़ के लिए खड़ा होता है—होरी की परछाईं दिखाई देती है। जब कोई बच्चा अपने छोटी—छोटी सहुलियतें और आराम को छोड़कर, किसी अपने की फ़िक्र करता है—हामिद मुस्कुराता है। जब कोई औरत अपने सम्मान के लिए आवाज़ उठाती है—निर्मला और धनिया की याद जागती है। जब कोई लेखक हुकूमत से सवाल करता है—प्रेमचन्द की क़लम उसके हाथ में आ जाती है।'
'दास्तान—ए—प्रेमचंद' के बाद प्रेमचंद को याद करते हुए समाजसेवी और गांधीवादी चिंतक श्रीप्रकाश शर्मा ने कहा, 'प्रेमचंद का दौर महात्मा गांधी का भी दौर था। गांधी जहॉं अपने राजनीतिक कर्म और आंदोलन से देशवासियों में चेतना जगा रहे थे, तो वहीं प्रेमचंद अपने लेखन के ज़रिए यही काम कर रहे थे।' म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन के जिला अध्यक्ष कवि—गीतकार विनय प्रकाश जैन 'नीरव' ने प्रेमचंद साहित्य की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'प्रेमचंद अकेले भारतीय साहित्यकार हैं, जिन्हें बच्चा—बच्चा जानता है। हम सब उन्हीं के साहित्य को पढ़कर बड़े हुए हैं। गॉंव, किसान और आम जन जीवन उनकी कहानियों और उपन्यासों में बार—बार लक्षित हुआ है। आम भाषा में लिखा उनका साहित्य हमें हमेशा संघर्ष के लिए प्रेरणा देता है।' कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगर के साहित्यकार एवं प्रबुद्ध और गणमान्य नागरिक मसलन महेन्द्र अग्रवाल, दिनेश वशिष्ट, रामबाबू पंडित, रामकृष्ण मोर्य, अख़लाक़ ख़ान, राजकुमार चौहान, अशोक सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, भगवान सिंह यादव, अशोक नीखरा, राकेश मिश्र रंजन, बसंत श्रीवास्तव, एम.एस. द्विवेदी, कल्पना सिनौरिया, वसीमा ख़ान, राजेन्द्र टेमक आदि उपस्थित थे। उनके प्रति आभार का प्रदर्शन म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन के सचिव सुनील व्यास ने किया।
















© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129