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#मामा_का_धमाका: नीट की परीक्षा का केंद्र नहीं बना शिवपुरी, हजारों परीक्षार्थी जाएंगे दूरदराज परीक्षा देने, गुस्साए लोगों ने केंद्रीय मंत्री सांसद द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखा खत, केंद्र बनाया जाए शिवपुरी

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shivpuri शिवपुरी। देश भर में नीट परीक्षा को लेकर चर्चा हो रही है। पुनः परीक्षा का टाइम टेबिल घोषित हो गया है, परीक्षा केंद्र की सूची भी वायरल हुई है जिसमें शिवपुरी की अपेक्षा कम संसाधन वाले जिलों को परीक्षा केंद्र का सौभाग्य मिला है लेकिन शिवपुरी राजनैतिक रूप से खासा रसूखदार होते हुए भी पिछड़ गया है। यही कारण है कि लोग सोशल साइड और भड़ास निकाल रहे हैं उनका कहना जायज भी है कि केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसी तोप होने के बाद भी शिवपुरी ने परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया जिसके चलते शिवपुरी के हजारों परीक्षार्थी दूर जिलों में परीक्षा देने जाएंगे और परेशान होंगे। 
यही कारण है कि लोगों ने केंद्रीय मंत्री को विभिन्न माध्यम से पत्र भेजकर शिवपुरी में केंद्र बनाए जाने की गुहार लगाई है।पत्रकार राजवर्धन गौर ने भी द ग्रेट सिंधिया को पत्र भेजा है जबकि कुछ अन्य ने भी यही बात कही। जबकि कुछ लोग फैसबुक पर उलटे सीधे कमेंट्स कर रहे हैं। 
मामा का धमाका न्यूज ने भी रखा पक्ष
स्थानीय नेताओं का फर्ज है कि समय रहते उक्त संबंध में केंद्रीय मंत्री द ग्रेट सिंधिया को अवगत कराए लेकिन वे अजीब तन्द्रा में रहते हैं और जनता परेशान होती है। बताना होगा कि मामा का धमाका न्यूज शिवपुरी ने भी द ग्रेट सिंधिया से शिवपुरी में केंद्र खोले जाने की मांग की है।














#मामा_का_धमाका_न्यूज: क्रांति की देवी रानी लक्ष्मी बाई का साहस आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा स्रोत है: कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा

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शिवपुरी। अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष की शिवपुरी इकाई द्वारा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित की अध्यक्षता में महिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी के निवास पर हाथी खाना में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पूर्व स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा ने कहा कि खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आजादी का बिगुल बजाकर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थी। उन्होंने 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति पाई थी। रानी लक्ष्मीबाई का साहस आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा है।
जिला अध्यक्ष पंडित बालमुकुंद पुरोहित ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और राव साहब के साथ मिलकर ग्वालियर किले पर कब्जा कर चुकी थीं। 17-18 जून 1858 को ब्रिटिश जनरल ह्यू रोज़ की सेना से भयंकर युद्ध हुआ।
 18 जून को घुड़सवार सेना का नेतृत्व करते हुए रानी गंभीर रूप से घायल हो गईं। कहा जाता है कि उन्होंने अपने दत्तक पुत्र दामोदर राव को पीठ पर बांधकर युद्ध किया था। अंग्रेजों के हाथ न आएं इसलिए एक साधु ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने सिर्फ 29 साल की उम्र में देश के लिए बलिदान किया, उनका प्रसिद्ध नारा था,, मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी,, झांसी के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। आज नारी के उत्थान के लिए महारानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलना होगा, नारी को सशक्त बनाना होगा। आज की नारी अबला नहीं सबला है। 
महासचिव दिनेश चंद्र शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे से तीर चलाना, तलवार चलाना और युद्ध कला कौशल सीखा था। मात्र 29 साल की अवस्था में
देश के लिए प्राण त्याग दिए।
पंडित तरुण शर्मा ने कहा कि हमारी शिक्षा संस्कारों को देने वाली होनी चाहिए। केवल पैसे कमाने के लिए या दूसरे को ठगने के लिए नहीं होना चाहिए। आज संस्कारवान और चरित्रवान की जगह चरित्रहीन धनवान का आदर किया जा रहा है। यह देश के लिए बहुत दुखदाई है। 
 युवा अध्यक्ष पंडित गौरव कृष्ण भार्गव,
सलाहकार पंडित कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे ने समाज की एकता पर बल  दिया। बच्चों को संस्कार देने पर जोर दिया। सरकार भी समाज को बांटने का काम न करें।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा, जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित, महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी, महासचिव पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा, श्रीमती प्रभा शर्मा, श्रीमती राजकुमारी शर्मा, पंडित मानसी पुरोहित, पंडित रोहिणी दुबे, पंडित रोशनी दुबे, पंडित अभिमन्यु शर्मा, पंडित प्रखर शर्मा, युवा अध्यक्ष गौरव कृष्ण भार्गव, युवा उपाध्यक्ष दीपेश पुरोहित, पंडित मोहित दुबे, पंडित अनुज दुबे, पंडित तरुण शर्मा, पंडित रामकुमार पाराशर खजूरी वाले, पंडित आयुष त्रिपाठी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे, वरिष्ठ स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा, सलाहकार कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित प्रमोद शर्मा, एडवोकेट वरुण शर्मा , हरिशंकर गुप्ता, अमर सिंह रावत उपस्थित रहे। पंडित हरिवंश त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।













#मामा_का_धमाका_न्यूज: खनियांधाना के पत्रकार सचिन मोदी की होनहार बेटी दृशि जैन बनीं CA, प्रथम प्रयास में ही सीए फाइनल के दोनों ग्रुप पास कर बढ़ाया शिवपुरी जिले का गौरव

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खनियांधाना। कोशिश करने वालों की हार नहीं होती....ये कहावत खनियांधाना के सीनियर पत्रकार सचिन मोदी की होनहार बेटी दृशि जैन पर सटीक बैठती हैं जिन्होंने एक छोटे से नगर से निकल कर देश की प्रतिष्ठित प्रोफेशनल सीए परीक्षा को पहली बार में ही पास करके सफलता प्राप्त करके न सिर्फ खनियाधाना बल्कि शिवपुरी जिले का नाम रोशन कर दिया है। खनियांधाना की दृशि जैन ने आज घोषित आईसीएआई के फाइनल रिजल्ट में पहले प्रयास में ही एक साथ दोनों ग्रुप क्लियर करके अपने परिवार, समाज और नगर का सम्मान बढ़ाया है। उनके परिवार में पहले से ही तीन CA बनकर मुंबई, इंदौर, अहमदाबाद में रहकर कार्यरत हैं और अब वे अपने परिवार की चौथी CA बन गई हैं। उनकी इस सफलता पर उनके परिवार जनों, मामा का धमाका न्यूज शिवपुरी के चीफ एडिटर विपिन शुक्ला मामा एवं इष्ट मित्रों तथा नगर के गणमान्य नागरिकों ने बधाई दी है।
प्रतिष्ठित पत्रकार सचिन की होनहार बेटी हैं दृशि
नगर के प्रमुख समाजसेवी एवं पत्रकार सचिन मोदी की बेटी कु. दृशि जैन अपनी सफलता पर काफी खुश नजर आ रही थी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा नगर के ही श्री नंदीश्वर विद्यालय से प्राप्त कर आत्मार्थी कन्या विद्या निकेतन दिल्ली से  लौकिक तथा धार्मिक शिक्षा ग्रहण की। कोरोना के चलते घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर के फाउंडेशन क्लियर किया और इसके बाद इंदौर में रहकर सीए इंटर के दोनों ग्रुप एक साथ निकाल कर एक प्रतिष्ठित सीए फार्म में आर्टिकलशिप पूरी की और मई में हुए फाइनल एग्जाम में दोनों ग्रुप की एक साथ परीक्षा दी और आज घोषित रिजल्ट में सफलता प्राप्त की। दृशि जैन ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और माता पिता को दिया जिन्होंने मुझे घर से बाहर भेजकर मेरे सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान किया। 
मोबाइल और सोशल दुनिया से बनाई दूरी
उन्होंने बताया कि लगातार 14-16 घंटों का लगातार अध्ययन तथा मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाई तब जाकर अपने सब्जेक्ट पर कमांड प्राप्त की। इस बार आईसीएआई ने एजीएम का पेपर बहुत कठिन था कई स्टूडेंट का कहना था कि 20-25 वर्षों में ये सबसे कठिन पेपर था लेकिन यह साबित हो गया कि कड़ी मेहनत और लगन से कुछ भी संभव किया जा सकता है।















#मामा_का_धमाका_न्यूज: 2020 से पूर्व शिक्षकों को टी ई टी परीक्षा से रखा जाए दूर, मप्र शिक्षक संघ ने ज्ञापन देकर उठाई मांग

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शिवपुरी। करीब 25 से 30 साल स्कूलों में शिक्षक के रूप में सेवाएं देने के बाद अचानक सामने आए एक आदेश ने शिक्षकों की नींद उड़ा रखी है। शिक्षकों को नौकरीे में बने रहने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि टीईटी पास करना अनिवार्य किया गया है जिसे शिक्षक संघ अव्यावहारिक बता रहे हैं।इसी महत्वपूर्ण मामले को लेकर मप्र शिक्षक संघ लगातार आवाज उठा रहा है। संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. छत्रवीर सिंह राठौड़ के निर्देश पर शिवपुरी जिला इकाई ने गुरूवार की शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय शिक्षामंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री  के नाम शिवपुरी एडीएम दिनेशचंद्र शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष वत्सराज सिंह राठौड़ व जिला सचिव अनिल गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकारिणी सदस्यों सहित अन्य शिक्षक नेता भी ज्ञापन देने पहुंचे। संघ के मीडिया प्रभारी नीरज सरैया ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से जो प्रमुख मांग रखी गई हैं उनमें 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थाई रूप से मुक्त किया जाए, साथ ही ऐसे शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवालाभों का पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। आवश्यकता होने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थाई राहत प्रदान की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई है कि सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण किया जाए। संघ ने विश्वास जताया है कि राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस वर्ग के साथ न्याय सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार संवेदनशीलता, दूरदर्शिता एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का परिचय देगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सुशील अग्रवाल, बलवीर तोमर, प्रदीप नरवरिया, नरेश भार्गव, कृष्णराम बंसल, जितेन्द्र पाठक, राजाराम राठौर, मुकेश शर्मा, राजेन्द्र पिपलौदा, महेन्द्र नायक आदि मौजूद रहे।














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