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#धमाका_बड़ी_खबर: ऑपरेशन महादेव, पहलगाम हमले का लिया बदला, मास्टरमाइंड सुलेमान सहित तीन आतंकी ढेर

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सोमवार, 28 जुलाई 2025

*20 लाख का इनामी था हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान
Delhi दिल्ली। श्रीनगर के दाचीगाम में सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया जिनमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड सुलेमान भी शामिल था। सेना ने ऑपरेशन महादेव चलाकर इन आतंकियों को ढेर किया। आतंकियों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन में 25 पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर हत्या कर दी थी। एक स्थानीय घोड़ेवाले को भी आतंकियों ने मार डाला था।
आज मारा गया सुलेमानी पहले पाकिस्तानी सेना के एसएसजी का कमांडो था और लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था। मुठभेड़ स्थल से हथियार बरामद हुए हैं और इलाके में तलाशी अभियान जारी है। सुलेमानी कई आतंकी हमलों में शामिल था। इनमें पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सुलेमान उर्फ सुलेमानी उर्फ हाशिम मूसा और उसके दो साथी आतंकी शामिल हैं। इन्हें मार गिराने के लिए दो दिन पहले सेना ने आपरेशन महादेव शुरू किया था, जो सोमवार देर शाम तक जारी रहा। पुलिस ने सुलेमानी व दो अन्य आतंकियों की पहचान की अभी पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनमें एक हमजा अफगानी और एक जिब्रान बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मारा गया सुलेमानी लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने से पहले पाकिस्तानी सेना के स्पेशल स्ट्राइक ग्रुप (एसएसजी) का कमांडो था। इससे पहलगाम हमले के षड्यंत्र में पाकिस्तानी सेना के शामिल होने का सच एक आर फिर उजागर हो गया है। मुठभेड़ स्थल से एक एम-4 कार्बाइन, दो एसाल्ट राइफलें, 17 राइफल ग्रेनेड व अन्य साजो-सामान बरामद किया गया है। सुलेमानी व उसके साथ पहलगाम हमले में लिप्त प्रत्येक आतंकी पर सुरक्षाबल ने 20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था।
अल्ट्रासेट इस्तेमाल करने की सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन
आतंकियों के श्रीनगर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित दाचीगाम नेशनल पार्क में स्थित महादेव पहाड़ी के आसपास छिपे होने की सूचना के आधार पर सेना की 50 आरआर और 24 आरआर ने संयुक्त रूप से आपरेशन महादेव शुरू किया था। सूचना थी कि इस इलाके में आतंकियों द्वारा अल्ट्रासेट इस्तेमाल किया गया है। बता दें कि लश्कर के आतंकी अल्ट्रा हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो उपकरणों का उपयोग 2016 से कर रहे हैं। यह चीन में बनी अत्याधुनिक इनक्रिप्टेड संचार प्रणाली है। जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई है, वहां पहुंचने के लिए लगभग 16 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस क्षेत्र में खानाबदोश गुज्जर-बक्करवाल समुदाय ने भी इन दिनों अपने डेरे लगाए हुए हैं। कथित तौर पर बताया जा रहा है कि गुज्जर समुदाय के लोगों ने भी कुछ हथियारबंद लोगों को अपने डेरे से कुछ दूरी पर जंगल में देखा था। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आतंकी बच कर भाग न सके इसके लिए सुरक्षाबल ने सुनियोजित तरीके से घेराबंदी की। सोमवार सुबह करीब नौ बजे सुरक्षाबल ने आतंकियों के ठिकाने को घेर लिया। जवानों ने आतंकियों की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए तीन से चार गोलियां हवा में चलाईं, लेकिन आतंकियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। जवानों ने इसके बाद जब आगे बढ़ने का प्रयास किया तो आतंकियों ने उन पर राइफल ग्रेनेड दागा। जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया और उसके बाद हुई भीषण मुठभेड़ में तीनों आतंकी मारे गए।
ऑपरेशन जारी
कश्मीर के आइजीपी वीके बिरदी ने मारे गए आतंकियों की पहचान या पहलगाम हमले के साथ उनके किसी संबंध की पुष्टि से इन्कार करते हुए कहा कि अभियान जारी है।उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकियों के शव और हथियार सुरक्षाबल ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। उन्हें नीचे लाया जा रहा है। वहां कुछ और आतंकियों के छिपे होने की संभावना को देखते हुए अभियान को जारी रखा गया है।
कई बड़े आतंकवादी हमलों में शामिल था सुलेमानी
सुलेमानी उर्फ हाशिम मूसा और जिब्रान के बारे में कहा जाता है कि ये दोनों पिछले वर्ष गुलमर्ग के बोटापथरी और सोनमर्ग के गगनगीर में हुए आतंकी हमलों में भी लिप्त थे। सुलेमानी वर्ष 2022 के अंत में चार अन्य आतंकियों के साथ गुलाम जम्मू-कश्मीर से पुंछ में एलओसी से घुसपैठ करके आया था। इसने ही पुंछ में एक सैन्य दल पर भी अपने साथियों के साथ घात लगाकर हमला किया था।

#धमाका_बड़ी_खबर: रामबन में 700 फीट गहरी खाई में गिरा सेना का ट्रक, 3 जवान शहीद

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सोमवार, 5 मई 2025

उत्तराखंड। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में रविवार को एक गंभीर हादसा हुआ। सेना का ट्रक फिसलकर 700 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिससे तीन जवान शहीद हो गए। यह हादसा नेशनल हाईवे-44 पर बैटरी चश्मा के पास सुबह 11:30 बजे हुआ।
ट्रक जम्मू से श्रीनगर जा रहे काफिले का हिस्सा था। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार जवान अमित कुमार, सुजीत कुमार और मन बहादुर शहीद हो गए। अधिकारियों ने बताया कि सेना का ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर जम्मू से श्रीनगर जा रहे काफिले का हिस्सा था, जब बैटरी चश्मा के पास सुबह करीब 11.30 बजे यह दुर्घटना हुई। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के कारण वाहन क्षतिग्रस्त होकर धातु के ढेर में तब्दील हो गया।








गुलमर्ग की गोंडोला ( rope way ) की बुकिंग का 50% कोटा ऑफलाइन बुकिंग के लिये रिज़र्व रखने लिखा दुबे ने पत्र

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मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

शिवपुरी। समाजहित में सदैव सजग रहने वाले सपाक्स पार्टी के जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार दुबे ने इस बार पर्यटकों के राष्ट्रीय स्तर से जुड़े मसले को लेकर पत्र लिखा हैं। जिसमें सुधार की मांग की गई हैं अगर सम्बंधित विभाग ने उसमें बदलाव किया तो देश विदेश के अनेक पर्यटकों को श्रीनगर में लाभ मिल सकेगा। श्री दुबे ने director of tourism Srinagar Kashmir ko e-mail डायरेक्टर ऑफ टूरिज्म  श्रीनगर को भेजा है, directortourismkmr@gmail.com जिसमें गुलमर्ग की गोंडोला ( rope way ) की बुकिंग जो कि 100% ऑनलाइन ही होती है उसमें 50% कोटा ऑफलाइन बुकिंग के लिये रिज़र्व रखने का अनुरोध किया है।
असल में उनकी बुकिंग 4 pm pr खुलती है वह भी आगामी 3 दिन के लिये, जब बुकिंग करते हैं तो उनकी वेबसाइट रेस्पॉन्स नहीं करती और बाद में all स्लॉट exhausted लिखा आ जाता है।
आप विचार कर सकते हैं कि इतने कम समय दमें visitors, 1000 ya 2000 km से कैसे श्रीनगर और गुलमर्ग पहुंच सकता है, कन्फर्म रेल टिकट मिल सकता है या हवाई यात्रा कर पहुचे, अनाप शनाप किराया दे या श्रीनगर / गुलमर्ग जा कर तब तक मंहगे होटल में रुके जब तक गोंडोला का टिकट नहीं बन जाये, यह कितना महंगा पड़ेगा। फिर हर व्यक्ति तो ऑनलाइन बुकिंग करना जानता नहीं है।
वेबसाइट पर उनका नंबर 9103058616 लगता नहीं है। उम्मीद है श्रीनगर के टूरिज्म डिपार्टमेंट के डायरेक्टर कुछ विचार करेंगे।












धमाका बड़ी खबर: गुलमर्ग में (एवलांच) हिमस्खलन, एक विदेशी टूरिस्ट की मौत, सेना ने 5 को बचाया रेस्क्यू ऑपेरशन जारी

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गुरुवार, 22 फ़रवरी 2024

श्रीनगर। Kashmir कश्मीर की खूबसूरत वादियों का मोह हर किसी को खींचकर कश्मीर ले जाता है, उस पर भी अगर उस इलाके में बर्फबारी हो रही हो तो क्या कहना। इसी लालच में गुरुवार को कई देशी विदेशी पर्यटक गुलमर्ग पहुंचे हुए थे। इनमें से कुछ विदेशी पर्यटक जब गुलमर्ग की अफरवाट घाटी पर स्थानीय निवासियों के बिना स्की ढलानों पर थे उसी दौरान एकाएक हिमस्खलन हुआ तो वे इस बर्फीले तूफान में संभल नहीं सके। आपको बता दें की कश्मीर के टूरिस्ट स्पॉट गुलमर्ग में एवलांच की चपेट में आने से एक विदेशी टूरिस्ट की मौत हो गई। एक स्थानीय व्यक्ति और कुछ विदेशी लापता हैं, कुछ फंसे हुए हैं, जिनका हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया जा रहा है।
अब तक 5 लोगों को बचाया गया है। इन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अफरवाट चोटी से लगे खिलान मार्ग पर गुरुवार (22 फरवरी) दोपहर 2 बजे यह बर्फीला तूफान आया। सेना के जवान और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की एक पेट्रोलिंग टीम रेस्क्यू अभियान चला रही है। यह एवलांच ढलान पर हुआ, जिसमें कई स्कीयर फंस गए। रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे अधिकारियों ने बताया कि विदेशी टूरिस्ट, स्थानीय निवासियों के बिना स्की ढलानों पर गए थे। इसलिए जब तूफान आया तो वे संभल नहीं सके।
दो दिन पहले जारी हुआ था अलर्ट
पिछले दिनों हिमालय में हो रही बर्फबारी के बीच मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही एवलांच को लेकर चेतावनी जारी की थी। जम्मू और कश्मीर डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने 10 जिलों के लिए छोटे से लेकर बड़े और भयानक एवलांच हिमस्खलन की चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों का कहना था कि अनंतनाग और कुलगाम में कम खतरे वाला एवलांच आएगा।
इसके अलावा डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन, बांदीपोरा, बारामूला, कुपवाड़ा और गांदरबल जिलों के लिए मीडियम लेवल के एवलांच की चेतावनी जारी की गई थी। 
हिमस्खलन या एवलांच क्या होता है?
बर्फ या पत्थर के पहाड़ की ढलान से तेजी से नीचे गिरने को हिमस्खलन या एवलांच कहते हैं। हिमस्खलन के दौरान बर्फ, चट्टान, मिट्टी और अन्य चीजें किसी पहाड़ से नीचे की ओर
तेजी से फिसलती हैं। हिमस्खलन आमतौर पर तब शुरू होता है जब किसी पहाड़ की ढलान पर मौजूद बर्फ या पत्थर जैसी चीजें उसके आसपास से ढीली हो जाती हैं। इसके बाद ये तेजी से ढलान के नीचे मौजूद और चीजों को इकट्टा कर नीचे की ओर गिरने लगती हैं। हिमालय के कुछ हिस्सों में इन दिनों बर्फबारी हो रही है। जिसके चलते छोटे और बड़े कई एवलांच (हिमस्खलन) भी हो रहे हैं। एक बड़े और पूरी तरह से विकसित हिमस्खलन का वजन 10 लाख टन या 1 अरब किलो तक हो सकता है। पहाड़ों से नीचे गिरने के दौरान इसकी स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटे से 320 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा हो सकती है।













ITBP Bus Accident: जम्मू कश्मीर में ITBP के जवानों से भरी बस नदी में गिरी, 7 जवान शहीद, द ग्रेट सिंधिया ने जताया शोक

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मंगलवार, 16 अगस्त 2022

ITBP Bus Accident: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में ITBP की एक बस नदी में गिर गई है। इस बस में कुल 39 जवान सवार थे। इसमें 37 जवान ITBP के थे और 2 जवान जम्मू कश्मीर पुलिस के थे। केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर शोक जताया।हादसे में 7 जवानों के शहीद होने की खबर मिली है और कई जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों में से भी कई जवानों की हालत गंभीर है, इसलिए उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करके श्रीनगर ले जाया गया है। जिस बस का एक्सीडेंट हुआ है, उसमें कुल 39 जवान सवार थे। ये हादसा बस के ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ। सभी जवान चंदनवाड़ी से पहलगाम की ओर जा रहे थे। इनकी अमरनाथ यात्रा में ड्यूटी लगी हुई थी। 
जानकारी के अनुसार, जवानों से भरी बस के नदी में गिरने की खबर सुनकर आस-पास के इलाके के लोगों की भारी भीड़ यहां पहुंची है और जवानों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जितने जवान घायल हुए थे, उन्हें सबसे पहले पहलगाम के हॉस्पिटल में ले जाया गया था, इसके बाद जिन्हें ज्यादा गंभीर चोट लगी है, उन जवानों को श्रीनगर ले जाया गया। बता दें की जिस जगह पर ये हादसा हुआ, वहां बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। शहीद जवान उतराखंड, यूपी, राजस्थान, बिहार आदि के रहने वाले थे। 








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