शिवपुरी। आज यानि 2 मार्च, मंगलवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। मंगलवार को चतुर्थी होने से इस बार अंगारक चतुर्थी का योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. विकासदीप शर्मा मंशापूर्ण ज्योतिष के अनुसार इस दिन सुख-समृद्धि के दाता भगवान गणेश की पूजा के साथ ही उनके 12 नाम मंत्रों का जाप भी करना चाहिए। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें।पूजा में बोलें गणेशजी के 12 नाम मंत्र
गणेशजी को दूर्वा की 11 या 21 गांठ चढ़ाएं और दूर्वा चढ़ाते समय इन मंत्रों का जाप करें। ऊँ गणाधिपतयै नम:, ऊँ उमापुत्राय नम:, ऊँ विघ्ननाशनाय नम:, ऊँ विनायकाय नम:, ऊँ ईशपुत्राय नम:, ऊँ सर्वसिद्धप्रदाय नम:, ऊँ एकदन्ताय नम:, ऊँ इभवक्त्राय नम:, ऊँ मूषकवाहनाय नम:, ऊँ कुमारगुरवे नम:।
वृष राशि में अंगारक योग
22 फरवरी 2021 से 52 दिन मंगल ने वृष राशि मे प्रवेश किया है। जहां राहु पहले से विद्यमान है। ऐसे में वृष राशि में अंगारक योग का निर्माण हुआ है।
बहुत बड़ा दुर्योग है अंगारक योग
दरअसल मंगल और राहु किसी भी राशि या भाव में एक साथ आ जाएं, तो अंगारक योग बनता है। यह योग स्वभाव में उग्रता, आक्रमकता प्रदान करता है। साथ ही व्यक्ति के स्वभाव को हिंसक और नकारात्मक बनाता है, जिससे उसके हर कार्य में विघ्न आते हैं। जलते हुए कोयले से इसका नाम आया है। यह योग रिश्तेदारों, मित्रों और भाइयों के साथ संबंधों को खराब करते हैं और इनके साथ किसी न किसी बात पर वाद-विवाद होता रहता है। अंगारक योग बनने पर कोई भी कार्य आसानी व शांति से पूरा नहीं हो पाता।
अंगारक योग का असर
वैदिक ज्योतिष में मंगल को ग्रहों का सेनापति कहते हैं और कुंडली में अगर यह ग्रह उच्च स्थान पर होता है तो व्यक्ति साहसी, निडर और योद्धा आदि बनता है। राहु और केतु के साथ जब मंगल आते हैं तब यह योग बनता है। इस बार वृष राशि में राहु के साथ मंगल का गोचर होने से यह खतरनाक अंगारक योग बना है। यह योग धन संबंधी परेशानियां या फिर किसी महिला की कुंडली में यह योग बन रहा है तो संतान संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है, तो राहु वायु तत्व को प्रभावित करते हैं। ऐसे में अग्नि व वायु के भड़कने से परेशानी हो सकती हैं। इस योग के उपाय न करने पर लंबे समय तक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
आगजनी, भूकंप और ज्वालामुखी फटने के कारक
कुंडली में अंगारक योग की ज्यादा स्थिति खराब होने पर व्यक्ति अपराधी भी बन सकता है और अवैध कार्यों के चलते कानूनी मामलों में लंबे समय तक फंस सकता है। भारत की कुंडली में इस योग के बनने पर भूकंप और आगजनी का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही लोग असमंजस की स्थिति में फंस सकते है। इसके अलावा व्यक्ति दुर्घटना, अग्निभय, त्वचा की समस्या, खून की समस्या आदि से दो चार हो सकता है।
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