डार्क डेज ऑफ इमरजेंसी
आज से 46 वर्ष पूर्व के उन काले दिनों को याद करके आज भी रूह कांप जाती है जब तानाशाह बन चुकी इंदिरा गांधी ने रातोंरात इमर्जेन्सी लगा दी थी। मेरी मां राजमाता विजयाराजा सिंधिया को गिरफ़्तार कर लिया गया। कांग्रेस की बर्बरता की हद यहीं तक नहीं थी। छापे मारे गए, तलाशियां ली गईं। अम्मा महाराज को जेल में डालने के बाद भी कांग्रेस की बर्बर पुलिस महल पर छापे मारती रही और मैंने उस कम उम्र में अकेले यह सब झेला।समय के इसी क्रूर थपेड ने मुझे एक मासूम लड़की से सशक्त महिला बना दिया। कैसे भूल सकती हूं भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह काला दिन।
#DarkDaysOfEmergency
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