शिवपुरी। बड़े से बड़े युद्ध का अंत बातचीत से ही होता आया है, दो पक्ष अपनी परेशानी बैठकर सुलझा लें तो विपरीत हालातों को भी टाला जा सकता है। आज कुछ इसी तरह की उदारता का उदाहरण तब देखने को मिला जब अचानक कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह सर्किट रोड स्थित बाल्मीक बस्ती निवासी सुनील कोड़े के घर जा पहुंचे। इस मौके पर करीब 20 से ज्यादा सुअर पालक मौजूद रहे। कलेक्टर अक्षय ने कहा कि आज वे कोरोना के दौरान मिले आपके सहयोग के प्रति आभार जताने आये हैं साथ ही सुअर नगर के बाहर भेजने का कदम उठाने पर धन्यवाद देना भी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी अगर नगर को साफ स्वक्ष रखते हैं तो उन्हें सुअरो से हो रही जनता की परेशानी भी आसानी से समझ आ सकती है। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी साफ़ स्वक्ष नगर में बाहर से आने वाले लोगों को अच्छा अनुभव होता है फिर शिवपुरी तो पर्यटक नगरी है। यहां सफाई होगी तो पर्यटक आ सकेंगे बल्कि रुकेंगे तो नगर के लोगों को ही आर्थिक रूप से सुद्रण होने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि सुनील कोड़े ने नगर को बेहतर बनाने की दिशा में सबसे पहले कदम बढ़ाया और सुअरों को बाहर भेजना शुरू कर दिया इसके प्रति हमसुअर पालको के आभारी हैं और अन्य सुअर पालक भी इसी तरह सहयोग करेंगे ऐसी आशा है। उन्होंने सीएमओ अवस्थी, स्वास्थ्य अधिकारी भार्गव के साथ बातचीत कर सुअर समस्या का हल निकालने की बात कही।
इस मौके पर जिला पंचायत के हरदिल अजीज सीईओ एचपी वर्मा, सीएमओ शेलेश अवस्थी के साथ नपा के स्वास्थ्य अधिकारी गोविंद भार्गव, योगेश शर्मा, पत्रकार संजीव बाँझल, विपिन शुक्ला मामा भी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने किया नास्ता, बोले चाय में कितनी देर
सहज दिल और बड़ी से बड़ी परेशानी को ठंडे दिमाग से हल करने के फन में माहिर कलेक्टर अक्षय सिंह ने कहा कि वे सुनील के घर चाय पीने के इरादे से आए हैं। बोले जल्दी मंगवाईये चाय। उन्होंने नास्ता भी किया।
सीएमओ बोले सहयोग से निकलेगा हल
सीएमओ अवस्थी ने कहा कि हम सभी से सहयोग की आशा करते हैं। नपा किसी का व्यवसाय प्रभावित करना नहीं चाहती बल्कि समस्या का स्थायी निदान हो सके यह हमारा प्रयास है।
बाँझल ने कहा जनता परेशान
पत्रकार संजीव बाँझल ने कहा कि नगर का कोई इलाका ऐसा नहीं जिसमे बहुतायत में सुअर मौजूद न हों। जनता परेशान है इसलिए समस्या का हल आवश्यक है। कोई दुर्घटना ग्रस्त होता है तो बात बढ़ जाती है। नगर के लिये संदेश भी लोगों के बीच ठीक नहीं जाता। उन्होंने सूट आउट से इतर अन्य तरीकों से सुअर समस्या का हल निकालने की बात कही।
शुक्ला ने कहा नगर आपका भी है ये याद रखिये
पत्रकार विपिन शुक्ला ने कहा कि नगर सुअर पालको का भी है। आप लोग देर रात या भरी दोपहर को नगर की सफाई व्यवस्था चौकस रखते हैं लेकिन सुअरो की बेतहासा संख्या से लोगों की परेशानी को भी आप समझिये। सुअर बाहर भेजने की कवायद शुरू करने पर शुक्ला ने सुनील कोड़े सहित अन्य सुअर पालको को धन्यवाद दिया। कहा कि सुअरो की संख्या ज्यादा होने से लोग पत्रकार, प्रशासन, नपा, वकीलों के पास जाते हैं, अगर संख्या नगण्य होगी तो नगर न सिर्फ साफ होगा बल्कि लोग परेशान भी नहीं होंगे।
सुनील बोले कोरोना में पिट गया था व्यवसाय
सुनील कोड़े ने बताया कि कोरोना के चलते जो सुअर बाहर महंगे बिकते थे वे बिकना बन्द हो गए थे। दाम नहीं मिल रहे थे। परिवहन रुकने से सुअरो की संख्या बढ़ गई। अब हमने फिर बाहर सुअर भेजने शुरू कर दिए हैं।
अब तक क्या हुआ इस मामले में
इस मामले में वकील विजय तिवारी ने कलेक्टर अक्षय सिंह और सीएमओ शैलेश को नोटिस दिया। अगले ही दिन फिर एक नोटिस संजीव बिलगइयाँ एडवोकेट ने दे दिया। जिसमें कारवाई न होने पर 11 सितंबर को कोर्ट की अवमानना की तैयारी संजीव ने कर ली है। संजीव ने इसी मामले में एडवोकेट सुनील जैन के साथ हाइकोर्ट में डॉक्टर राजेन्द्र गुप्ता की ओर से रिट दायर की थी। जिसके बाद सुअर पकड़कर नगर के बाहर भेजने, सुअर पालक नपा कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने और अंत मे शूट आउट करने के निर्देश दिये थे। जिसके बाद जब सुअर पालक नहीं माने तब शूट आउट हुआ। अब कोर्ट ने शूट आउट पर रोक लगा रखी है लेकिन अन्य विकल्प खुले हुए हैं। इसी आधार पर नोटिस दिये गए तब नपा ने सुअर पालको को पंजीकरण कराने के नोटिस दिये। जिसकी प्रतिक्रिया में सुअर नगर के बाहर भेजने का सिलसिला शुरू किया गया है।
सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें