पंडित डॉक्टर विकासदीप शर्मा
शिवपुरी। सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है. ज्योतिष में ग्रहण को अशुभ घटनाओं में गिना जाता है. इस वजह से ग्रहण के दौरान शुभ कार्य और पूजा पाठ वर्जित माने जाते हैं. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पीड़ित हो जाते हैं, जिस कारण सूर्य की शुभता में कमी आ जाती है.
साल के आखिरी सूर्य ग्रहण और उसके प्रभाव के बारे में बताते हैं.
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर 2021 दिन शनिवार को लगेगा. इस दिन मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है. सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर की सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा, जो दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगा.
यहां देगा दिखाई
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा. इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा. ज्योतिष के अनुसार भारत में ये नहीं दिखाई देगा, जिसकी वजह से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. वैसे तो सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है. यह ग्रहण उपछाया होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्ण ग्रहण होने पर ही सूतक काल मान्य होता है. आंशिक या उपछाया होने पर सूतक नियमों का पालन अनिवार्य नहीं होता है।
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