शिवपुरी। शासकीय कन्या महाविद्यालय में दिनांक 22 दिसम्बर 2022 को महिला सशक्तिकरण उभरते प्रतिमान विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का प्रारंभ सरस्वती वन्दना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि की आसंदी से बोलते हुए माननीय दीपक गुप्ता जी ने कहा कि महिलाओं को अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहिये। हर महिला अपने आप में सशक्त है महिला सशक्त होगी तो समाज व राष्ट्र भी सशक्त होगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला न्यायाधीश माननीय अर्चना सिंह जी और दीपाली शर्मा जी उपस्थित रहीं स्वागत उदबोधन देते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एन.के.जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ रश्मि गुप्ता ने अपने उदबोधन में कहा कि महिला परिवार, समाज और राष्ट्र हर जगह प्रतिनिधित्व कर सकती है।विषय प्रवर्तन करते हुए डी.ए.व्ही. कॉलेज कानपुर से आई डॉ. दया दीक्षित ने महिलाओं का परिवार समाज और राष्ट्र के लिए महत्व बताया। आपने कहा कि स्त्री और पुरुष समाज रूपी रथ के पहिये है रथ ठीक तरीके से चले इसके लिए महिलाओं का सशक्त होना आवश्यक है। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी उoप्रo से विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. रेखा लगरखा ने अपने विचार रखते हुए मोटेशनल मूवी दिखाकर बताया कि हमें अपनी रूचि का कार्य करना चाहिए। क्योकि जब वे अपनी पसन्द का कार्य करती है तो उसमें अपना सबसे अच्छा परिणाम देती है।
विषय विशेषज्ञ के रूप में ही स्नातकोत्तर महाविद्यालय श्योपुर से आई डॉ. सीमा चौकसे ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासों को आवश्यक बताया।
एसडीएम शिवपुरी श्री गणेश जायसवाल ने आर्थिक आत्मनिर्भता एवं शिक्षा को आवश्यक बताया।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव जी ने बताया कि हर महिला अपने आप में सशक्त है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजू बाथम जी ने अपने उदबोधन में कहा कि सिर्फ भारत में ही अपनी मातृभूमि को भारत माता कहा जाता है। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के अंतर्गत छत्रसाल महाविद्यालय पिछोर के प्राचार्य डॉ. एस. डी. गौतम, श्योपुर कॉलेज से आए हुए डॉ.ओ.पी.शर्मा ने भी अपने विचार रखे। डॉ. अक्षय कुमार जैन एवं जितेन्द्र गुप्ता द्वारा शोध पत्र का वाचन किया गया।
महिला शक्ति का सम्मान भी महाविद्यालय के द्वारा किया गया। मुस्कान शेख के साथ ही महाविद्यालय की अन्य छात्राओं का सम्मान किया गया।
राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का संचालन संयोजक डॉ. ज्योत्सना सक्सेना के द्वारा किया गया संचालन करते श्रीमती सक्सेना ने कहा कि हमें अधिकारों के प्रति जागरूक होना है और अपनी स्व शक्ति को पहचानना है और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में अतिथि गणमान्य नागरिकों के साथ ही एक सैकड़ा से ज्यादा छात्रओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवायी
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