सद्भावना एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित
शिवपुरी, 14 जून 2024। जिले में ईद-उल-अज़हा का त्यौहार 17 जून को मनाया जाएगा। त्योहार को शांति एवं सौहार्द पूर्वक मनाने की दृष्टि से सद्भावना एवं समन्वय समिति की बैठक आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई।
एडीएम दिनेश चंद शुक्ला ने बैठक में उपस्थित सदस्यों से कहा कि सभी त्योहार शांति एवं सौहार्द के साथ और आपसी भाईचारे के साथ मनाए जाएं। इसमें समाज के सभी गणमान्य नागरिकों की भी अहम भूमिका होती है। बैठक में सभी से व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव लेते हुए नगर पालिका सीएमओ को साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग के संबंध में निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा के त्योहार पर ईदगाह पर नमाज अदा की जाएगी। इस दौरान ईदगाह, मस्जिदों, कब्रिस्तान एवं प्रमुख मार्गों पर साफ सफाई करवाने के निर्देश दिए। ईद को लेकर एडीएम ने निर्देशित किया कि ईदगाह एवं मस्जिदों में टैंकर एवं विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से चालू रखे।पार्किंग की व्यवस्था हेतु नगर निरीक्षक, सीएमओ से मिलकर उचित स्थान नियत करें, जिसमें नमाजियों की सुविधा का ध्यान भी रखा जाए। ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। मस्जिदों के आसपास बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए। बैठक में प्रमुख रूप से एडीएम शुक्ला, एसडीएम अनूप श्रीवास्तव, डॉ आशीष व्यास, बिजली कंपनी के एई बघेल, नपा योगेश शर्मा, व्यवसाई अग्रवाल इलेक्ट्रोनिक्स के मालिक एवम चेबर ऑफ कॉमर्स के सचिव विष्णु अग्रवाल, शहरकाजी वली उद्दीन, वासित अली, उपेंद्र यादव, इस्माइल खान, वीरेंद्र शिवहरे, वरिष्ठ पत्रकार विपिन शुक्ला, संजीव बांझल, फरमान अली, रीडर दीपक शर्मा, दीपक तिवारी, पीआरओ फोटो नामदेव, ट्रैफिक पुलिस भानु प्रताप, नीतू अवस्थी, फिजिकल टीआई रजनी चौहान आदि मोजूद थे। जिला कलेक्टर रवींद्र कुमार आज ग्वालियर बैठक में गए हुए थे।मस्जिदों में इस समय होगी नमाज
नगर की मस्जिदों में नमाज का समय तय हो गया हैं। शहर काजी वलीउद्दीन सिद्धकी ने बताया की इस समय नमाज अता की जाएगी।
मस्जिद न्यू ब्लॉक मरकज़ छावनी सुबह 7.30 बजे
मस्जिद ईदगाह झांसी रोड, शिवपुरी सुबह 8 बजे
मस्जिद सूबात ए.बी. रोड, शिवपुरी सुबह 8.30 बजे
सभी हज़रात से गुज़ारिश है कि शहर शिवपुरी के सारे मुसलमान ईदगाह पर ज़्यादा से ज़्यादा तादाद में मुर्कार वक़्त पर तशरीफ लाकर नमाज़-ए-इंदुल अज़्हा अदा फरमाएँ। नोटः ईदगाह पर नमाज अदा करने करने वाले हज्रात से दरख्वास्त है कि नमाज़ पढ़ने के लिए अपने साथ अपनी जानमाज़, रूमाल, दरी- चादर वगैराह ज़रूर साथ लायें। कुरबानी करने वाले हज़ात कुरबानी अपने घर की चारदीवारी के अंदर करें और उसका मलवा वीरान जगह पर गढ्ढा खोदकर दफन कर दें। कुरबानी के जानवरों की नुमाइश या जिबह के वक़्त के फोटो व्हाट्स ऐप, फेसबुक वगैराह पर हरगिज़ ना डालें, खालों को मदरसा ईदगाह पर पहुँचाएँ।

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