शिवपुरी। कोई भी प्रशिक्षण शिक्षक की अध्यापन कल को और अधिक निखारता है बुनियादी शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है ऐसे में एफएलएन प्रशिक्षण बहुत अधिक महत्वपूर्ण है यहां विशेषज्ञों ने आपको कई नई टिप्स दी है लेकिन प्रशिक्षण की सार्थकता तभी है जब यहां जो सीखा उसका प्रभावी प्रयोग आप लोग बच्चों के बीच कक्षा में करें। यह बात एफएलएन के तृतीय चरण के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी शिवपुरी मनोज निगम ने कही। कार्यक्रम में मौजूद शिवपुरी बीआरसी बालकृष्ण ओझा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक की भूमिका शिक्षा में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि वही है जो जो शिक्षा व संस्कार की बुनियाद एक बच्चे में स्थापित करता है । कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए । बीआरसीसी कार्यालय में यह प्रशिक्षण तीन कक्षों में 29 जुलाई से चल रहा था जिसमें शिवपुरी विकासखण्ड के 102 शिक्षक इस बैच में उपस्थित हुए। चार चरणों में होने वाले इस प्रशिक्षण में सभी कक्षा 1 व 2 पढ़ाने वाले शिक्षकों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया गया।अगला चरण 5 अगस्त से सुबह 9 बजे से 5 बजे तक आयोजित होगा। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर बीईओ व बीआरसीसी के अलावा प्रशिक्षण प्रभारी बीएसी अरविंद वर्मा,सीएसी दिनकर नीखरा, बीएसी सुनील राठौर, तकनीकी सलाहकार हेमंत खटीक, बीएसी राजेश खत्री, दिनेश गुप्ता, अरविंद सरैया सहित मास्टर ट्रेनर राकेश भटनागर, निर्मल जैन, पुनीत मदान, महावीर मुदगल, जवाहर सिंह रावत, रामलखन राठौर आदि उपस्थित थे।







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