SHIVPURI शिवपुरी। देश भर में सायबर अपराध अपने चरम पर हैं, जिसमें सोशल मीडिया का प्रयोग कर फेक आईडी बना लोगों को ठगना आम बात है। लेकिन मामला आम से ख़ास तब हो जाता है जब सायवर अपराधी कलेक्टर और अर्द्ध सैन्य बलों के अधिकारी बनकर चूना लगाने की कोशिश में जुटे हों।
ऐसा एक मामला सामने आया है जिसमें उमरिया जिले के कलेक्टर धरणेद्र जैन dhernendra jain की फर्ज़ी फेसबुक आईडी बनाकर सायबर लुटेरे ने एडवोकेट नितिन भारद्वाज के फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज
कर उन्हें ठगने की कोशिश की। मैसेज में ठग ने कलेक्टर बन एडवोकेट भारद्वाज से पहले उनका मोबाइल नंबर मांगा और फ़िर कहा कि मेरे एक मित्र सुमित कुमार सीआरपीएफ में अधिकारी हैं हाल ही में उनका ट्रांसफर हो गया है इस कारण उन्हे कुछ हाउसहोल्ड और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बेचना है। वो बहुत कम क़ीमत में दे देंगे तुम्हें लेना हो तो देख लेना। चूंकि वर्तमान उमरिया जिले के कलेक्टर धरणेद्र जैन पहले शिवपुरी जिले के एसडीएम रह चुके हैं तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े होने के कारण एडवोकेट भारद्वाज ने मैसेज पर विश्वास कर उन्हें सहयोग का आश्वासन भी दिया। उसके बाद सुमित कुमार ने व्हाट्सएप नंबर 097996 86783 से जिस पर उसने राष्ट्रपति अवॉर्डी होने का फ़ोटो लगा रखा है उसने एडवोकेट भारद्वाज को मैसेज कर कहा कि मुझे आइएएस धरणेद्र जैन ने आपका नंबर दिया है मेरा ड्यूटी ट्रांसफर हो गया है। मुझे अर्जेंट सामान बेचना है आप सारा सामान एक लाख पचास हजार रुपए में ले लीजिए मैं सीआरपीएफ के ट्रक से सारा सामान आपके घर पहुंचा दूंगा। व्हाट्सएप कॉल करने के दौरान एडवोकेट भारद्वाज को सन्देह हुआ कि ये व्यक्ति मोबाइल नंबर के उपयोग से उनके सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक अकाउंट को फ़ॉलो कर रहा है। इस पर त्वरित पूछताछ हेतु एडवोकेट भारद्वाज ने सीआरपीएफ बटालियन शिवपुरी से संपर्क कर पूछताछ की क्या इस नाम के कोई अधिकारी हैं? तब वहां से नहीं होने की जानकारी मिली। इस पर एडवोकेट शर्मा ने कलेक्टर उमरिया श्री जैन से संपर्क कर सारा मामला बताया तब उन्होंने इस आईडी के फेक होने की पुष्टि की।
विदित है कि भारत में वित्तीय सायबर ठगी की समस्या गम्भीर रूप ले चुकी है। ज़रा सी असावधानी आपको आर्थिक हानि पहुंचा सकती है।
*साइबर धोखाधड़ी के तरीके
▪️साइबर ठग आपके सोशल मीडिया अकाउंट से आपके निजी व सार्वजनिक फोटोज को मॉनिटर कर आपके नज़दीकी व्यक्ति को चुनकर उसके नाम या उसकी आईडी को हैक कर आपसे संपर्क करते हैं।
▪️ठग अक्सर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क करते हैं।
▪️आपके सोशल मीडिया अकाउंट से आपकी सामाजिक व आर्थिक स्थिति का अनुमान लगाते हैं फ़िर प्रोफेशनल तरीके से आपसे संपर्क करते हैं।
▪️आपको ऐसा आर्थिक लाभ देने की कोशिश की जाती है जिसे आप हर क़ीमत पर लेना चाहेंगे।
▪️आपको भावनात्मक रूप से ऐसी आर्थिक मदद करने के लिए कहा जाएगा जो आपके बजट में हो और आप उसे न नहीं करना चाहेंगे।
*"साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सहायक है। जैसा मैने किया। किसी भी कॉल या मैसेज के उत्तर देने में जल्दबाजी न दिखाएं। सहयोग देने या संदेह होने की स्थिति में उस व्यक्ति से सीधे बात करें जिसके नाम का उपयोग मदद के लिए किया जा रहा है"*

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें