- जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में बड़े फैसले लिए गए.
- हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी खत्म कर दिया गया.
- 22 सितंबर से नई जीएसटी दरें लागू होंगी.
Delhi दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 3 सितंबर 2025 हुई 56वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. बैठक की अगुआई कर रही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से लागू हो जाएंगी. हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी खत्म कर दिया है हालांकि, यह छूट इंडिविजुअल इंश्योरेंस पर दी गई है. यानी आपकी कंपनी जो आपको इंश्योरेंस उस पर पहले की ही तरह जीएसटी लगती रहेगा.जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक (GST Council Meeting 56th) बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसलों को जानकारी दी. वित्त मंत्री ने आम जनता, किसानों और मजजूरों को सीधी राहत देने वाले कई फैसले किए. वहीं, लग्जरी गाड़ियों, यॉट्स और तंबाकू जैसे प्रोडक्ट्स पर ज्यादा टैक्स लगाने का ऐलान भी किया.कुल मिलाकर सरकार ने अपना वादा पूरा कर दिया. जीएसटी काउंसिल ने आम आदमी के इस्तेमाल में आने वाली लगभग सभी चीजों पर जीएसटी घटाने का ऐलान किया है. ब्रेड रोटी, छेना पनीर समेत तमाम चीजों पर जीएसटी शून्य कर दी गई है. 33 जरूरी दवाइयों के दाम घटा दिए गए हैं. लाइफ इंश्योरेंस पर पूरी तरह जीएसटी छूट होगी. छोटी कारों और मोटरसाइकिलों (350 सीसी या उससे कम) पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया गया है यानी 22 सितंबर को जब आप दुकान में कोई चीज खरीदने जाएंगे तो आपको कम पैसे चुकाने होंगे.
हम यहां आपको बता रहे हैं GST रेट घटने से क्या सस्ता, क्या महंगा होगा
हेयर ऑयल, साबुन, साइकिल पर 5% GST
सीतारमण ने बताया कि जिन चीजों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है, वे हैं हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान. दूध, ब्रेड, छेना और पनीर पर जीएसटी 5 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया गया है. सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी 0 होगा यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी 0 होगा. खाद्य पदार्थ नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 चीजें जीएसटी के दायरे में हैं. 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी जीएसटी में एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें शामिल हैं.
सीतारमण ने बताया कि जिन चीजों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है, वे हैं हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान. दूध, ब्रेड, छेना और पनीर पर जीएसटी 5 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया गया है. सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी 0 होगा यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी 0 होगा. खाद्य पदार्थ नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 चीजें जीएसटी के दायरे में हैं. 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी जीएसटी में एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें शामिल हैं.
जीएसटी में अब सिर्फ 2 टैक्स स्लैब होंगी.
लग्जरी गुड्स को 40 फीसदी के जीएसटी स्लैब में डाला गया है. मुख्य तौर पर अब जीएसटी की सिर्फ 2 स्लैब रह जाएंगी. अब अधिकांश उत्पाद और सेवाएं 5 व 18 फीसदी के स्लैब में आएंगी. जीएसटी काउंसिल की 2 दिवसीय बैठक कल यानी 4 सितंबर को खत्म होगी. इस बैठक की अगुआई केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं.
क्या सस्ता क्या महंगा
- जीवन रक्षक दवाइयों पर राहत – 33 दवाइयों पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया.
- गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती – कैंसर और रेयर डिजीज के इलाज वाली 3 दवाइयों पर टैक्स 5% से घटाकर 0% किया गया।
- अन्य मेडिसिन्स पर कटौती – कई दवाओं पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- किसानों के लिए फायदा – ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- बायोपेस्टीसाइड्स सस्ते – 12 बायोपेस्टीसाइड्स पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- प्राकृतिक मेंथॉल पर राहत – 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- हस्तशिल्प और श्रम-प्रधान उद्योगों को लाभ – हैंडीक्राफ्ट, संगमरमर, ग्रेनाइट ब्लॉक और लेदर गुड्स पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किया गया.
- निर्माण क्षेत्र को बड़ी राहत – सीमेंट पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया.
- लक्जरी गाड़ियों पर भारी टैक्स – मिड-साइज और बड़ी कारों, 350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलों पर 40% जीएसटी लागू होगा.
- प्राइवेट जेट और यॉट्स पर टैक्स – निजी इस्तेमाल के लिए विमान, हेलिकॉप्टर और यॉट्स पर भी अब 40% टैक्स लगेगा.
- सिन गुड्स महंगे – पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों पर 40% जीएसटी लागू होगा.
- सॉफ्ट ड्रिंक्स पर भी टैक्स बढ़ा – सभी तरह के शीतल पेय और गैर-मादक पेय (जैसे शुगर ड्रिंक, फ्लेवर्ड वॉटर, कार्बोनेटेड फ्रूट जूस) पर 40% टैक्स लगेगा.
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा
जीएसटी काउंसिल द्वारा दरों में किया गया यह ऐतिहासिक सुधार स्वागतयोग्य और युगपरिवर्तनकारी है।
अब केवल 5% और 18% की दो दरों के साथ जीएसटी व्यवस्था और अधिक सरल, पारदर्शी एवं जनहितैषी हो गई है। यह कदम देश के उद्योग, व्यापार, उपभोक्ता सहित हर वर्ग और नागरिक के लिए विकास का नया मार्ग प्रशस्त करेगा। स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में उन्होंने जिस अगली पीढ़ी के कर सुधारों के उपहार की बात कही थी, आज वह उपहार देशवासियों को मिल गया है।
यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के उस संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें उन्होंने सदैव जनसेवा को ही सर्वोपरि रखा है। उनके नेतृत्व में भारत न केवल आर्थिक सुधारों की दिशा में निरंतर अग्रसर है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊँचाइयों को भी प्राप्त कर रहा है।
यह जीएसटी सुधार सिर्फ कर व्यवस्था में बदलाव नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री जी का आभार, जिन्होंने यह दूरदर्शी कदम उठाकर देश को एक और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर किया।













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