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#धमाका_न्यूज: नपा में लाखों का जीरा-डस्ट कांड, बगीचा सरकार वाले पार्षद पहुंचे एसपी ऑफिस बोले, भ्रष्टाचार के दर्ज केस में जोड़े नपाध्यक्ष, सीएमओ सहित ईई के नाम, शिवपुरी और ग्वालियर कोर्ट के डिसीजन की कॉपी भी की संलग्न, पढ़िए पूरी खबर

मंगलवार, 30 सितंबर 2025

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने की बगीचा सरकार पर कसम खाने वाले पार्षदों ने आज एसपी ऑफिस में ज्ञापन देकर जख्म हरे कर दिए हैं। उन्होंने अब नगर के वार्डों में लाखों के जीरा-डस्ट कांड यानी बिना कोई सामग्री डाले भुगतान लेने के मामले में दर्ज हुए भ्रष्टाचार अधिनियम वाले केस में नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा, सीएमओ इशांक धाकड़ सहित ईई मनोहर बागरी के नाम जोड़ने की गुहार एसपी अमन सिंह राठौड़ से लगाई है।
साथ में शिवपुरी और ग्वालियर कोर्ट के डिसीजन की कॉपी भी संलग्न कर दी है। 
एसपी अमन बोले, प्रावधान होगा तो बढ़ेंगे नाम
नगरपालिका अधिनियम में यदि प्रावधान होगा, तो उनके नाम जरूर बढ़ाए जाएंगे।
जानिए क्या लिखा है शिकायत में
पुलिस अधीक्षक, जिला शिवपुरी
विवेचना अधिकारी, जिला शिवपुरी
दिनांक: 30 सितम्बर 2025
विषयः अपराध क्र. 504/2025 थाना कोतवाली में नगर पालिका परिषद शिवपुरी में वर्तमान सीएमओ इशांक धाकड़ एवं अध्यक्षा गायत्री शर्मा के नाम आरोपियों में जोड़ने बावत ।
महोदय,
1. यह कि, थाना कोतवाली जिला शिवपुरी में अपराध क्रमांक 504/2025 पंजीबद्ध है, जिसमें आरोपी सत्तेश निगम ए.ई. नगर पालिका, जीतेन्द्र परिहार एस.ई. नगर पालिका एवं ठेकेदार अर्पित शर्मा के विरुद्ध धारा 13 (1) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4), 316(5), 61(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है, जो नगर पालिका शिवपुरी में जीरा-मुर्रम-कतल, WBM कार्यों में हुए भ्रष्टाचार से संबंधित है।
2. यह कि, उक्त एफआईआर कलेक्टर शिवपुरी के निर्देश अनुसार की गई है जो कि SDM जिला शिवपुरी जे जांच प्रतिवेदन पर आधारित है एवं अब तक हुई जाँच से यह तथ्य सामने आया है कि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर लगभग ₹16,00,000 (सोलह लाख रुपये) का भ्रष्टाचार हुआ है।
3. यह कि, इस पूरे मामले में विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जिला शिवपुरी एवं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर ने आरोपी अर्पित शर्मा के जमानत आवेदन खारिज करते हुए कुछ तथ्य पर जोर दिया है जो कि इस मामले में नगर पालिका परिषद शिवपुरी में वर्तमान सीएमओ इशांक धाकड़ एवं अध्यक्षा गायत्री शर्मा की इस गबन में भूमिका को उजागर करता है। 
. यह कि, इस पूरे मामले में विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जिला शिवपुरी एवं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर ने आरोपी अर्पित शर्मा के जमानत आवेदन ख़ारिज करते हुए कुछ तथ्य पर जोर दिया है जो कि इस मामले में नगर पालिका परिषद शिवपुरी में वर्तमान सीएमओ इशांक धाकड़ एवं अध्यक्षा गायत्री शर्मा की इस गबन में भूमिका को उजागर करता है।
4. यह कि, विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जिला शिवपुरी ने आरोपी अर्पित शर्मा का जमानत आवेदन क्र. 4790/2025 आदेश दिनांक 23 सितम्बर 2025 में आखिरी पद में यह उल्लेखित किया है कि, "सहअभियुक्त जीतेन्द्र परिहार एवं सतीश निगम को जमानत का लाभ इस आधार पर प्रदान किया गया था कि एम.बी. बुक में सी.एम.ओ. के आदेश से कार्यों को दर्ज किया गया था। जांच प्रतिवेदन दिनांकित 25.07.2025 अनुसार कार्य आदेश दिनांक 05.02.2025 का था तथा कार्यपालन य्नात्री मनोहर बागड़ी के अनुशंसा पर लेखा एवं ऑडिट परिक्षण उपरांत मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं अध्यक्ष द्वारा फर्म मेसर्स शिवम कंस्ट्रक्शन (आवेदक/अभियुक्त अर्पित शर्मा की फर्म) को भुगतान किया गया था...
5. यह कि, सहअभियुक्त जीतेन्द्र परिहार एवं सतीश निगम जो कि नगर पालिका परिषद शिवपुरी के अधिकारी हैं उनके बयान एवं आवेदन अनुसार उनके द्वारा एम.बी. बुक में सी.एम.ओ. के आदेश से कार्यों को दर्ज किया गया था एवं अध्यक्ष द्वारा भुगतान किया गया था जिससे इस गबन के मामले में नगर पालिका परिषद शिवपुरी में वर्तमान सीएमओ इशांक धाकड़ एवं अध्यक्ष गायत्री शर्मा की भूमिका उजागर हुई है।
उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर निवेदन है कि नगर पालिका परिषद शिवपुरी में वर्तमान सीएमओ इशांक धाकड़ एवं अध्यक्षा गायत्री शर्मा का नाम इस अपराध में सहअभियुक्त के रूप में जोड़ा जाए।















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