Delhi दिल्ली। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार भारतीय मुद्रा (सिक्के) में पहली बार भारत माता का चित्र एवं उसे प्रणाम करते स्वयं सेवक। अदभुद एवं आकर्षक यह मुद्रा संघ की ऐतिहासिक यात्रा की कथा है। बता दें कि पीएम मोदी बुधवार को संघ के 100 साल पूरे होने पर कार्यक्रम में शामिल हुए। पीएम मोदी ने इस मौके पर संघ के इतिहास और देश निर्माण में उनके योगदान का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर एक सिक्का भी जारी किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौरवशाली 100 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में, भारत सरकार ने एक विशेष डाक टिकट और एक स्मारक सिक्का जारी किया है। 100 रुपये के इस सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न अंकित है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि अंकित है, जबकि स्वयंसेवकों को भक्ति और समर्पण भाव से उनके समक्ष नतमस्तक दिखाया गया है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार भारतीय मुद्रा पर भारत माता की छवि अंकित की गई है, जो एक अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण है। इस सिक्के के ऊपर संघ का बोध वाक्य भी अंकित है- राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम। #RSS100Years
PM ने 1963 की परेड का किया जिक्र
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है। मैं आज इस अवसर पर राष्ट्र सेवा को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं, अभिनंदन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि 1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था। जिस तरह विशाल नदियों के किनारे मानव सभ्यताएं पनपती हैं, उसी तरह संघ के किनारे भी और संघ की धारा में भी सैकड़ों जीवन पुष्पित, पल्लवित हुए हैं। अपने गठन के बाद से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विराट उद्देश्य लेकर चला। ये उद्देश्य रहा- राष्ट्र निर्माण। पीएम ने कहा, संघ के स्वयंसेवक... जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं। इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इन स्मृति सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है। मैं आज इस अवसर पर राष्ट्र सेवा को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं, अभिनंदन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि 1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था। जिस तरह विशाल नदियों के किनारे मानव सभ्यताएं पनपती हैं, उसी तरह संघ के किनारे भी और संघ की धारा में भी सैकड़ों जीवन पुष्पित, पल्लवित हुए हैं। अपने गठन के बाद से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विराट उद्देश्य लेकर चला। ये उद्देश्य रहा- राष्ट्र निर्माण। पीएम ने कहा, संघ के स्वयंसेवक... जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं। इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इन स्मृति सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।















सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें