यूजीसी ने डिफॉल्टर या चूककर्ता विश्वविद्यालयों की सूची जारी की तथा उन्हें तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी। ईमेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से कई रिमाइंडर का हवाला देते हुए, यूजीसी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निरीक्षण के लिए विस्तृत जानकारी पेश करने का निर्देश दिया था। साथ ही रजिस्ट्रार द्वारा सही ढंग से प्रमाणित सहायक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने मीडिया से कहा, उन्हें भरे हुए प्रारूप और परिशिष्टों को होम पेज पर लिंक देकर अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया ताकि जानकारी छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ हो सके। इसके बाद ईमेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से कई रिमाइंडर भेजे गए। दिशानिर्देशों के अनुसार, उच्च शिक्षा संस्थानों को हितधारकों को जानकारी प्रदान करने के लिए कार्यात्मक वेबसाइट बनाए रखनी होगी।
कुछ राज्य के सिर्फ एक विश्वविद्यालय
यूजीसी ने 18 राज्यों के कुल 54 प्राइवेट विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर लिस्ट में शामिल किया है। इस लिस्ट में असम, गोवा, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा और वेस्ट बंगाल ऐसे राज्य हैं, जिनकी डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की लिस्ट में केवल एक यूनिवर्सिटी शामिल है।
एमपी के ये विश्वविद्यालय डिफॉल्टर लिस्ट में शामिल
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, मध्य प्रदेश
आर्यावर्त यूनिवर्सिटी, सीहोर
डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी, शिवपुरी
ज्ञानवीर विश्वविद्यालय, सागर
जेएनसीटी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भोपाल
एलएनसीटी विद्यापीठ विवि, इंदौर
महाकौशल यूनिवर्सिटी, जबलपुर
महर्षि महेश योगी वैदिक विवि, जबलपुर
मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सीहोर















सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें