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#धमाका_खरी_खरी: "जिला विकास सलाहकार समिति" के गठन पर उठे सवाल, विधायक के परिवारवाद की झलक, लोग बोले, जिन नेताओं को सूची में शामिल किया है वे सिंधिया जी के नजदीकी हैं यानी बिना सूची के भी पावर फुल हैं फिर भी नगर और जिले में समस्या मुंह बाएं खड़ी हैं, तो अब क्या कमाल करेंगे ये नेता! अच्छा होता नए चेहरे करते शामिल

शनिवार, 13 दिसंबर 2025

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। हाल ही में घोषित "जिला विकास सलाहकार समिति" को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस समिति में सीएम डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह के साथ जिले के विधायक आदि शामिल हैं। लेकिन खास बात ये है कि सूची में ज्यादातर कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्यादातर नेताओं को लिया गया है जिससे मूल बीजेपी के नेता अलग थलग पड़ गए हैं। जितेंद्र जैन गोटू, रमेश खटीक, देवेंद्र जैन, उनके पुत्र सक्षम जैन, प्रीतम लोधी, राजू बाथम जैसे चंद नाम को छोड़ दिया जाए तो सभी पुरानी सेना के ध्वज थामने वाले नाम सूची में शामिल हैं। 
देखिए जारी हुई सूची
अन्य नामों में ये नाम शामिल
जसमंत जाटव पूर्व विधायक, भैया साहब लोधी, इंदल लोधी, सुल्तान सिंह गौर, मुन्नालाल कुशवाह पूर्व नपाध्यक्ष, अशोक ठाकुर, हरवीर रघुवंशी, उमाचरण धाकड़, अमन लोधी, लाखन सिंह बघेल, योगीलाल बिलैया, छत्रसाल कुशवाह, सूरजभान सिंह यादव, सुरेश धाकड़ एवं माताचरण शर्मा शामिल हैं।
अपने कामों से फुर्सत नहीं कैसे कर पाएंगे ये नेता जिले का विकास
नगर में सूची को लेकर तरह तरह की चर्चाओं का दौर जारी है। कॉन्ट्रैक्टर सुनील शर्मा का कहना है कि जिन नेताओं को सूची में शामिल किया है वे सिंधिया जी के नजदीकी हैं यानी बिना सूची के भी पावर फुल हैं फिर भी जिले में समस्या मुंह बाएं खड़ी है। जिले की बात तो दूर इस सूची में नगर के विधायक देवेंद्र जैन, उनके बेटे सक्षम, उनके भाई जितेंद्र जैन, उनके जीजा राकेश गुप्ता के नाम शामिल कर परिवारवाद की छाप छोड़ी गई है और अन्य सालों से बीजेपी के लिए काम करने वालों को आईना दिखाया गया है। तो वहीं नगर में रसूख रखने वाले नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा, हरवीर सिंह, राजू बाथम, अशोक ठाकुर, मुन्नालाल कुशवाह आदि शहर के जानेमाने नाम हैं फिर भी शहर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। लोगों का कहना है कि नगर में न चलने के लिए ठीक सड़क हैं और न खुली हवा में सांस लेने की जगह, ये नेता कान पर मोबाइल लगाए जनता से दूर अपनी मस्ती में रहते है या फिर जिले के अधिकारियों की तेल मालिश कर अपने धंधे चमकाते है इनको नगर के विकास से कोई सरोकार नहीं। न तो उनके पास कोई विजन है और न कोई सोच जो इस शहर की दुश्वारियों को दूर कर पाए। सूची में शामिल नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा को ही लें तो वे नगर के प्रमुख बाजार की सड़क, नालियां, रात को पथ प्रकाश जैसी व्यवस्था चार साल होने को है आज तक नहीं जुटा पाई हैं। आर्य समाज रोड, निचला बाजार, सदर बाजार, मिर्ची बाजार, नागरिक बैंक रोड, धर्मशाला रोड, प्रगति बाजार में नालियों की जाली तक दुरुस्त नहीं करवाई जा सकी है। इधर सूची के एक और नगीने सुरेश राठखेड़ा जिनकी डिमांड और पोहरी रोड का ओवर ब्रिज बन रहा है वह जनता के गले की फांस बना हुआ है। पुल निर्माण के पहले साइडों की सड़क सकरी होने के साथ ठीक से बनाई तक नहीं गई है जिससे आए दिन जाम लगते है। 
ये नामचीन नगर में मौजूद फिर भी अपहरण की कोशिश, सड़कों पर लगते जाम
नगर के लोगों का कहना है कि इस सूची के शहर में रहने वाले नामधारी नेता अब क्या काम करेंगे जबकि उनके शहर में रहते सड़कों पर हर दिन जाम लगता है। बारातों में डीजे की आवाज, साइज से लगने वाले जाम पर ये नेता चुप्पी साधे बैठे रहते हैं। नगर के हर चौराहे पर ऑटो की अवैध पार्किंग, चौराहों पर कोई ट्रैफिक व्यवस्था न होना इन नेताओं को नजर नहीं आता, सड़कों पर बैठा गौ बंश इनको दिखाई नहीं पड़ता, आखिर ये नेता क्या विकास करेंगे। नगर में लगातार बढ़ती गुंडागर्दी, किसी व्यवसाई को सरेआम उठा ले जाने जैसे अपहरण कांड के मामलों पर नगर के इन नेताओं की चुप्पी जैसे मामलों को लेकर ये कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं की इससे बेहतर नगर के विकास में रुचि रखने वाले लोगों की स्थान मिलता तो शायद जिले की सूरत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंसूबों पर खरा उतर पाती। न कि सिर्फ चेहरा दिखाकर व्यवसाय चमकाने वाले इन नेताओं से कोई उम्मीद की जाए!











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