एक बेटा कर चुका इंजीनियरिंग, एक बेटी
मनीष के करीबी बताते हैं कि अनमोल हंसमुख था, होनहार था उसने हाल ही में इंजीनियरिंग की थी और पढ़ाई कर रहा था। जबकि इसकी बहिन भी पढ़ाई कर रही है। उसे दिल्ली से बिना बताए शिवपुरी लाया जा रहा है। यही कारण रहा कि शाम छह बजे घटित इस पहाड़ तोड़ खबर को बेटी तक जाने से रोकना पड़ा।
साथी एडवोकेट दुखी, जता रहे शोक
दोस्तों दुनिया में जो आया है सभी को जाना है लेकिन जाने की प्रकृति, तरीका मायने रखता है। शिवपुरी के व्यावसायिक गढ़ में जन्मे मनीष खासे मिलनसार हैं। वकालत में उन्होंने कम उम्र में नाम कमाया है। वे अपने छोटे से परिवार के साथ खुश थे। तमाम सपने बच्चों के साथ उड़ान भरने की मंजिल पर आए ही थे कि इसी बीच न जाने किसकी नजर लग गई और युवा अनमोल उनसे हमेशा के लिए दूर चला गया। इस बेहद दुखद खबर को लिखते हुए आंख नम हो रही हैं हम धमाका न्यूज शिवपुरी टीम की तरफ से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। अनमोल का अंतिम संस्कार रविवार सुबह होगा। भगवान इस दुख को सहने की शक्ति पीड़ित परिवारजनों को दे।











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