यह लिखा है नोटिस में
सीएमएचओ शिवपुरी, सीएमओ नगर पालिका शिवपुरी को जारी वैधानिक सूचना पत्र में उल्लेख है कि शिवपुरी शहर में कस्टम गेट, आर्य समाज रोड, सावरकर उद्यान क्षेत्र में भारी पैमाने पर शाम होते ही "लोडिंग वाहनों को मोडिफाइड कर उन पर खाद्य पदार्थ बनाने व बेचने" का कार्य किया जाता है। साथ ही उक्त समस्त क्षेत्र में चार पहिया ठेलों और ऐसे मोडिफाइड वाहनों पर बड़ी संख्या में खाद्य पदार्थ निर्माण एवं विक्रय करने वालों में से किसी के भी पास नगरपलिका शिवपुरी द्वारा प्रदत्त ट्रेड लायसेंस नहीं है तथा ऐसे अधिकांश विकेताओं के पास खाद्य पदार्थों के विकय का कोई लायसेंस ही नहीं है साथ ही ऐसे विकेताओं का दुकान स्थापना पंजीयन भी नहीं कराया गया है। जबकि नगरपालिका शिवपुरी ने खुद अपने प्रस्ताव ठहाराव द्वारा यह प्रस्ताव पारित किया था कि नगरपालिका क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले प्रत्येक व्यापार को ट्रेड लायसेंस लेना अनिवार्य है तथा ट्रेड लायसेंस लिये बिना व्यापार करने वाले व्यापारियों पर अर्थदण्ड अधिरोपित होगा कितु नगरपालिका परिषद शिवपुरी द्वारा उक्त ठहाराव मात्र कागजों में सीमित रह गया है ऐसे किसी भी व्यापारी के विरूद्ध नगरपालिका परिषद शिवपुरी द्वारा कोई अर्थदण्ड अधिरोपित नहीं किया गया है जिसके लिये नगर पालिका शिवपुरी उत्तरदायी है।
दूसरी तरफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा से संबंधित विभाग भी आता है। शिवपुरी जिला मुख्यालय पर पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारी जो कि वर्षों 05/01/2020 एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, उनके द्वारा अपने विभागीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के संबंध में पूर्व में भी मेरे द्वारा दो बार वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित में अवगत कराया गया है। उक्त मोडिफाइड वाहनों एवं चार पहियों के ठेलों पर खाद्य पदार्थ बनाकर विक्रय करने वालों के द्वारा अत्यधिक निम्न गुणवत्ता की खाद्य पदार्थों का उपयोग कर नागरिकों के जीवन एवं स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। उक्त विक्रेताओं द्वारा इतने कम दामों में खाद्य पदार्थों का विक्रय किया जा रहा है इससे अपने आप में यह स्पष्ट है कि उनके द्वारा खाद्य पदार्थों के निर्माण में गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सावरकर पार्क क्षेत्र, आर्य समाज रोड तथा कस्टम गेट क्षेत्र में शाम होते ही उक्त खाद्य पदार्थों के विक्रय करने वालों की भारी भीड़ एकत्रित होती है किंतु खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा एसे मोडिफाइड वाहनों अथवा चार पहिया ठेले वालों से खाद्य सामग्री के कोई नमूने नहीं लिये गये हैं जिससे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियत पर संदेह उत्पन्न होता है।
यह कि, उक्त खाद्य पदार्थ विकेताओं द्वारा निर्माण किये जा रहे अपमिश्रित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से किसी दिन भारी जनहानि होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है तथा ऐसी कोई दुर्घटना होने की दशा में संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कोई वैधानिक कार्यवाही किया जाना असंभव होगा क्योंकि संभावित दुर्घटना होने की स्थिति में वे अपने चार पहिया ठेला व वाहन लेकर रफूचक्कर हो जायेंगे और निर्दोष व्यक्ति अपनी जान से हाथ धो वैठेंगे क्योंकि ऐसे खाद्यपदार्थ विकेताओं के पास ना तो कोई लायसेंस है और ना ही प्रशासन के पास उनकी जानकारी ही है।
अतः आप सूचितगण को व्यापक लोकहित में इस आशय से उक्त वैधानिक सूचना पत्र प्रेषित किया जा रहा है कि समय रहते नोटिस में उल्लेखित बिंदुओं पर व्यापक स्तर पर वैधानिक कार्यवाही करें। सीएमएचओ अपने अधीनस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खाद्य पदार्थ निर्माताओं के खाद्य पदार्थों के व्यापक स्तर पर सैंपल लेकर उनकी समुचित जॉच करावें, जबकि नपा अपने कर्मचारियों से ऐसे विक्रेताओं एवं व्यापारियों के ट्रेड लायसेंस एवं दुकान स्थापना पंजीयन बनावें तथा संभावित दुर्घटना होने पर एसे खाद्य पदार्थ निर्माता एवं विक्रेताओं की पहचान कर उनके विरूद्ध कार्यवाही हो सके।
अतः व्यापक लोकहित में सूचना पत्र प्रचलित कर आप सूचितगण से अपेक्षा की जाती है कि नोटिस में उल्लेखित लोकहित के विषय पर आप सूचितगण त्वरित कार्यवाही कर हमें उक्त कार्यवाही से अवगत करावें, अन्यथा की दशा में विवश होकर हमें आप सूचितगण के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में कार्यवाही करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा जिसके समस्त हर्जे खर्चे की जबाबदेही आप सूचितगण की होगी।











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