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#धमाका_खास_खबर: मोहन सरकार के बजट में खामोश रहने वाले शिवपुरी जिले के बीजेपी विधायकों को नहीं मिली अपेक्षित राशि, पोहरी के कांग्रेस विधायक ले आए फंड, द ग्रेट सिंधिया के विभाग को तो मिले 1.68 लाख करोड़ शिवपुरी सूनी, प्रभारी मंत्री ने जरूर झटक लिए शिवपुरी केे पर्यटन और MSME के लिए दस हजार करोड़

बुधवार, 18 फ़रवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
Bhopal भोपाल। MP Budget 2026: विधानसभा में मोहन सरकार ने बुधवार को तीसरा बजट पेश किया। मध्य प्रदेश विधानसभा में 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इसे विकास की नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक साल नहीं, बल्कि अगले दो वर्षों की विकास रूपरेखा तय करने वाला ‘रोलिंग बजट’ है।
हम इस बजट पर आगे बात करें उसके पहले शिवपुरी जिले की पांच विधानसभाओं को बजट में मिले लाभ की बात करें तो पोहरी को छोड़कर शिवपुरी जिले की बाकी विधानसभा पीछे रह गई हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आज 18 फरवरी 2026 को पेश किए गए बजट 2026-27 में विशिष्ट विधानसभा क्षेत्रों (जैसे शिवपुरी, पोहरी, करेरा, पिछोर, कोलारस) के लिए अलग से राशि का सार्वजनिक विवरण अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है और आमतौर पर, राज्य बजट में विभागवार और योजनावार आवंटन किया जाता है, न कि सीधे विधानसभा क्षेत्रों के नाम पर फिर भी बड़ी घोषणा बजट घोषणा के साथ ही की जाती हैं जिनमें जिले का नाम शामिल नहीं है। हालाकि गुना लोकसभा सीट के सांसद और सरकार में मंत्रियों की भागीदारी से भारी माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया के संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय को प्रदेश सरकार ने करीब 1.68 लाख करोड़ रु. आवंटित किए हैं। ये राहत की बात तो हो सकती है लेकिन जिले के लिहाज से शिवपुरी कहीं न कहीं अलग खड़ी नजर आ रही है। इसके पीछे आमजन बीजेपी विधायकों की अपनी इलाकों के प्रति चैतन्यता की कमी और सरकार से लड़कर क्षत्रिय विकास के लिए प्रतिबद्धता में कमी मानकर चल रही है। लोगों का कहना है कि इन विधायकों को विनम्रता छोड़कर पोहरी के कांग्रेस विधायक से विधायकी का अंदाज सीखना चाहिए!
आइए देखते हैं जिले में कौन विधायक कितना सूरमा 
पोहरी में कांग्रेस के विधायक लेकिन हमेशा सजग, जुझारू 
पोहरी में कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह है लेकिन अपनी विधानसभा को लेकर प्रदेश सरकार और सदन में लगातार दहाड़ते रहने और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को प्लानिंग के साथ सरकार के समक्ष उठाने के चलते उन्हें बजट ने राहत दी है। उनकी बहुप्रतीक्षित मांग मायापुर, छर्च होते हुए श्योपुर तक सड़क निर्माण के लिए राशि आवंटित हो गई है। साथ ही नरवर के किले पर रोप वे को भी स्वीकृति दे दी है ये भले ही उनका प्रयास न हो लेकिन उनकी पोहरी विस में नरवर होने से इसका क्रेडिट भी उनके खाते में जोड़ा जा सकता है।
विधायक गली से शिवपुरी विस खाली हाथ!, प्रभारी मंत्री की मांग पूरी
बजट की पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है लेकिन हर स्थिति में पिछड़े पन से जूझ रही शिवपुरी विस को बड़ी राशि, बड़े काम की दरकार थी लेकिन लगातार मौन रहने वाले शिवपुरी के विधायक देवेंद्र जैन के खाते में कोई बड़ी योजना, काम नहीं आया है, अगर आया होता तो बजट में जिक्र होता। शिवपुरी के लिए मरहम लगाने का काम हालाकि प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने किया है जो बजट के पहले से शिवपुरी जिले के लिए पर्यटन और MSME पर जोर देने की बात कह रहे थे, जिसके लिए राज्य स्तर पर ₹10,000 करोड़ के फंड का प्रावधान किया गया है।
पिछोर के लिए भी कोई बड़ी घोषणा नहीं
जिले की पिछोर विस के लिए भी बजट में कोई बड़ी घोषणा सुनाई नहीं पड़ी है। हालाकि पिछोर विधायक प्रीतम लोधी खामोश नहीं रहते बल्कि प्रदेश स्तर पर दिए जाने वाले उनके बयान राष्ट्रीय स्तर तक छाए रहते हैं। 
कोलारस और करेरा को आंशिक राहत
कोलारस और करेरा के खाते में बजट की कुछ राशि आने की जानकारी मिल रही है। करेरा को अधिक और कोलारस को उससे कम राशि मिलने की बात सामने आई है। 
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट 
बजट में शिवपुरी सहित प्रदेश के 27 मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पांच हजार सीट्स बढ़ाई जाएगी। 
विभागीय आवंटन: 
बजट में पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए ₹19,050 करोड़ और शहरी विकास के लिए ₹18,715 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं, जिनका लाभ जिले की सभी विधानसभाओं को उनकी विकास योजनाओं के आधार पर मिलेगा।
सिंचाई एवं ऊर्जा: 
बजट में सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे उम्मीद की जा सकती है कि शिवपुरी जैसे कृषि प्रधान जिले की विधानसभाओं को लाभ मिल सकता है बशर्ते राशि आवंटित हो।
आइए पूरे बजट की बात करें
सरकार ने आज के बजट में कृषि के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है, जबकि सड़कों के विस्तार पर 21,630 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ‘द्वारका योजना’ के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सीएम के मुताबिक, राज्य 30% ग्रोथ रेट के साथ आगे बढ़ रहा है और किसी भी तरह का नया टैक्स नहीं लगाया गया है। साथ ही महिला सशक्तिकरण, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण पर भी खास फोकस रखा गया है।बजट भाषण वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रस्तुत किया। इस बजट में  सरकार पुलिसकर्मियों पर मेहरबान दिखाई दे रही है। 
पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं।  बजट में कानून व्यवस्था एवं लोक शांति के क्षेत्र में वर्ष 2026-27 में 14 हजार 306 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। जनजातीय विकास के लिए 11,277 गांवों हेतु 793 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। बजट भाषण का समापन करते हुए मंत्री ने इसे विकासोन्मुखी और जन कल्याणकारी बताया।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भाषण में साफ किया कि इस बजट का मूल उद्देश्य राज्य के "हर हाथ को काम" देना और रोजगार के नए अवसरों को सृजित करना है। इस बार बजट में 50 हजार सरकारी पदों पर भर्ती का ऐलान किया गया है।
पुलिस विभाग में अगले 3 साल में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती की जाएगी। इस साल 7500 पदों पर भर्ती करने की योजना है। साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए 15,000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों के लिए 4,485 शिक्षक भर्ती किए जाएंगे।













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