शिवपुरी। दोस्तों जल्दी धन कमाने की चाहत में या फिर बेरोजगारी में फोकट बैठे युवा संगठित अपराध की तरफ प्रेरित होते दिखाई दे रहे हैं। इसकी ताजी नजीर शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ और उनकी टीम की अथक मेहनत के बाद देखने को मिली है जिसने साफ सुथरी शिवपुरी का नाम बदनाम कर दिया है। गनीमत ये है कि पुलिस की इस कारवाई से लोगों को राहत मिल सकेगी और हो सकता है इस तरह के अपराध पर अंकुश लग जाए।
आइए पूरी घटना पर डालें प्रकाश
1. शिवपुरी जिले के मुख्य प्रभावित क्षेत्र (Hot spots) पर पुलिस की कार्रवाई मुख्य रूप से केंद् रही है:
* केकरार (Karera/Kerar)
* भोंती (Bhonti)
* पिछोर (Pichhore)
* अमोला (Amola)
ये इलाके अब साइबर अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने बन गए हैं, जहाँ से न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश (जैसे दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र) के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
2. ताज़ा कार्रवाई: 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' (20-22 फरवरी 2026)
कल और आज (फरवरी 2026) की रिपोर्ट्स के अनुसार:
* गिरफ्तारी: पुलिस ने एक साथ छापेमारी कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 12 अभी भी फरार हैं।
* बरामदगी: अपराधियों के पास से 1.07 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की गई है, जिसमें 7 लग्जरी गाड़ियाँ, 29 स्मार्टफ़ोन, कैश और कई बैंक पासबुक शामिल हैं।
* संगठित गिरोह: पकड़े गए आरोपियों में अंगद लोधी, विशाल लोधी, सुखदेव और दीपक प्रजापति जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग मुख्य रूप से केकरार और झांसी क्षेत्र के रहने वाले हैं।
3. अपराध करने का नया तरीका (Advanced Modus Operandi)
पहले ये लोग सिर्फ सेक्सटॉर्शन (अश्लील वीडियो) करते थे, लेकिन अब इन्होंने 'डिजिटल अरेस्ट' का तरीका अपना लिया है:
* Apps का जाल: ये अपराधी HIIU, Tokki, MIKA, ELOELO, और SUGO जैसे अनजान डेटिंग एप्स का इस्तेमाल करते हैं।
* नकली पुलिस: वीडियो कॉल के बाद, गिरोह का एक सदस्य पुलिस की वर्दी पहनकर या पुलिस अधिकारी बनकर फोन करता है और केस खत्म करने के नाम पर लाखों रुपये वसूलता है।
* मनी लॉन्ड्रिंग: ये लोग 'म्यूल अकाउंट्स' (दूसरों के बैंक खाते) का इस्तेमाल करते हैं ताकि पुलिस उन तक न पहुँच सके।
4. सामाजिक प्रभाव और चिंता
* युवाओं का भटकाव: इस क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे युवा कम समय में अमीर बनने के चक्कर में इस अपराध से जुड़ रहे हैं।
* क्षेत्र की बदनामी: केकरार और आसपास के गाँवों की पहचान अब 'साइबर क्राइम हब' के रूप में होने लगी है, जिससे यहाँ के आम निवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सावधानी ही सुरक्षा है
पुलिस ने इस क्षेत्र के लोगों और बाहर के लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि:
* अंजान वीडियो कॉल कभी न उठाएं।
* सोशल मीडिया पर 'Privacy Settings' को मज़बूत रखें।
* अगर कोई पुलिस वाला बनकर पैसे मांगे, तो डरे नहीं; असली पुलिस कभी भी पैसे लेकर मामला रफा-दफा नहीं करती।
क्या आप इस बारे में और जानना चाहते हैं कि अगर कोई इस जाल में फंस जाए तो कानूनी तौर पर क्या कदम उठाने चाहिए?
ऐसे खुली पोल
ऑपरेशन मैट्रिक्स में शिवपुरी जिले का करैरा और पिछोर क्षेत्र सायबर ठगी के बड़े केंद्र के रूप में सामने आया। पुलिस ने सायबर फ्रॉड से जुड़े चार मामलों में 32 32 लोगों को आरोपी बनाया जिनमें से 20 को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के पास से अश्लील वीडियो, 11 फर्जी डेटिंग एप, अरेस्ट वारंट की हार्ड कॉपी समेत कई आपत्तिजनक सामग्री मिली है। पुलिस ने 7 कार, 29 मोबाइल फोन, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक और एक मकान जब्त किया है।
भौंती क्षेत्र से 2022 में शुरू हुआ था अश्लीलता का यह गोरखधंधा कोरोनाकाल में हुआ था ये सब
कोरोनाकाल के बाद वर्ष 2022 से शिवपुरी जिले के भौती स्थित ग्राम महोवा, तिघारी, केडर, मनपुरा, दुल्हई सहित पिपारा व अन्य गांव के काफी लोग जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, यह सभी गागा, मीका, एलीलो, हनी, टोकी, हनी जैसी साइट बनाकर ऑनलाइन सिस्टम से शिवपुरी जिले सहित देश के दूसरे बड़े राज्यों में रहने वाले लोगों को अश्लील वार्तालाप करने के साथ ऑनलाइन अश्लील वीडियो दिखाने का झांसा देकर उनके साथ ब्लैकमेलिंग व साइबर ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम देने लगे। खास वात यह है कि अवैध वसूली का पूरा खेल ऑनलाइन ही होता था, आरोपी या फरियादी दोनों में से कोई भी एक दूसरे से कभी नहीं मिला।
सीखा सब झारखंड व बिहार से
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उनकी दोस्ती बिहार व झारखंड के कुछ ऐसे लोगों से हो गई थी, जो लोग यह काम बहुत पहले से कर रहे थे। उन लोगों ने ही इन ऐप के बारे में बताया और पूरा सिस्टम बनाकर दिया। शुरूआत में इस काम में जो पैसा आता था, उसमें से कुछ पैसा हम उन लोगों को भी देते थे, बाद में जब काम खुद अच्छे तरीके से सीख गए तो फिर उन लोगों से संपर्क कम हो गया। बता दें कि इस पूरे मामले में शिवपुरी जिले से कम पीड़ित है, 90 फीसदी लोग जो इनके शिकार हुए हैं। वह लोग देश के दूसरे राज्यों से हैं जो कि लुटने के बाद शिकायत तक नहीं कर पा रहे हैं। यह आरोपी जिन ऐप का उपयोग करते हैं, वह प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं हैं। यह सभी ऐप बड़े महानगरों में खुले बाजार में मिल जाते हैं। इसके बाद इन ऐप के माध्यम से ही यह पूरा गौरखधंधा होता है।
दंपति भी है शामिल
भौतीः सुखदेव व उसकी पत्नी भी सहभागी 10 पर केस दर्ज
ग्राम तिधारी निवासी सुखदेव लोधी पुत्र नंदकिशोर और उसकी पत्नी स्वाती के खिलाफ भौंती थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। साइबर ठगी में दंपत्ति सहभागी थे। इनके अलावा पुष्पेंद्र लोधी/ श्रीलाल, सौरभ लोधी/ शांतिलाल, भरत, अनिल पुत्रगण दशरथ लोधी, अर्जुन लोधी/ हजरत सिंह निवासी कुंडलपुर,राजीव लोधी/ बृजेश कुमार निवासी आजाद मोहल्ला भौती, करन परिहार/शिवचरण, दीपेश परिहार / विनोद के नाम भी शामिल हैं।
करेरा फर्जी डेटिंग एप के मास्टर माइंड अंगद समेत 17 पर एफआईआर
करैरा थाना पुलिस ने 20 फरवरी को मास्टर माइंड अंगद लोधी (26)/ पैज सिंह निवासी निमघना कुंडलपुर समेत विशाल लोधी/ नारा नारायण सिंह निवासी फिल्टर रोड करैरा, योगेंद्र सिंह लोधी/
अशोक, घनाराम लोधी/ रमेश, शिवम लोधी/ दशरथ, रज्जन लोधी/ रोशन, संजीव लोधी/ शोहनलाल, संजीव लोधी/ शोहनलाल, भूपेंद्र लोधी/ आनंद, रामबिहारी लोधी पुत्र मोहन निवासीगण छितीपुर, प्रदीप लोधी / रामसिंह व गोलू विश्वकर्मा पुत्र देवसिंह, सुजीत लोधी पुत्र प्रकाश निवासीगण टोड़ा करैरा, रईश पाल जाटव / जगदीश जाटव निवासी करारखेड़ा, नरेश लोधी/विजयराम निवासी बघरा साजौर, कृष्ण लोधी पुत्र जगदीश निवासी पिछोर के गौचोनी, सुरेंद्र लोधी / वीरसिंह निवासी अमोला के मामौनीखुर्द और अंकेश लोधी/प्रहलाद निवासी अमोला के मामौनीखुर्द को पकड़ा है।
इस तरह से फैला अश्लीलता का कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में यह काम दो या तीन घरों में होता था, लेकिन कुछ ही समय में जब इन घरो में शानदार लाखों रुपए की लग्जरी गाड़ी आई। फिर अच्च्छे मकान बने तो लोग इस गंदे खेल में एक के बाद एक होते गए। अकेले भौती थाना क्षेत्र की बात करें तो सैकड़ों लोग इस काले कारोबार में शामिल हैं और अभी तक करोड़ों रुपए का फर्जीबाड़ा कर चुके हैं। बड़े स्तर पर इस पूरे गौरखधंधे में महिलाएं भी जुड़ी है जो कि अश्लील वीडियो पर चेट कर प्रेम जला में फसाने का काम काम करती थीं। जब इस काम में लोगों को मोटा पैसा दिखाई दिया तो फिर यह कारोबार भौती के बाद खनियाधाना व पिछोर के साथ करैरा और अमोला क्षेत्र के कई गांव में भी पहुंच गया।
ये बोले एसपी
सायबर फ्रॉड से संबंधित दर्ज पर 4 fir कर 32 लोगों को आरोपी बनाया है और 20 लोगों की गिरफ्तारी लोगों से कार, बाइक ,atm और एक मकान की जब्ती हुई है। अभी गिरफ्तारी बाकी है। - अमनसिंह राठौड













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