केस हारने के बाद से आरोपी लगातार धमकियां दे रहे थे कि वे आगे उनके खिलाफ कोई केस न लड़ें। उन्हें जान से मारकर फेंक देने की धमकी दी गई थी। इसके बावजूद संजय सक्सेना मिठुआ जाटव के पक्ष में एक अन्य जमीन विवाद का केस लड़ रहे थे। इस जमीन के एक हिस्से पर शिक्षक कमलेश शर्मा का कब्जा बताया गया है।
कुलदीप सक्सेना के अनुसार, कमलेश शर्मा केस से हटने या राजीनामा कराने के लिए लगातार दबाव और धमकी दे रहे थे। गांव के सूरज आदिवासी ने उनके मंझले भाई अनिल सक्सेना को बताया था कि कमलेश कह रहा था कि 12 लाख रुपए ले लो और संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दो।
उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों से चुनावी रंजिश भी चली आ रही थी। अगस्त-सितंबर में उनकी 6 बीघा जमीन में खड़ी मूंगफली की फसल उजाड़ दी गई थी। इसकी शिकायत दिनारा थाने में की गई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
अभिभाषक संघ ने हड़ताल की चेतावनी दी
अभिभाषक संघ के सचिव राम नरेश तिवारी ने हड़ताल की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा अगर तत्काल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तार नहीं करती तो अभिभाषक संघ सोमवार से न्यायालय में काम बंद कर हड़ताल करेंगे। साथ ही थाने के बाहर भी धरना देंगे।
साथी एडवोकेट लेकर गया अस्पताल
करेरा के एडवोकेट संजय सक्सेना को घर से कोर्ट आते समय सागर ताल के पास में गोली मारी गई। बताया जा रहा है कि वारदात के कुछ देर बाद उसी सड़क से गुजर रहे एक अन्य वकील की नजर सड़क पर पड़े संजय सक्सेना पर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। इधर खबर मिलते ही शिवपुरी से एसपी अमन सिंह राठौड़ मौके पर रवाना हो गए थे। उनका कहना है कि आरोपी जो भी हों उन्हें पुलिस जल्द गिरफ्तार करेगी। सीसीटीवी फुटेज के साथ कई टीम आरोपियों को पकड़ने लगाई हैं।













सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें