खनियाधाना। खनियांधाना में पाषाण से परमात्मा बनने का कार्यक्रम पंच कल्याणक महोत्सव प्रारंभ हो गया। नगर में जिनेन्द्र भगवान की विशाल रथयात्रा एवं घट यात्रा से महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
प्रथम दिन याग मंडल विधान के आयोजन में सैकड़ों इन्द्र-इंद्राणी शामिल हुए। इस तरह खनियांधाना आज एक स्वर्णिम इतिहास की साक्षी बनी। जहां नगर के प्राचीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के नवीन जिन मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम विशाल शोभायात्रा से प्रारंभ हुआ जो नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ कार्यक्रम स्थल अयोध्या नगरी हाई स्कूल ग्राउंड पहुंचा । शोभा यात्रा में विशाल रथ पर जिनेंद्र भगवान को विराजमान करके श्रद्धालु भक्तिभाव पूर्वक चल रहे थे और हजारों की संख्या में जैन श्रद्धालु भक्ति गीतों पर नृत्य करके झूम रहे थे । शोभायात्रा में मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज एवं मुनि 108 श्री निरापद सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं त्रयगजरथ महोत्सव का भव्य और ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। इस महापर्व को लेकर समूचा क्षेत्र भक्ति के चरम पर है और नगर का कोना-कोना मंगलकारी जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।
जुलूस का दृश्य अलौकिक था सबसे आगे दो विशाल हाथियों पर भगवान के माता-पिता और यज्ञ नायक परिवार सवार थे। उनके पीछे सजी-धजी बग्गियों में अष्ट कुमारियां और केसरिया साड़ियों में सिर पर मंगल कलश धारण किए सैकड़ों महिलाएं मंगल गान करती चल रही थीं। श्वेत वस्त्रों में धर्म ध्वजा लिए पुरुष वर्ग और जैन नवयुवक सभा के युवाओं द्वारा बैंड-बाजे व डीजे की धुन पर किए जा रहे नृत्य ने समां बांध दिया। मुनिसंघ के पीछे रथ पर सवार श्रीजी के दर्शनों के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर महोत्सव समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र जैन 'गोटू' ने मंत्रोच्चार पूर्वक ध्वजारोहण किया एवं तीर्थोदय गोलाकोट कमेटी के कार्याध्यक्ष राकेश जैन वास्तु शास्त्री , जयपुर ने पंडाल का फीता खोलकर शुभारंभ किया ,
प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश (अशोकनगर) के कुशल निर्देशन में समस्त मांगलिक क्रियाएं मंत्रोच्चार के बीच संपन्न की गईं।
ध्वजारोहण के पश्चात आयोजित विशाल धर्मसभा में हज़ारों श्रद्धालुओं ने मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के ओजस्वी प्रवचनों का लाभ लिया। मुनिश्री ने पंचकल्याणक की महत्ता बताते हुए कहा कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा से परमात्मा बनने की प्रक्रिया है।
महोत्सव समिति के प्रवीण जैन एवं अनुभव जैन शास्त्री ने बताया कि आज प्रथम दिन गर्भ कल्याणक की पूर्व क्रिया का दिवस है इसलिए दोपहर में इंद्र प्रतिष्ठा एवं सकलीकरण की क्रियाएं तथा याग मंडल विधान का आयोजन किया गया तथा रात्रि में माता के सोलह स्वप्नों का प्रदर्शन किया गया एवं सत्येंद्र शर्मा एंड पार्टी द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। प्रशासन और समिति ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और आवास के चाक-चौबंद प्रबंध किए हैं।












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