द्वितीय चरण शाम 5 बजे से मध्य रात्रि तक शहर के मुख्य केंद्र माधव चौक चौराहा पर प्रसाद वितरण (भंडारा) अनवरत रूप से जारी रहेगा। मां पीतांबरा भक्तगण समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे इस पावन प्राकट्योत्सव के अवसर पर सपरिवार पधारकर मां का आशीर्वाद एवं महाप्रसाद ग्रहण करें।
बता दें कि देवी बगलामुखी का प्राकट्योत्सव वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, इस बार यह तिथि 24 अप्रैल को है।
माँ बगलामुखी स्तंभन शक्ति की अधिष्ठात्री हैं, अर्थात यह अपने भक्तों के भय को दूर करके शत्रुओं और उनके बुरी शक्तियों का नाश करती हैं।
इन्हें युद्ध और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली देवी माना जाता है। वशीकरण और कीलन की शक्ति देने वाली माँ बगलामुखी के पीतांबरा, ब्रह्मास्त्र रूपिणी आदि नाम भी हैं।
देवी बगलामुखी का रंग स्वर्ण के समान पीला होता है अत: साधक को माता बगलामुखी की आराधना करते समय पीले वस्त्र ही धारण करना चाहिए।
जय माई की 🙏













सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें