Responsive Ad Slot

Latest

latest

#धमाका_खास_खबर: "बचपन" पर "भारी" 'बस्ता': तीसरी क्लास के बच्चे के बैग का वजन 5.5 किलो, प्रिंसिपल की पहल से मिली राहत

मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। छोटे बच्चों की पीठ पर बस्ते का बोझ उनकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। हाल ही में एक जागरूक अभिभावक ने जब अपनी तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली बेटी के बैग का वजन किया, तो वह 5.5 किलोग्राम निकला, जो कि निर्धारित सरकारी मानकों से दोगुने से भी अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल बैग का वजन बच्चे के कुल भार के 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। इस मामले में अभिभावक के निवेदन के पश्चात प्रिंसिपल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दैनिक विषयों की संख्या 7 से घटाकर 5 कर दी है, जिससे बैग का वजन कम होकर 4 किलो रह गया है। हालांकि, स्वास्थ्य मानकों के अनुसार कक्षा 3 के लिए यह अब भी 3 किलो से कम होना चाहिए।
अभिभावकों के लिए संदेश:
शिक्षण संस्थानों और पालकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। कॉपियों की संख्या सीमित करना, स्कूल में बुक-शेल्फ की व्यवस्था और हल्की पानी की बोतलों का उपयोग कर इस बोझ को कम किया जा सकता है। याद रखें, भारी बस्ता बच्चों में रीढ़ की हड्डी और कंधों के दर्द जैसी स्थायी समस्याएं पैदा कर सकता है।
बच्चों की पीठ पर भारी बस्ते का बोझ एक गंभीर मुद्दा है, जो उनके स्वास्थ्य, रीढ़ की हड्डी और एकाग्रता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। जानकारों के अनुसार, इसका मुख्य कारण सिलेबस का बढ़ना और अतिरिक्त किताबें ले जाना है, जिससे बच्चों को थकान और पीठ में दर्द जैसी समस्याएं होती हैं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव:
भारी बस्ते से कंधों और पीठ में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, और झुककर चलने की समस्या हो सकती है।
समाधान
स्कूल प्रशासन और अभिभावकों को मिलकर वजन कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए, जैसे कि किताबें स्कूल में ही रखना या ई-बुक्स का उपयोग करना।
गाइडलाइन्स
मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के अनुसार, पहली और दूसरी कक्षा के लिए बस्ते का वजन 1.5 किलो से कम होना चाहिए, और तीसरी से पांचवीं के लिए यह 2 से 3 किलो तक हो सकता है।
दार्शनिक दृष्टिकोण
बस्ते का बोझ तो पीठ सह लेती है, लेकिन अपेक्षाओं का बोझ (अंकों का दबाव) बच्चों के लिए कहीं ज्यादा चिंताजनक है। इसलिए भारी बस्ते के बोझ को कम करने के लिए, बच्चों को केवल आवश्यक किताबें ही स्कूल ले जानी चाहिए।













कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129