शिवपुरी। शिक्षा अर्जन में सिर्फ सूचना का आदान-प्रदान होता है इसका प्रज्ञा या विद्या के साथ सीधा रिश्ता नही है। विद्या व्यक्ति केंद्रित है और शिक्षा कॅरियर। सही मायने में जहां विद्या दी जाती है, वह आज के प्रचलित अर्थ स्कूलों में नहीं मिल सकती है वह तो निकेतन सदृश्य विद्या केंद्रों में ही संभव है।बाल शिक्षा निकेतन सही मायनों में विद्या केंद्र जैसी अनुभूति देता है। यह बात मप्र के दिव्यांगजन आयुक्त डॉ अजय खेमरिया ने
बाल शिक्षा निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित स्काउट होली डे कैम्प में कही। कार्यक्रम मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी श्रीमती गीता दीवान एवं स्काउट जिला कमिश्नर तरुण अग्रवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने प्रेरक और मनमोहक प्रस्तुतियां प्रदान की।
मुख्य अतिथि डॉ खेमरिया ने कहा कि जब भी इस विद्यालय में आता हूं और बच्चों की भारत केंद्रित प्रस्तुतियां देखकर शिक्षा जगत की कमियां, चिंता और शक दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को विद्यार्जन ऊंचे पद, पैसे के लिए न करके केवल ज्ञान और जिज्ञासा ध्यान में रखकर करना चाहिए।इसके लिए हम अपने दादा, दादी, नाना, नानी से बात करके बहुमूल्य ज्ञान प्राप्त कर सकते है। हमारी प्रकृति के तात्विक सिद्धांत और लोक संस्कृति से जुड़ी कलाओं के विषय में जानने के प्रयास हमें सूचनाओं के अनुपयोगी संग्रह के स्थान पर आत्म केंद्रित विद्या की अनुभूति से संयुक्त करेगा।
स्कूल संचालिका श्रीमती बिंदु छिब्बर ने बताया कि बच्चों को स्काउट गाइड, रेडक्रास, एनएसएस के माध्यम से अनुभव और देशज ज्ञान से जोड़ने का प्रयास निरन्तर किया जाता है। इनके माध्यम से हमारे बच्चे व्यवहारिक जगत के साथ जुड़ते है जो केवल किताबों से अर्जित नही होता है।
कैम्प में बच्चों ने फर्स्ट एड , योग एवं आत्म रक्षा तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन किया। एक मनोहर कावंड़ यात्रा नृत्य तथा प्रकृति का चित्रण करते हुए ' ये कौन चित्रकार है ' नृत्य भी प्रस्तुत किये गए।
स्काउट गाइड के शिवपुरी आयुक्त तरुण अग्रवाल ने विद्यालय के स्काउट से जुड़े कार्यों एवं सतत गतिविधियों की भूरि भूरि प्रशंसा की. उन्होंने उपस्थित सभी से आग्रह किया कि किसी भी कार्यक्रम में प्लास्टिक सामान इस्तेमाल न किया जाए।
विशिष्ट अतिथि गीता दीवान ने बालिका सुरक्षा को दृष्टि में रखते हुए आत्म रक्षा की प्रस्तुति को समय की आवश्यकता बताया।श्रीमती दीवान ने स्कूल के अनुशासन और प्रतिबद्धता को भी मुक्त कंठ से सराहा।
प्राचार्य पवन उपाध्याय ने स्कूल की शिक्षणेत्तर गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। अंत में पूर्व प्राचार्या डॉ कामिनी सक्सेना के साथ बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शामिल 04 बच्चों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समाजसेविका श्रीमती विभा रघुवंशी, श्रीमती दीप्ति त्रिवेदी, श्रीमती सुमन सांखला, श्री एमएस द्विवेदी द्विवेदी,श्री योगेन्द्र तोमर, अजय सांखला के अलावा पालकों की भी विशेष उपस्थिति रही.













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