Responsive Ad Slot

Latest

latest

#धमाका_बड़ी_खबर: नामांतरण से पूर्व अभिलेखों की होगी जांच, 5 साल पहले की फाइल परखी जाएंगी, जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ने "प्रतिबंधित श्रेणी की भूमि के अवैध हस्तांतरण एवं नामांतरण पर सख्ती, दिए निर्देश"

मंगलवार, 2 जून 2026

/ by Vipin Shukla Mama
*कलेक्टर ने उप पंजीयकों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को जारी किए निर्देश
जिला पंजीयक को बैठक में दिए निर्देश
शिवपुरी, 02 जून 2026 कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने प्रतिबंधित एवं नियंत्रित श्रेणी की भूमियों के अवैध हस्तांतरण, पंजीयन एवं नामांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिले के समस्त उप पंजीयकों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश जारी किए हैं। इस सम्बन्ध में मंगलवार को बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में जिला पंजीयक को निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। 
जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिले में अहस्तांतरणीय भूमि, पट्टे की भूमि, शासन प्रदत्त भूमि, भूदान भूमि तथा अन्य प्रतिबंधित श्रेणी की भूमियों के संबंध में विधिक प्रावधानों की उपेक्षा कर विक्रय विलेखों का पंजीयन एवं नामांतरण किए जाने के मामलों से शासन के हितों एवं स्वामित्व को क्षति पहुंचने की संभावना बनी रहती है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 के अनुसार प्रतिबंधित श्रेणी की भूमि का हस्तांतरण कलेक्टर अथवा सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। इसलिए निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी किसी भी भूमि के दस्तावेज का पंजीयन करने से पूर्व सक्षम अनुमति का अनिवार्य रूप से परीक्षण किया जाए। 
नामांतरण से पूर्व अभिलेखों की होगी जांच
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी नामांतरण प्रकरण में भूमि की प्रकृति, खसरा अभिलेख, सक्षम अनुमति एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किए बिना आदेश पारित न किए जाएं। केवल प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण की कार्यवाही न करते हुए हस्तांतरण की वैधता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले पांच वर्षों के प्रकरणों की होगी समीक्षा
निर्देशों के अनुसार विगत पांच वर्षों में प्रतिबंधित श्रेणी की भूमियों से संबंधित सभी नामांतरण प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। जिन मामलों में सक्षम अनुमति अभिलेख पर उपलब्ध नहीं है, उनकी पृथक जांच कर प्रतिवेदन उपखंड अधिकारी के माध्यम से कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
अनियमितता पाए जाने पर होगी व्यक्तिगत जवाबदेही तय
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में किसी भी स्तर पर प्रतिबंधित भूमि का अवैध पंजीयन अथवा नामांतरण पाए जाने पर संबंधित उप पंजीयक, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। ऐसे मामलों में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई, प्रतिकूल प्रविष्टि एवं दायित्व निर्धारण की कार्रवाई की जाएगी।















कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129