Responsive Ad Slot

Latest

latest

#धमाका_न्यूज: माँ जानकी प्रकटोत्सव को शासकीय मान्यता दिलाने जानकी सेना का महाअभियान शुरू

मंगलवार, 16 जून 2026

/ by Vipin Shukla Mama
ऋषि शर्मा की रिपोर्ट 
*जानकी सैनिकों द्वारा चौदह चरणों में व्यापक रणनीति तैयार
शिवपुरी। माँ जानकी प्रकटोत्सव को शासन द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित करवाने के दृढ़ संकल्प के साथ अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन ने एक व्यापक और चरणबद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन का शंखनाद कर दिया है, जिसकी भाषा शैली में अटूट आस्था, दृढ़ संकल्प और लोकतांत्रिक मर्यादा का एक अभूतपूर्व संगम दिखाई देता है। इस वृहद् अभियान की शुरुआत के तहत जानकी सैनिकों द्वारा मध्य प्रदेश के  मुख्यमंत्री मोहन यादव को दस हजार मांग ज्ञापन पत्र भेजे जा रहे हैं, जिसके समानांतर
जन-जन तक अपनी आवाज पहुँचाने के लिए मीडिया जगत के
मध्य पहुँचकर विस्तृत पत्रकार वार्ताएँ भी आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन के द्वारा एक वृहद स्तरीय पत्रकार वार्ता नक्षत्र गार्डन में आयोजित की गयी, संगठन के मीडिया प्रमुख संजय आजाद ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने न केवल सकल हिन्दू समाज के मध्य पहुँचकर उन्हें इस पावन अभियान के विषयों, कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों से अवगत कराने का बीड़ा उठाया है, बल्कि विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से भी संपर्क स्थापित कर पत्राचार हेतु सक्रिय सहयोग प्राप्त करना शुरू कर दिया है। आंदोलन की इस पावन वैचारिक यात्रा में संतों के पावन सानिध्य में पहुँचकर उनका आशीष ग्रहण किया जा रहा है, वहीं देश की ऊर्जावान युवा शक्ति के मध्य संवाद स्थापित कर इस महा-अभियान को गति देने के लिए उनके बहुमूल्य विचार और सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। अपनी मांग को शासन के शीर्ष नेतृत्व तक पूरी मजबूती से पहुँचाने के लिए संगठन के प्रतिनिधि जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनका सहयोग मांग रहे हैं, साथ ही ग्रामीण अंचलों में निरंतर जन-सभाओं का आयोजन कर जमीनी स्तर पर इस मांग को एक विराट जनांदोलन का रूप दिया जा रहा है। देश के महानगरों की ओर प्रस्थान कर अभियान को तीव्र गति प्रदान करने के उद्देश्य से लगभग पचास अलग-अलग इकाइयों के जानकी सैनिक साइकिल यात्रा निकालते हुए राजधानी भोपाल के लिए कूच करेंगे, जबकि देश भर में विद्यमान संगठन की समस्त इकाइयों द्वारा स्थानीय जिला कलेक्टर्स को भी सामूहिक रूप से मांग ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक स्तर पर आंदोलन को मजबूती प्रदान की जाएगी । आंदोलन के अंतिम और निर्णायक पड़ाव के रूप में राजधानी भोपाल में हजारों जानकी सैनिकों की उपस्थिति में एक विशाल मांग पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद चौदह हजार जानकी सैनिकों द्वारा अपने रक्त से लिखे गए 'रक्तपत्र' सीधे सीएम हाउस भेजे जाएंगे। माँ जानकी के प्रति अगाध समर्पण और चौदह वर्ष के वनवास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को आधार मानकर तैयार किए गए इस चौदह चरणीय मांग आंदोलन का समापन मांग पूरी होने तक राजधानी भोपाल में अखंड भूख हड़ताल(आमरण अनशन ) के रूप में होगा, जो संगठन के 'जय श्री राम' और 'जय जानकी मां' के उद्घोष के साथ अपने दृढ़ निश्चय को प्रमाणित करता है। संगठन के राष्ट्रीय विस्तारक महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम दास जी महाराज, अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक श्री रघुवीर गौर गुरुजी,राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने एक मत होकर सभी सनातनियों से अपील की है कि वह इस आंदोलन का हिस्सा बनकर मां जानकी के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन का समर्थन कर प्रथम चरण में मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र भेजे और इस धर्म कारसेवा में अपनी अमूल्य हिस्सेदारी सुनिश्चित करें। आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए आप 8806610008 और 9399247072 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
​माँ जानकी के पावन चरित्र और चित्रकूट के ऐतिहासिक संबंधों के माध्यम से संगठन ने स्पष्ट किया आंदोलन का मूल उद्देश्य
​शिवपुरी में अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने आंदोलन के मूल उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए गौरवपूर्वक रेखांकित किया है कि इस लोक-कल्याणकारी संगठन का उद्गम स्थल वीर भूमि मध्य प्रदेश का शिवपुरी जिला है, जहाँ से संपूर्ण राष्ट्र और विदेशों तक में सांस्कृतिक पुनरुत्थान की धार्मिक अलख जगाई जा रही है। उन्होंने माता जानकी के विराट स्वरूप और पावन धरा के अंतर्संबंधों को स्पष्ट करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश की पावन धरा का मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम और साक्षात् शक्ति स्वरूपा माता जानकी के जीवन से अत्यंत गहरा, अटूट और सीधा ऐतिहासिक संबंध रहा है, क्योंकि अपने चौदह वर्ष के दीर्घकालिक वनवास काल के दौरान प्रभु श्री राम ने माता जानकी के साथ सबसे लंबा, शांतिपूर्ण और साधना मय समय इसी पावन धरा के चित्रकूट अंचल में व्यतीत किया था। चित्रकूट के घने जंगलों, मंदाकिनी गोदावरी के पावन तटों और यहाँ की ऋषि परंपरा के सानिध्य में व्यतीत हुआ वह कालखंड गवाह है कि माता जानकी ने किस प्रकार महलों के वैभव को त्यागकर सहर्ष राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए कष्टों को अंगीकार किया था। संगठन का यह देशव्यापी आंदोलन मात्र एक शासकीय तिथि घोषित करवाने की मांग नहीं है, बल्कि यह उस परम पावन नारी शक्ति की साक्षात् प्रतीक, त्याग, तपस्या और समर्पण की प्रतिमूर्ति माता जानकी के प्रति संपूर्ण सनातनी समाज की सामूहिक कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है, जो अनादि काल से भारतीय परिवारों में घर-घर जाकर अपनी संतानों का उत्तम पालन-पोषण करने वाली और उन्हें उच्च संस्कार देने वाली प्रत्येक माता और राष्ट्र की एक-एक भगिनी के लिए सर्वोच्च प्रेरणा स्रोत रही हैं। वर्तमान युग में जब पारिवारिक और नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, तब माता जानकी के आदर्शों को पुनर्स्थापित करना और उनके प्रकटोत्सव को शासकीय मान्यता दिलाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकें। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रावत ने स्पष्ट शब्दों में इस महा-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रकट करते हुए कहा कि जब तक शासन द्वारा लोक-आस्था के इस पावन पर्व 'माँ जानकी प्रकटोत्सव' को आधिकारिक और शासकीय रूप से घोषित कर सर्वत्र मान्यता प्रदान नहीं कर दी जाती, तब तक शिवपुरी की धरती से उपजा यह जानकी सैनिकों का संकल्प और चित्रकूट की पावन स्मृतियों से ऊर्जित यह वैचारिक कारसेवा थमेगी नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र में एक नई सांस्कृतिक चेतना का सूत्रपात करेगी।














कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129