डराकर और बातों में उलझाकर दिया वारदात को अंजाम
शिवपुरी के कस्टम गेट की रहने वाली किरण राठौर के साथ यह वारदात बेहद शातिराना ढंग से की गई। ठगों ने महिला के सीधेपन और डर का फायदा उठाकर पूरी घटना को इस तरह अंजाम दिया:
रास्ते में घेरा:
पीड़िता सुबह करीब 10 बजे अपने घर से डाक बंगला के सामने स्थित शिवपुरी ड्रेसिंग सेंटर की तरफ पैदल जा रही थीं, तभी छब्बर स्कूल के पीछे तीन अज्ञात ठगों ने उनका रास्ता रोक लिया।
बातों का जाल:
तीनों आरोपियों ने महिला को अपनी बातों में उलझा लिया और अचानक उन्हें किसी अनहोनी का भय दिखाकर बुरी तरह डराना और धमकाना शुरू कर दिया।
दबाव में उतरवाए जेवर:
ठगों के डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने खुद ही अपने गले से सोने का मंगलसूत्र, कान की कानोती और सोने के सुई-धागे उतारकर अपने पर्स में रख लिए, जिसमें ₹4000 नगद भी मौजूद थे।
नजरों से ओझल होने का खेल:
ठगों ने महिला के हाथ से वह कीमती सामान और नगदी वाला पर्स ले लिया और उसे दूसरे साथी को सौंप दिया।
11 कदम का झांसा:
इसके बाद आरोपियों ने महिला को भ्रमित करने के लिए कहा, "तुम यहाँ से 11 कदम आगे चलो।" जैसे ही सहमी हुई महिला आगे बढ़ी, तीनों शातिर ठग माल समेटकर पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए।
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'चेकिंग' या 'लूट' के झांसे में न आएं:
ठग अक्सर पुलिसकर्मी बनकर या "आगे मर्डर/लूट हो गई है" कहकर जेवर उतरवाने की कोशिश करते हैं, ऐसे दावों पर बिल्कुल भरोसा न करें।
अजनबियों से सुरक्षित दूरी रखें:
रास्ते में बात करने की कोशिश कर रहे संदिग्ध लोगों के बहुत करीब न जाएं, ताकि वे सम्मोहन या किसी नशीले पाउडर का इस्तेमाल न कर सकें।
कीमती जेवर ढककर निकलें:
पैदल चलते समय अपने सोने के आभूषणों को पल्लू, दुपट्टे या स्कार्फ से छिपाकर रखें ताकि अपराधियों की नजर उन पर न पड़े।
संदेह होने पर तुरंत शोर मचाएं:
यदि कोई आपको जबरन रोकने या डराने की कोशिश करे, तो बिना डरे तुरंत चिल्लाएं या पास की किसी दुकान/भीड़ वाले स्थान की ओर भागें।
अनजान सलाह पर सामान न उतारें:
















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