bhopal भोपाल। प्रदेश सरकार में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने फिर IAS की तबादला सूची जारी कर दी है। पदभार संभालने के बाद आईएएस अधिकारियों की दूसरी तबादला सूची जारी कर उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने अनुरूप प्रशासनिक टीम के साथ चलेंगे। 24 जुलाई को 23 आईएएस अधिकारियों के प्रभार बदलने के बाद अब 28 जुलाई को 8 और अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इन तबादलों को यदि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसले से जोड़कर देखें, तो तस्वीर और स्पष्ट होती है। सरकार ने 'जन विश्वास अभियान' शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत हर शुक्रवार मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव, मंत्री, संभागायुक्त और कलेक्टर तक पूरे दिन जनता के बीच रहेंगे। ऐसे अभियान के लिए फील्ड में सक्रिय और परिणाम देने वाली टीम की जरूरत होगी।
देखिए किसे क्या मिला
एक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि दो दिन पहले जारी आदेश में भी संशोधन किया गया है। सबसे चर्चित बदलाव मिशा सिंह को लेकर रहा। 24 जुलाई को उन्हें शहडोल कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन दो दिन बाद आदेश संशोधित कर उन्हें अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास बनाया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव उनके स्वयं के आग्रह पर किया गया।
दिनेश जैन के लिए यह सूची लंबे इंतजार के बाद राहत लेकर आई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जैसे कार्यक्रम संभालने के बाद उन्हें संचालक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ विभाग का सचिव बनाया गया है।
गिरीश शर्मा की पदस्थापना भी चर्चा में है। जिस विभाग में वे अब तक विभागाध्यक्ष (HOD) थे, उसी विभाग में उन्हें अपर सचिव बनाया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे अपेक्षाकृत कम प्रभाव वाली जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
अंकित अस्थाना को आखिरकार नई जिम्मेदारी मिली। एमपीआईडीसी के अतिरिक्त प्रबंध संचालक रहे अस्थाना अब सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले आदेश में उद्योग विभाग से प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह हटाए गए थे और अब उद्योग विभाग से जुड़े दूसरे वरिष्ठ आईएएस अंकित अस्थाना का भी तबादला हो गया। इससे उद्योग विभाग में व्यापक पुनर्गठन के संकेत मिलते हैं। अदिति गर्ग की पदस्थापना में भी संशोधन किया गया है। उन्हें खाद्य विभाग से हटाकर मध्यप्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुष्मान भारत की पूर्व सीईओ और सख्त कार्यशैली के लिए पहचानी जाने वाली अदिति गर्ग पर सरकार ने कौशल विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र का भरोसा जताया है।
इसके अलावा पार्थ जायसवाल, मृणाल मीणा और कुमार सत्यम को क्रमशः शहडोल, छतरपुर और बालाघाट का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं स्वरोचिष सोमवंशी को राज्य योजना आयोग और अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का अतिरिक्त प्रभार देकर नीति निर्माण को भी मजबूती देने का प्रयास किया गया है। इस तरह लगातार दो तबादला सूचियां और उसके बाद 'जन विश्वास अभियान' की घोषणा यह संकेत देती है कि सरकार अब मंत्रालय-केंद्रित प्रशासन से आगे बढ़कर मैदान में सक्रिय, जवाबदेह और जनसंवाद आधारित प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना चाहती है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि हाल के दिनों में युवाओं के बीच उभरे असंतोष के बाद सरकार प्रशासन और जनता के बीच संवाद बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। हालांकि, सरकार ने इन दोनों घटनाओं को आधिकारिक रूप से एक-दूसरे से नहीं जोड़ा है।
















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