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#mamakadhamakanews: बाबा धीरेन्द्र शास्त्री के चेले कपिल गुप्ता की पत्नी के साथ हुई साइबर ठगी, गूगल से डॉक्टर का नंबर ढूंढना पड़ा भारी, APK फाइल डाउनलोड करते ही महिला का फोन हैक, खाते से उड़ाए ₹2.94 लाख

रविवार, 12 जुलाई 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरी। महानगरों के बाद अब छोटे शहरों में भी साइबर ठगों का जाल तेजी से फैल रहा है। शिवपुरी के एक प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कारोबारी और बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा आयोजित कराने वाले कपिल गुप्ता की पत्नी शिल्पी गुप्ता साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) का शिकार हो गई हैं। ठगों ने उनके मोबाइल को हैक कर दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 2 लाख 94 हजार 202 रुपये पार कर दिए। पीड़ित परिवार की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) का उदाहरण है, जिसे APK स्कैम या मैलवेयर स्कैम कहा जाता है। इसमें ठग लोगों को झांसा देकर उनके फोन में एक खतरनाक फाइल डाउनलोड करवा देते हैं, जिससे उन्हें फोन का पूरा कंट्रोल मिल जाता है।
कैसे हुई धोखाधड़ी? (Modus Operandi)पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिल्पी गुप्ता को किसी डॉक्टर से परामर्श (Consultation) लेना था। इसके लिए उन्होंने गूगल पर संबंधित डॉक्टर का मोबाइल नंबर खोजा। सर्च रिजल्ट में आए एक नंबर पर जब उन्होंने कॉल किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर का सहायक बताया।
बातचीत के दौरान ठग ने झांसा देकर उनके व्हाट्सएप पर एक APK (Android Package) फाइल भेजी और उसे मोबाइल में डाउनलोड करने को कहा। शिल्पी गुप्ता ने जैसे ही उस फाइल को डाउनलोड कर इंस्टॉल किया, उनका पूरा मोबाइल फोन हैक हो गया।
दो बैंकों के खातों में लगाई सेंध
मोबाइल का पूरा एक्सेस मिलते ही साइबर ठगों ने शिल्पी गुप्ता के आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के खातों तक अपनी पहुंच बना ली। इसके बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खातों से ₹2,94,202 गायब कर दिए गए। मोबाइल पर पैसे कटने के मैसेज आने के बाद परिवार को इस बड़ी ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने शुरू की जांच
खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही कपिल गुप्ता ने तुरंत कोतवाली थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की साइबर सेल टीम अब उस फर्जी नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन की कड़ियों को जोड़कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
साइबर सेल की जरूरी सलाह
खुद को कैसे बचाएं?
इस घटना के बाद साइबर एक्सपर्ट्स ने आम नागरिकों के लिए कुछ बेहद जरूरी सुरक्षा उपाय जारी किए हैं:गूगल सर्च पर अंधविश्वास न करें: गूगल पर मिलने वाले हेल्पलाइन या डॉक्टरों के नंबर हमेशा सही नहीं होते। ठग सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) के जरिए अपने फर्जी नंबर ऊपर ला देते हैं। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) पर जाकर ही नंबर लें।
व्हाट्सएप पर आई फाइल डाउनलोड न करें: 
यदि कोई अनजान व्यक्ति व्हाट्सएप या मैसेज पर .apk एक्सटेंशन वाली फाइल भेजता है, तो उसे भूलकर भी इंस्टॉल न करें। यह एक खतरनाक वायरस (Malware) होता है जो आपके फोन का सारा डेटा और ओटीपी (OTP) चोरों तक पहुंचा देता है।
केवल प्ले स्टोर का उपयोग करें
कोई भी ऐप डाउनलोड करना हो, तो केवल आधिकारिक Google Play Store या Apple App Store का ही इस्तेमाल करें।

















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