रेलवे ने क्यों लिया एक्शन?
जैसे ही डेकोरेशन कंपनी ने इस 'हनीमून ऑन व्हील्स' का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, यह तेजी से वायरल हो गया। कई यूज़र्स ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को टैग करते हुए चलती ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे के नियमों पर सवाल उठाए।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, प्राइवेट डेकोरेटर्स ने रेलवे से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी। किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति का रिजर्व्ड फर्स्ट एसी कोच में इस तरह घुसकर छेड़छाड़ करना सुरक्षा और परिचालन नियमों का गंभीर उल्लंघन (Serious Security Lapse) है। गुब्बारे, प्लास्टिक और सूखी पत्तियों जैसी सामग्री से ट्रेन में आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
क्या कार्रवाई हुई?
स्टाफ सस्पेंड:
ड्यूटी पर तैनात चीफ टिकट इंस्पेक्टर (CTI/TTE) गिरीश कुमार को लापरवाही बरतने और बाहरी लोगों को कोच में बिना अनुमति घुसने देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
विभागीय जांच शुरू:
मामले की तह तक जाने के लिए रेलवे ने एक उच्च स्तरीय विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दिए हैं।
डेकोरेटर पर केस:
















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