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#mamakadhamakanews: ट्रेन का First AC कूप बना 'हनीमून सुइट', वीडियो वायरल होने पर रेलवे का कड़ा एक्शन, TTE सस्पेंड, डेकोरेटर पर केस दर्ज, देखिए video

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

/ by Vipin Shukla Mama
महाराष्ट्र। यह अनोखा और विवादित मामला 6 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के जालना रेलवे स्टेशन पर मुंबई CSMT-बल्हारशाह-नंदीग्राम एक्सप्रेस में सामने आया। जालना के रहने वाले एक नवविवाहित जोड़े ने इस ट्रेन में फर्स्ट एसी का पूरा कूप (कंपार्टमेंट) बुक किया था। उन्होंने एक ऑनलाइन प्राइवेट इवेंट कंपनी ('राहत रूम डेकोरेशन') को इस केबिन को सजाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था।वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पूरे केबिन की छत को लाल और सफेद गुब्बारों से पाट दिया गया था। सीटों पर सफेद लग्जरी चादरें बिछाई गईं, जिन पर गुलाब की हजारों पंखुड़ियों से 'Heart Shape' (दिल का आकार) बनाया गया था।
दीवारों पर रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स, फूलों की मालाएं, गुलदस्ते और 'I Love You' के बड़े-बड़े प्लेकार्ड्स लगाए गए थे। केबिन के गेट पर दिल के आकार के कटआउट वाले पर्दे भी लटकाए गए थे। बस दूल्हा दुल्हन के आने का इंतजार था।
रेलवे ने क्यों लिया एक्शन?
जैसे ही डेकोरेशन कंपनी ने इस 'हनीमून ऑन व्हील्स' का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, यह तेजी से वायरल हो गया। कई यूज़र्स ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को टैग करते हुए चलती ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे के नियमों पर सवाल उठाए।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, प्राइवेट डेकोरेटर्स ने रेलवे से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी। किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति का रिजर्व्ड फर्स्ट एसी कोच में इस तरह घुसकर छेड़छाड़ करना सुरक्षा और परिचालन नियमों का गंभीर उल्लंघन (Serious Security Lapse) है। गुब्बारे, प्लास्टिक और सूखी पत्तियों जैसी सामग्री से ट्रेन में आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
क्या कार्रवाई हुई?
स्टाफ सस्पेंड:
ड्यूटी पर तैनात चीफ टिकट इंस्पेक्टर (CTI/TTE) गिरीश कुमार को लापरवाही बरतने और बाहरी लोगों को कोच में बिना अनुमति घुसने देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
विभागीय जांच शुरू
मामले की तह तक जाने के लिए रेलवे ने एक उच्च स्तरीय विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दिए हैं।
डेकोरेटर पर केस
अनाधिकृत प्रवेश (Unauthorized Entry), बिना टिकट यात्रा और रेलवे परिसर में अतिक्रमण करने के आरोप में डेकोरेटर के खिलाफ रेलवे एक्ट (Railways Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

















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