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#mamakadhamakanews: "भद्रा मुक्त रक्षाबंधन: आज सुबह 05:57 से शुरू होगा राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त, जानें महत्व और सही नियम", सुबह 10:54 एएम से दोपहर 12:28 पीएम तक राहुकाल रहेगा, इस दौरान राखी बांधने से बचना चाहिए

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

/ by Vipin Shukla Mama
नई दिल्ली/देश:
भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार आज (28 अगस्त 2026, शुक्रवार) पूरे देश में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस साल रक्षाबंधन पर बहनों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर यह है कि इस बार त्योहार पर भद्रा का कोई साया नहीं है। भद्रा काल कल (27 अगस्त) को ही समाप्त हो चुका है, जिससे आज सुबह का पूरा समय बेहद शुभ और फलदायी है।
राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ज्योतिष गणना और drik पंचांग के अनुसार आज सावन पूर्णिमा की उदयातिथि होने के कारण सुबह का समय रक्षा सूत्र बांधने के लिए सर्वश्रेष्ठ है: 
सर्वश्रेष्ठ मुख्य मुहूर्त: सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक।
  • कुल अवधि: 3 घंटे 51 मिनट। 
  • दोपहर का समय (अभिजीत मुहूर्त): दोपहर 12:14 बजे से दोपहर 01:05 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है।
  • ध्यान रखें (राहुकाल): सुबह 10:54 एएम से दोपहर 12:28 पीएम तक राहुकाल रहेगा, इस दौरान राखी बांधने से बचना चाहिए। 
  • रक्षाबंधन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व (Significance)
    शास्त्रों में रक्षाबंधन का महत्व केवल एक धागा बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, जिम्मेदारी और अटूट स्नेह का संकल्प है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और जीवनभर हर सुख-दुख में उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी इंद्राणी ने देवराज इंद्र की रक्षा के लिए और द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण की उंगली कटने पर अपनी साड़ी का पल्लू बांधकर इस पावन परंपरा की शुरुआत की थी।
  • राखी बांधने के ५ महत्वपूर्ण नियम (Puja Vidhi & Rules)
    प्रसिद्ध ज्योतिषियों के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन इन नियमों का पालन करने से भाई-बहन के जीवन में सुख-समृद्धि आती है: 
    1. पहली राखी भगवान को: अपनी पूजा की थाली से पहली राखी भगवान गणेश, शिव जी या श्री कृष्ण को अर्पित करें।
    2. सही दिशा का चुनाव: राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। बहनों का मुख पश्चिम की तरफ होना शुभ माना जाता है।
    3. सिर ढकना अनिवार्य: राखी की रस्म के दौरान भाई और बहन दोनों का सिर किसी साफ कपड़े या रूमाल से ढका होना चाहिए।
    4. तिलक और अक्षत: सबसे पहले भाई के माथे पर रोली-चंदन का तिलक लगाएं और अटूट (बिना टूटे हुए) अक्षत लगाएं।
    5. तीन गांठें लगाएं: भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधते समय तीन गांठें लगाना बेहद शुभ माना जाता है, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक हैं। इसके बाद भाई की आरती उतारकर उन्हें मिठाई खिलाएं। 
















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