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#mamakadhamakanews: टीईटी परीक्षा के विरोध में शिवपुरी में हुंकार, 30 को जिले से जंतर मंतर पर जुटेंगे सैंकड़ों शिक्षक

बुधवार, 26 अगस्त 2026

/ by Vipin Shukla Mama
* बैठक में दिल्ली आंदोलन को लेकर बनाई रणनीति, शिक्षक नेता बोले-तमिलनाडु की थलपति सरकार की तरह प्रदेश सरकार भी पारित करे प्रस्ताव
शिवपुरी। ई अटेंडेंस में व्यवहारिक और तकनीकी खामियों को लेकर शिक्षकों का विरोध अभी थमा ही नहीं था कि 15 से 30 साल तक की नौकरी कर चुके शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करने का फरमान एक और नए विरोध का सबब बन रहा है। बुधवार को शहर के शिव वाटिका विवाह घर से लेकर पोहरी सहित तमाम विकासखण्ड मुख्यालयों में शिक्षक संघों के विभिन्न संगठनों की संयुक्त आपात बैठक आयोजित की गई। जिसमें 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के सभी प्रदेशों से टीईटी के विरोध को लेकर आयोजित होने वाले आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। इस बैठक में शिक्षक संघ के वरिष्ठ नेता डॉ. कौशल गौतम, वत्सराज सिंह राठौड़, स्नेह सिंह रघुवंशी, नीरज सरैया, अरविंद सरैया, तारीक सिद्धकी, पवन अवस्थी, मनमोहन जाटव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। यहां सभी ने शपथ ली कि कोई भी शिक्षक न तो टीईटी  परीक्षा का फार्म भरेगा और न ही परीक्षा देगा। वहीं 30 अगस्त को दिल्ली में होने वाले आंदोलन में जिले से करीब 2000 शिक्षकों के शामिल होने का दावा शिक्षक नेताओं ने किया है। इसके लिए बस, निजी वाहन व रेलगाड़ी से जाने की रणनीति तैयार की गई है। इधर खनियांधाना में शिक्षक नेता परवेज खान, कोलारस में विमल शर्मा, पोहरी में भरतसिंह धाकड़, बदरवास में गोविंद अवस्थी सहित अन्य विकासखण्डों में भी शिक्षकों के इस महा आंदोलन में शामिल होने को लेकर बैठकें आयोजित कीं गईं। जिला मुख्यालय पर आयोजित बैठक में प्रमुख रूप से शिक्षक नेता बृजेन्द्र भार्गव, मनोज शर्मा, श्रवण बाथम, यादवेन्द्र चौधरी, अमित सिरोठिया, दीवान शर्मा, राजेन्द्र चाहर, बालूराम रावत, अनिल पाराशर, सलमा खान, नीतू जैन, प्रीति शुक्ला, जितेन्द्र व्यास, मिथलेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अन्य शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नेता अरविंद सरैया ने किया। अंत में सभी शिक्षकों ने दिल्ली आंदोलन में शामिल होने की शपथ ली। इसके अलावा हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय द्वारा विधानसभा में टीईटी परीक्षा की बाध्यता को निरस्त करने के प्रस्ताव को पारित करने व केन्द्र सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भेजने के मामले को लेकर शिक्षकों का कहना था कि मप्र सरकार भी शिक्षक हित में इसी तरह का प्रस्ताव पारित करे। कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और शिक्षकों के अस्तित्व की इस लड़ाई में पुरजोर सहयोग देने की अपील जिले के सभी शिक्षकों से की है।
















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