साल 2011 से पहले दीवान सिंह जी के जीवन में एक ऐसा दर्दनाक मोड़ आया, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उनके महज 5 साल के मासूम भतीजे की ब्लड कैंसर से मौत हो गई। इस असहनीय दुख ने उन्हें तोड़ा ज़रूर, लेकिन हार मानने पर मजबूर नहीं कर सका। उन्होंने इस व्यक्तिगत शोक को समाज कल्याण के संकल्प में बदल दिया और प्रण लिया कि वे हर तीन महीने में रक्तदान करेंगे।
नदियों की तरह बह रही है इंसानियत की लहर
2011 से लेकर आज तक दीवान सिंह जी कितनी बार रक्तदान कर चुके हैं, इसका सटीक हिसाब तो शायद उनके पास भी नहीं है, क्योंकि नेकी का हिसाब नहीं रखा जाता। लेकिन उनकी इस निस्वार्थ भावना का असर यह हुआ कि आज पूरा खरई गांव इस नेक मुहिम से जुड़ चुका है। दीवान सिंह जी की प्रेरणा से ग्रामवासियों ने मिलकर 'जय बजरंग समिति' का गठन किया है।
2011 से लेकर आज तक दीवान सिंह जी कितनी बार रक्तदान कर चुके हैं, इसका सटीक हिसाब तो शायद उनके पास भी नहीं है, क्योंकि नेकी का हिसाब नहीं रखा जाता। लेकिन उनकी इस निस्वार्थ भावना का असर यह हुआ कि आज पूरा खरई गांव इस नेक मुहिम से जुड़ चुका है। दीवान सिंह जी की प्रेरणा से ग्रामवासियों ने मिलकर 'जय बजरंग समिति' का गठन किया है।
सरहदों से परे जाकर बचा रहे हैं जिंदगियां
इस समिति के सदस्यों के लिए मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। जब भी किसी को खून की ज़रूरत होती है, इस ग्रुप के युवा बिना समय गंवाए दिल्ली, कोटा, ग्वालियर और इंदौर जैसे दूर-दराज के शहरों तक पहुंच जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह पूरी सेवा पूरी तरह निशुल्क और बिना किसी स्वार्थ के की जाती है।
इस समिति के सदस्यों के लिए मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। जब भी किसी को खून की ज़रूरत होती है, इस ग्रुप के युवा बिना समय गंवाए दिल्ली, कोटा, ग्वालियर और इंदौर जैसे दूर-दराज के शहरों तक पहुंच जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह पूरी सेवा पूरी तरह निशुल्क और बिना किसी स्वार्थ के की जाती है।
आज दीवान सिंह जी ने एक बार फिर रक्तदान कर इस सिलसिले को जारी रखा है। उनका यह कदम हमें याद दिलाता है कि भले ही हम अपने अपनों को न बचा पाए हों, लेकिन हमारी एक कोशिश किसी और के घर का चिराग बुझने से ज़रूर बचा सकती है। जय बजरंग समिति और दीवान सिंह चंदेल जी का यह जज़्बा आज के दौर में इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल है।
खरई में लगाया स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, 18 यूनिट किया रक्तदान
शिवपुरी-जनपद पंचायत कोलारस के ग्राम खरई में मंगलवार को जय बजरंग समिति द्वारा बस स्टैंड पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आम लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना था।
जय बजरंग समिति अध्यक्ष दीवान सिंह चंदेल ने बताया कि शिविर में लोगों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास से जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के साथ समाज में मानवता और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया जा सकता है। आगे कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जाएगा।
समाजसेवी नरोत्तम सुख्खूराम वर्मा ने कहा कि रक्तदान एक बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य है। दुर्घटना, प्रसव, गंभीर बीमारी और ऑपरेशन जैसी परिस्थितियों में समय पर रक्त की उपलब्धता मरीज की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है। उन्होंने स्वस्थ लोगों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
इस मौके पर जिला स्वास्थ्य विभाग से श्रीराम कटारे एलटी, भानुप्रताप रैकवार बायो कैमिस्ट, लाखन सिंह धाकड़ वाहन चालक, क्रांति शर्मा सहायक, धर्मेंद्र यादव वार्डवाय के अलावा रक्तदान करने वालों में दीवान चंदेल, विद्युत विभाग से रक्षपाल मेहरा,भरत धानुक,दिनेश वर्मा,महेश धानुक,करण धाकड़,मुंशी धाकड़,बलवंत सेन,शेरू सोनी,रूबी धाकड़,लवकुश धाकड़,अनिल चंदेल,धनराज चंदेल,लोकेंद्र सेन,राजकुमार प्रजापति,अंकेश सेन,अंशुल धाकड़,किशन गोस्वामी द्वारा रक्तदान किया गया।
















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