कुलगुरु प्रो. डॉ. आलोक शर्मा जी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के ज्ञान, तकनीकी कौशल, व्यक्तित्व एवं सोच को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, मेहनत और समय प्रबंधन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, रिसर्च, स्टार्टअप एवं आधुनिक तकनीकों के प्रति रुचि विकसित करने का संदेश दिया।
ईसी सदस्य श्रीमती डॉ संगीता चौहान जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कॉलेज जीवन उनके भविष्य की मजबूत नींव रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा को पहचानने, सकारात्मक सोच रखने तथा शिक्षा के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।
श्री राजेश कटारे जी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, अनुशासन और कठिन परिश्रम आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के संचालक डॉ. एस.के. धाकड़ ने कुलगुरु प्रो. डॉ. आलोक शर्मा, ईसी सदस्य श्रीमती संगीता चौहान एवं श्री कटारे जी का संस्थान में पधारने तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर श्री नरेन्द्र धाकड़ एवं पूरी आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की।
अतिथियों के प्रेरणादायी व्याख्यान से नवप्रवेशित विद्यार्थियों में उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
















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