यह बदलते और उभरते हुए जम्मू-कश्मीर की एक ऐसी तस्वीर है जिसे देख हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाए। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समूची कश्मीर घाटी देशप्रेम के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आई। 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत सुदूर गांवों से लेकर डल झील के पानी और ऊंचे हिमालयी पहाड़ों पर बने रेलवे पुलों तक, सिर्फ और सिर्फ तिरंगे का गौरव दिखाई दिया। दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल (चिनाब ब्रिज) तीन रंगों की रोशनी से जगमगा उठा, और भारतीय रेलवे के अथक प्रयासों से कश्मीर घाटी को सीधे देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने का सपना सच करते हुए ट्रेनें घाटी तक पहुंच गईं।
डल और मानसबल झील में ऐतिहासिक 'शिकारा तिरंगा यात्रा'
कश्मीर की पहचान कही जाने वाली डल झील और गांदरबल की मानसबल झील में इस बार बेहद अनूठा और विहंगम दृश्य देखने को मिला।
- शिकारों का मेला: सैकड़ों पारंपरिक नावों (शिकारों) को राष्ट्रध्वज तिरंगे और फूलों से बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया था।
- देशभक्ति के नारे: डल और मानसबल झील की लहरों पर जब ये शिकारे एक साथ आगे बढ़े, तो पूरा माहौल 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों से गूंज उठा।
















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