आइए बताते हैं क्या है पूरा घटनाक्रम
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यह बयान रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को इंदौर में दिया था। डेली कॉलेज (Daly College) के पूर्व छात्र रहे दिग्विजय सिंह ने इंदौर के इस प्रतिष्ठित कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर गहरी आपत्ति जताई थी।
दिग्विजय सिंह ने क्या और कब कहा?
- बयान की तारीख: 18 अक्टूबर 2026 (रविवार)
- आपत्ति की वजह: इंदौर के डेली कॉलेज में आगामी 28 अक्टूबर को आरएसएस (RSS) का एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें करीब 1 लाख स्वयंसेवकों के जुटने का दावा किया गया है। शैक्षणिक संस्थान में इतने बड़े राजनीतिक/वैचारिक संगठन के आयोजन को लेकर दिग्विजय सिंह नाराज थे।
- कॉलेज प्रबंधन से बात: दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में डेली कॉलेज के बोर्ड अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) विक्रम सिंह पंवार से बात की थी। सिंह के मुताबिक, पहले कॉलेज प्रबंधन के साथ यह सहमति बनी थी कि कॉलेज परिसर में कोई भी राजनीतिक या वैचारिक आयोजन नहीं कराया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि इस नियम के बावजूद संघ को अनुमति कैसे दे दी गई?
- मोहन भागवत को पत्र लिखने का ऐलान: दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि वे इस कार्यक्रम का वेन्यू (आयोजन स्थल) बदलने की मांग को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखेंगे।
- ज्योतिरादित्य सिंधिया पर दागा सवाल: दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी इस बारे में बात की थी और उनसे पूछा था कि, "यदि आपको ऐसा ही कार्यक्रम कराना है, तो ग्वालियर में आपके अपने 'सिंधिया स्कूल' में यह आयोजन क्यों नहीं कराया जाता? इसे डेली कॉलेज में क्यों रखा गया?" दिग्विजय सिंह के अनुसार, सिंधिया ने उनके इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया था।(सुनिए द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्या कहा)
- ज्योतिरादित्य सिंधिया का पलटवार (19 अक्टूबर 2026)दिग्विजय सिंह के इस बयान के ठीक अगले दिन, यानी सोमवार (19 अक्टूबर) को ग्वालियर में जब मीडिया ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से सवाल पूछा, तो उन्होंने कड़ा पलटवार किया:
- डेली कॉलेज भी हमारा है: सिंधिया ने स्पष्ट किया कि दिग्विजय सिंह यह न भूलें कि इंदौर का डेली कॉलेज भी सिंधिया परिवार की ही एक ऐतिहासिक संस्था है और इसकी स्थापना भी सिंधिया राजवंश द्वारा ही कराई गई थी। इसलिए उन्हें वहां कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दिग्विजय सिंह के किसी न्योते या अनुमति की जरूरत नहीं है।
- 2020 की याद दिलाई: सिंधिया ने तंज कसते हुए कहा, "दिग्विजय सिंह जी की उम्र हो गई है, वे कभी-कभी बातें भूल जाते हैं। मेरा काम उन्हें समय-समय पर पुरानी बातें याद दिलाना है, ठीक वैसे ही जैसे मैंने साल 2020 में उन्हें याद दिलाया था।"
- साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था, जिसके बाद मध्य प्रदेश की तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिर गई थी और दिग्विजय सिंह को बड़ा राजनीतिक झटका लगा था। सिंधिया ने अपने बयान में इसी घटनाक्रम की तरफ इशारा किया है।












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