दोपहर 1 बजे, गूंगरगांव (बैराड़): जब मानसिक तनाव ने छीन लीं खुशियां
कहानी की शुरुआत बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव से होती है। 35 वर्षीय अंजलि रावत के पति धर्मवीर सिंह रावत की करीब डेढ़ महीने पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मांग का सिंदूर उजड़ने के बाद से अंजलि गहरे मानसिक तनाव में थी। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे, दुख का यह पहाड़ उस पर इस कदर हावी हुआ कि उसने अपने 6 साल के बेटे प्रशांत के साथ गांव के ही एक कुएं में छलांग लगा दी। अंजलि 8 महीने की गर्भवती थी, यानी उस अजन्मे बच्चे ने दुनिया देखने से पहले ही दम तोड़ दिया।
हालांकि, इस भयावह मंजर के बीच बड़ी बेटी मोनिका की बहादुरी ने उसकी दो छोटी बहनों को तो बचा लिया, लेकिन अंजलि और प्रशांत को काल के गाल से नहीं निकाला जा सका।
सन्नाटे में डूबा जिला अस्पताल और गांव









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