shivpuri शिवपुरी। जिले के सिरसौद थाना के ग्राम रातिकिरार निवासी स्वर्गीय अशोक धाकड़ के पुत्र अजीत धाकड़ के आकस्मिक निधन की खबर से जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई है। अजीत कोटा में रहकर JEE की तैयारी कर रहा था।
राजस्थान पुलिस के अनुसार छात्र अजीत धाकड़ (18) ने कोटा में फांसी लगाकर जान दी।फिलहाल घटना की वजह सामने नहीं आई है। रविवार रात करीब 10 बजे जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित पीजी के कमरे में शव फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर शिवपुरी के लिए रवाना हुए।
बड़ा भाई पढ़ा रहा था, लाड़ला भी था
अजीत के पिता अशोक जी का चार साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद बड़े भाई ने अजीत की पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी। वही उसे पढ़ा रहे थे अजीत उनका लाडला भी था।
टेस्ट देकर कोचिंग से लौटा था JEE स्टूडेंट
कोटा के डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि जवाहर नगर थाना इलाके में अजीत पीजी में रहता था। वह जेईई की तैयारी कर रहा था। जवाहर नगर थाना ASI महेंद्र सिंह ने बताया कि स्टूडेंट रविवार दोपहर टेस्ट देकर कोचिंग से लौटा था। पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स रात को खाना खाकर टहलने जाते हैं। रात करीब 10 बजे उसके सामने वाले कमरे में रहने वाले छात्र ने आवाज लगाई। कमरा अंदर से बंद था। खटखटाने पर भी गेट नहीं खोला, तब साथी स्टूडेंट्स ने पीजी संचालक को बताया। पीजी संचालक ने खिड़की से झांककर देखा तो स्टूडेंट फंदे से लटका दिखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को उतारकर एमबीएस हॉस्पिटल लेकर गए।
छह महीने पहले कोटा गया था
अजीत धाकड़ (18) पुत्र स्वर्गीय अशोक धाकड़ जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के रातीकिरार गांव का रहने वाला था। शिवपुरी में रहकर 12वीं तक पढ़ाई की थी। करीब 6 महीने पहले वह JEE की तैयारी के लिए कोटा गया था। जवाहर नगर थाना क्षेत्र की एक पीजी में रह रहा था।
दिन में हुई थी बातचीत
परिजन के मुताबिक, रविवार सुबह अजीत से फोन पर बात हुई थी। दोपहर 3 बजे उसका टेस्ट था। वह टेस्ट देने के बाद कोचिंग से पीजी लौट आया था, लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हो सका। सूचना पर पहुंची पुलिस छात्र को नीचे उतारकर एमबीएस अस्पताल ले गई।
कोटा कोचिंग और आत्महत्या के मामले !
भले ही अजीत की मौत की वजह कुछ और हो लेकिन कोटा कोचिंग के दौरान छात्र छात्राओं की मौत पहले भी होती रही है। आत्महत्या के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। लोगों की मानें तो कोटा की पीजी वाले छत पर लगे पंखे को जाली लगाकर कवर्ड रखते है जिससे कोई फांसी पर न झूले। उक्त मामले में स्थानीय लोगों की मांनें तो विद्यार्थियों पर कोचिंग सेंटर का पढ़ाई के लिए अतिरिक्त दवाब रहता है। हालाकि पूरी सच्चाई क्या है ये हम नहीं कह सकते।












सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें