Responsive Ad Slot

lalitpur लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
lalitpur लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

#धमाका_बड़ी_खबर: पर्यटन की संभावनाएं परखने पहुंचे अधिकारियों की टीम पर मधुमक्खियों ने किया अटैक, IAS कमलाकांत पांडेय हुए बेहोश खटिया पर लाना पड़ा

कोई टिप्पणी नहीं

मंगलवार, 27 मई 2025

ललितपुर। ललितपुर यूपी के देवगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं परखने पहुंचे अधिकारियों की टीम मधुमक्खी के हमले में घायल होकर लौटी है। मधुमक्खियों ने IAS कमलाकांत पांडेय को इस कदर डंक मारे कि वह बेहोश होकर जंगल में गिर पड़े। उन्हें खटिया पर लाना पड़ा। उनकी ऐसी हालत देखकर गनर चंद्रपाल सिंह उनसे लिपट गया। फिर मधुमक्खियां गनर पर टूट पड़ीं, जिससे वह भी बेहोश हो गया। थोड़ी देर बाद ADM (राजस्व) अंकुर श्रीवास्तव ग्रामीणों के साथ कंबल ओढ़कर उन्हें ढूंढते हुए पहुंचे। देखा तो चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (CDO) कमलाकांत पांडेय और गनर जमीन पर पड़े थे। CDO का मुंह मिट्टी में धंसा था। उन्हें कंबल ओढ़ाकर तुरंत चारपाई पर लादा, फिर एक किमी पैदल चलकर जंगल से बाहर निकाला। उन्हें ट्रैक्टर से एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया, जहां से उन्हें अस्पताल भेजा गया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि नोडल अधिकारी (रेशम) ललितपुर पहुंचे थे उनके साथ CDO कमलाकांत पांडेय, अपर जिलाधिकारी (ADM) नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी बिरधा, अधिशासी अभियंता जल निगम अवनीश और सचिव शैलेंद्र भ्रमण पर निकले। पहले सभी दशावतार मंदिर के भग्नावशेष देखने गए। इसके बाद वे बौद्ध गुफा की ओर बढ़े। जैसे ही सभी बौद्ध गुफा के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों ने उन पर हमला कर दिया। अधिकारी और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कोई पेड़ के पीछे छिप गया तो कोई मुंह पर हाथ रखकर दौड़ने लगा। कुछ वहीं जमीन पर लेट गए। नोडल अधिकारी रेशम, CDO और ADM ज्यादा दूर नहीं भाग पाए, जिसके चलते मधुमक्खियां उन पर टूट पड़ीं। अर्दली और गनर उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन सफल नहीं हो सके। अफसरों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण कंबल ओढ़कर दौड़ते हुए पहुंचे, किसी तरह अधिकारियों और कर्मचारियों को बचाया। सीडीओ कमलाकांत पांडेय नहीं मिल रहे थे। उन्हें खोजने के लिए कॉल किया गया, लेकिन उनका मोबाइल नहीं उठा। फिर इसकी सूचना वन विभाग और अन्य अधिकारियों को दी गई। थोड़ी देर बाद अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अंकुर श्रीवास्तव और उप जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह मौके पर पहुंचे।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद
भी अपनी टीम के साथ वहां पहुंच गए।
ग्रामीणों और ADM (राजस्व) अंकुर श्रीवास्तव ने मिलकर CDO की तलाश शुरू की। देखा तो CDO और गनर चंद्रपाल सिंह जमीन पर पड़े थे। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। सीडीओ कमलाकांत पांडेय ने बताया, मैं पहाड़ी से नीचे उतर रहा था। काफी ऊपर मधुमक्खियों के छत्ते लगे हुए थे। अचानक वे हमलावर हो गईं। इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते, हजारों मधुमक्खियां आ गईं। हम लोगों को जहां भी जगह मिली, छिपने के लिए भागने लगे। कुछ लोग ऊपर पहुंच गए।
मैं और गनर नीचे की ओर चले गए। मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए मैं पेट के बल लेट गया। गनर चंद्रपाल ने मुझे ढंकने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच उसका पैर खिसक गया, वह खिसकते हुए झाड़ियों में पहुंच गया। इसके बाद मैं करीब डेढ़ घंटे तक मधुमक्खियों से बचने लिए संघर्ष करता रहा। फिर बेहोश हो गया।











#धमाका बड़ी खबर : कटवा डाली शिवपुरी की नाक, "हैल्लो स्वीट हार्ट मैं जूली बोल रही हूँ, प्लीज़ कम ऑन डार्लिंग".... कहकर video कॉल पर कपड़े उतरवाने फिर ब्लैक मेल करने वाले भौंती, पिछोर के शातिर युवक ललितपुर में चढ़े पुलिस के हत्थे

कोई टिप्पणी नहीं

सोमवार, 30 सितंबर 2024

शिवपुरी। हैल्लो स्वीट हार्ट मैं जूली बोल रही हूँ, प्लीज़ कम ऑन डार्लिंग....कहकर video कॉल पर कपड़े उतरवाने फिर ब्लैक मेल करने वाले भौंती, पिछोर के युवक ललितपुर में पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। उन्हें गिरफ्तार कर कई सिम, मोबाइल, नगदी बरामद किया गया है। ये युवक कई लोगो को अपना निशाना बना चुके हैं।
                  (देखिए video )
जानकारी के अनुसार ललितपुर पुलिस ने लड़की बनकर लोगों से फेसबुक,इंस्टाग्राम एप के जरिए वीडियो कॉल कर दोस्ती के बाद अश्लील वीडियो दिखाकर स्क्रीन रिकॉर्डिंग करने, फिर पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से रुपए ऐंठने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है। जिनमें से दो सदस्य शिवपुरी जिले के रहने वाले हैं।
बता दें कि अश्लील वीडियो दिखाकर रुपए ऐंठने के मामले शिवपुरी शहर सहित बदरवास में सामने आ चुके हैं। जिले में इस कार्य को भौंती-पिछोर और करैरा क्षेत्र के अपराधी प्रवृति के नए युवक अंजाम दे रहे हैं।
ललितपुर एसपी मोहम्मद मुश्ताक के मुताबिक उन्हें जानकारी मिल रही थी कि एक ऐसा गिरोह है। जो सोशल मीडिया के फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्ही. लाइव ऐप के जरिए स्वयं को लड़की बताकर लड़कों से दोस्ती करते थे। फिर उनको अश्लील वीडियो भेजकर स्क्रीन रिकॉर्डिंग करते हुए पुलिस अधिकारी बनकर फोन कर फंसाने का भय दिखाकर गूगल-पे, फोन-पे, एयरटेल या बैंक और क्यूआर कोड इत्यादि भेजकर रुपए ले लेते हैं।
पिछोर का ब्रजेन्द्र तो भौंती का अंकित गिरफ्तार
ललितपुर पुलिस ने शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के कछउवां गांव के रहने वाले ब्रजेन्द्र रजक पुत्र शिवलाल, शिवपुरी के भौंती थाना क्षेत्र के सलैया गांव के रहने वाले अंकित रजक पुत्र चिन्टूलाल को पकड़ा है। इनके साथ थाना जखौरा के ग्राम अड़वाहा निवासी नीलेश रजक पुत्र सुरेश रजक को भी गिरफ्तार किया है।
ये जखीरा बरामद 
पुलिस ने इनके पास से सात मोबाइल फोन, 12 सिम, पांच एटीएम, साइबर फ्रॉड के 37,600 रुपए बरामद किए हैं। 20 हजार रुपए विभिन्न खातों के सीज किए गए हैं।










धमाका खास खबर: "अनेकानेक पुरस्कारों से पुरस्कृत" "जानेमाने कवि डॉक्टर परशुराम शुक्ल विरही का अवसान जिले के लिए किसी बड़े आघात से कम नहीं"

कोई टिप्पणी नहीं

रविवार, 28 जनवरी 2024

शिवपुरी। प्रगतिशील रचनाओं के जनक डॉ शंकर दयाल शर्मा सृजन पुरस्कार पुरस्कार, मैथिली शरण गुप्त पुरस्कार, साहित्य गौरव, अक्षर आदित्य, साहित्य मार्तंड, जैसे अन्य पुरस्कारों से पुरस्कृत जानेमाने कवि डॉक्टर परशुराम शुक्ल विरही का अवसान जिले के लिए किसी बड़े आघात से कम नहीं है। बेशक दुनिया की रीत सही सभी को इक दिन जाना ही हैं लेकिन कुछ व्यक्तित्व समाज को ऐसा कुछ अनूठा देकर जाते हैं की उनकी यादों को भुलाना संभव नहीं होता। बेहद शालीन, मिलनसार, हिंदी के जादूगर और अंग्रेजी पर भी उतनी ही महारत हासिल रखने वाले डॉ विरही ने शनिवार को अंतिम सांस ली और दुनिया से विदा हो गए। करीब सत्तर, अस्सी उम्र के लोगों ने उनके उत्कृष्ट वैभव को करीब से देखा और सुना है। जब किसी भी साहित्यिक मंच पर सिर्फ दो सितारे अग्रणी रहा करते थे। एक डॉ विरही और दूसरे उनके ही पड़ोसी डॉ रामकुमार चतुर्वेदी चंचल जी। ये दो नाम न सिर्फ जिले बल्कि देश के राष्ट्रीय पटल पर भी शोभायमान होकर शिवपुरी का नाम रोशन किया करते थे। अनेक किताबें इन दोनों ही साहित्यकारों ने लिखीं। इन दोनों के बाद प्रोफेसर विद्यानंदन राजीव भी साहित्य के हस्ताक्षर थ
रहे। 
बात डॉ विरही जी की करें तो 25 मार्च 1929 को तालबेहट के जिला ललितपुर में जन्मे डॉक्टर परशुराम शुक्ल विरही सन 1962 में शिवपुरी आए और श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रोफेसर रहे। सन 1991 में यहीं से सेवानिवृत हुए। कवि चंचल जी भी इसी महाविद्यालय में सेवारत थे। अपने लेखन के साथ वे एक अच्छे वक्ता और मंच संचालक भी थे। लायंस क्लब, भारतीय जन - नाट्य संघ इप्टा में अध्यक्ष पद पर रहे। एक शिक्षक के रूप में आपका सम्मान और प्रतिष्ठा का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है।
बोलती कविताएं आज भी सिरमौर
जिले के साहित्यकार और कवि साहित्यकार अरुण अपेक्षित उनके करीब रहे। अरुण जी ने डॉ विरही की पंक्तियां बयान करते हुए कहा कि, समझते हम नहीं, मौन की भाषा सरल होती नहीं। एक और व्यवस्था पर प्रहार करती कविता देखिए, मंच पर आया विदूषक और नायक बन गया। यह नई नाटक प्रणाली, देखिए कब तक रहे। अक्सर इन पंक्तियों को जब लोग सुनते थे तो दर्शकों में जोश जाग भर जाता था। कवि राम पंडित ने कहा कि उम्र की तो मौत होती है मगर, मौत, की कोई उम्र होती नहीं। डॉ. परशुराम शुक्ल विरही की ये पंक्तियां उनकी आयु के शताब्दी वर्ष के 5 वर्ष पूर्व ही, उनके लिए सत्य हो गई। हम उन्हे कभी भुला नहीं पाएंगे। डॉ जैन ने यह भी कहा कि उनकी उंगली पकड़कर न केवल मैंने वरन शहर के सैकड़ों साहित्यकारों ने साहित्य का ककहरा सीखा है। उनके योगदान को कभी भुला नहीं जा सकता। जिले के अनेक साहित्यकारों ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया हैं। मामा का धमाका न्यूज पोर्टल के प्रधान संपादक विपिन शुक्ला ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया। शुक्ला ने कहा की आज भले ही गूगल ज्ञान से दुनिया दौड़ रही हैं लेकिन एक समय डॉ विरही और डॉ चंचल ही जिले की गूगल हुआ करते थे। 











© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129