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धमाका सरोकार: महाराष्ट्र में बिना UGC-NET और Phd के बन सकेंगे प्रोफेसर, सरकार ने दी मंजूरी, MP के युवा बोले, मामा शिवराज हमको भी दीजिए मौका

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सोमवार, 9 जनवरी 2023

Became professor without UGC-NET and Phd The dream of becoming a professor came true, now without UGC-NET and Phd, you can become a professor, the government maharashtra has approved
प्रोफेसर बनने का सपना हुआ साकार, अब बिना UGC-NET और Phd के बन सकेंगे प्रोफेसर, महाराष्ट्र सरकार ने दी मंजूरी
भोपाल। जरा सोचिए एमपी की भाजपा सरकार भी यदि सच में ऐसा करे तो न जाने कितने युवाओं को फायदा मिल सकेगा, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने ये फैसला किया हैं की Became professor without UGC-NET and Phd बिना यूजीसी नेट और पीएचडी के  प्रोफेसर बन सकेंगे। जिसे लेकर एमपी के युवाओं ने प्रदेश सरकार से मांग की हैं की एमपी में भी इसी तर्ज पर भर्ती की जाएं। बीते लम्बे समय से प्रदेश में प्रोफेसर की भर्ती नहीं हुई हैं। Korona के फेर में यूजीसी और नेट या पीएचडी भी संभव नहीं हो सकी इसलिए तत्काल महाराष्ट्र की नीति को समझकर एमपी में लागू करना चाहिए। 
महाराष्ट्र में यह होंगे नियम, राज्य सरकार की मंजूरी
Became professor without UGC-NET and Phd: मुंबई महाराष्ट्र के कॉलेज में प्रोफेसर बनने के लिए यूजीसी नेट और पीएचडी होना जरूरी था लेकिन अब युवाओं का प्रोफेसर बनना आसान हो गया है। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा लागू योजना के तहत अब कॉलेज में प्रोफेसर ऑफ़ प्रैक्टिस को मंजूरी दी गई है। ऐसे में अब बिना यूजीसी नेट और पीएचडी डिग्री धारी भी प्रोफेसर बन सकेंगे। साथ ही अगले अकादमिक सत्र में राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले कॉलेज में विभिन्न क्षेत्रों में प्रोफेशनल और इंडस्ट्री एक्सपट्र्स प्रोफेसर के तौर पर इनकी भर्ती कर सकेंगे।
इन कॉलेजों में देंगे सेवाएं
Became professor without UGC-NET and Phd: महाराष्ट्र के 8 सरकारी कॉलेजों में बतौर प्रोफेसर इनकी सेवाएं ली जाएगी। इसके लिए मंजूरी दी गई है। प्रोफेसर ऑफ़ प्रैक्टिस को महाराष्ट्र सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने के साथ ही अब हर एक्सपर्ट को उनके अनुभव के मुताबिक सैलरी का लाभ मिलेगा। वही प्रोफ़ेसर ऑफ़ प्रैक्टिस संबंधी गाइडलाइन को अपनाने वाले राज्य में अब महाराष्ट्र भी शामिल हो गया है।
यह होंगे नियम
Became professor without UGC-NET and Phd: राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत जिन व्यक्तियों की अपनी विशिष्ट पेशों और भूमिका में कम से कम 15 साल की सेवा अनुभव के साथ में विशेषज्ञता है। उन्हें प्रोफेसर ऑफ़ प्रैक्टिस के लिए पात्र माना जाएगा। इसके साथ ही उन्हें डेढ़ लाख रुपए प्रति महीने उपलब्ध कराए जाएंगे।
एकेडमिक सत्र 2023-24 के लिए इन पदों को भरने की योजना तैयार
Became professor without UGC-NET and Phd: नियम के तहत ऐसे प्रोफेसर की संख्या स्वीकृत प्रोफेसर के पद के 10% से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य में कुल 28 सरकारी कॉलेज में केवल 8 में प्रोफेसर के पद हैं, ऐसे में कुल 54 पद हैं। वही यूजीसी के 10 फीसद वाले नियम के हिसाब से राज्य सरकार को 5 पद भरने की योजना दी गई है। ऐसे में मुंबई के अलावा अमरावती, नागपुर और औरंगाबाद में प्रोफ़ेसर ऑफ प्रैक्टिस के तहत प्रोफेसर की नियुक्ति की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि एकेडमिक सत्र 2023-24 के लिए इन पदों को भरने की योजना तैयार की गई है कॉलेज पदों को भरने के लिए अलग से विज्ञापन निकाले जाएंगे।

धमाका बड़ी खबर: MP के महाराज का BJP में बढ़ता कद, हिमाचल के स्टार प्रचारक सूची में सीएम शिवराज और योगी आदित्यनाथ से ऊपर

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शनिवार, 22 अक्टूबर 2022

दिल्ली। MP के महाराज का BJP में कद लगातार बढ़ता चला जा रहा हैं। अब हिमाचल चुनाव के स्टार प्रचारक सूची में केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सीएम शिवराज सिंह और योगी आदित्यनाथ से ऊपर आया हैं। द ग्रेट सिंधिया बारहवें तो शिवराज सत्रह और योगी जी अठारह नंबर पर हैं।
बता दें की बीजेपी में द ग्रेट सिंधिया को मिल रही तब्बजो के पीछे कुछ ठोस वजह जान पड़ती हैं। सभी का बराबर आदर और सम्मान के साथ लगातार लोगों से संपर्क और सभी मामलों की बारीकी से समझ के चलते हालात पर आक्रामक पकड़ के चलते उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी का विश्वास हासिल हुआ हैं। जबकि गृहमंत्री अमित शाह से लेकर सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जैसे वजनदार नेताओं का भी विश्वास अर्जित होता जा रहा हैं। इसके अलावा स्टार प्रचारक होने के नाते विषय के साथ भाषणों में लोगों को बांधने का चुमकत्व प्रभाव भी द ग्रेट सिंधिया को टॉप की तरफ तेजी से ले जाता नजर आ रहा हैं। 

धमाका खास खबर: मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया...कलेक्टर अक्षय सिंह के शिवपुरी में दो साल बेमिसाल, दिलों को जीतने का हुनर कोई अक्षय कुमार से सीखे

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शुक्रवार, 26 अगस्त 2022

शिवपुरी। मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया...
मजरूह सुल्तानपुरी का ये शेर कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह पर आज पूरी तरह सटीक बैठता हैं। जिले में अकेले आए तो मगर आज उनके पीछे कारवां नजर आता है, दरअसल जिले के कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने गुरुवार को जिले में दो साल पूरे कर लिए और तीसरी पारी आरंभ हो गई है। ज्वाइनिंग के साथ सप्रेम भेंट मिली चुनौतियों से उलझते, सुलझते कलेक्टर अक्षय ने अपने कार्यकाल में वो मिसाल पेश की हैं जो शायद ही कोई दूसरा कर सकेगा। उन्हें आते ही korona की दूसरी लहर का सामना करना पड़ा। जाहिर सी बात हैं जब दुनिया के नामी गिरामी डॉक्टरों को korona के बारे में जानकारी नहीं थी तो कलेक्टर अक्षय जानते भी तो कैसे लेकिन सूबे के सरदार होने के चलते उन्हें लोगों की जिंदगी बचानी ही थी। ऐसे में उनके लिए वरदान बने एसपी राजेश सिंह चंदेल यानी एक और बेहतरीन अधिकारी जिनके कंधों पर पुलिस के स्टार और शरीर पर वर्दी हैं लेकिन इससे कहीं दूर मिस्टर कूल रहकर बड़े से बड़े मसले चुटकी बजाकर हल करने वाले, बस फिर क्या था। कलेक्टर अक्षय सिंह जिले के उन सभी माइल स्टोन को पहचान गए जिनके सहारे सफर करना होता हैं। मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे से लेकर सभी के दिलों को जीतते हुए कलेक्टर अक्षय सिंह ने korona के अल्प इंतजामों के बीच जमकर दो दो हाथ किए। अस्पताल की दुर्गम हालत में सुधार के लिए कठोर निर्णय लिए और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर संजय ऋषिश्वर सहित अन्य डॉक्टरों पर भरोसा जताया। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत विषम हालात में करवाई और जब उसकी प्रतिष्ठा लगातार मौत से खतरे में आई तो सामाजिक संगठनों के साथ टीम खड़ी की। ऑक्सीजन प्लांट, सिलेंडर, पलंग, दवाएं उपलब्ध करवाते हुए लोगों का इलाज करवाया तो दूसरी तरफ कलेक्टर, एसपी दोनों के गठजोड़ से लोगों को घर बैठे सब्जी, किराना उपलब्ध होता रहा। बड़ी बात ये थी कि लोगों पर पैसे तो थे लेकिन बाजारों में korona का पहरा था। खैर कई जान इन प्रयासों से बच सकीं और korona से जंग जीत ली गईं। 
अब तक जिले को समझ चुके कलेक्टर अक्षय लोगों को जोड़ते, समझते आगे बढ़ते रहे। इसी दौरान जिले के करैरा की देश भर में ख्यात काजू यानी मूंगफली की पहचान की। तो दूसरी तरफ बदरवास की करोड़ों रुपयों के कारोबार वाली मोदी जैकिट को भी परखा। बाद में भोपाल, दिल्ली तक मूंगफली और जैकिट को मेलों के माध्यम से प्रचारित होने का अवसर मिला। 
एक और बात कलेक्टर अक्षय को खास बनाती हैं वो हैं उनकी सौम्य, सरल कार्यशेली, जब तक कोई बड़े नुकसान या कर्तव्य पथ पर कोई बड़ी हानी का जोखिम न हों उनकी सोच रहती हैं किसी को नुकसान न हो। हालाकि जब जब उन्हें लोगों ने हल्के में लेने की कोशिश की वे कठोर कारवाई मुस्कराकर करते नजर आए हैं। फिलहाल कलेक्टर अक्षय सिंह जिले को पर्यटन के मानचित्र पर उकेरने की कोशिश में लगे हुए हैं। मानसून उनके इरादों पर भारी पड़ा जब नगर में बाढ़ आई तो जिले की नदियों ने कुलांचे भरकर उन्हे डराया जिसके नतीजे में लोगों को कोई हानी न हो उन्होंने धारा 144 लागू की। खैर जिले को अब पर्यटन ही उबार सकता हैं ऐसे में अभी तीसरी पारी कलेक्टर अक्षय के लिए खास मायने रखती हैं। उनसे जिले के हजारों लोग आज जुड़ चुके हैं। काम की अत्याधिक भागदौड़ के बावजूद तनाव रहित रहकर लोगों के फोन उठाना, कॉल बैक करना, सहजता से बात को सुनना फिर उस दिशा में प्रयास करना उनकी शैली में शामिल है। धमाका संपादक विपिन शुक्ला और हमारी टीम के साथ हजारों धमाका पाठकों की तरफ से कलेक्टर अक्षय सिंह को दिलो जान से बधाई। 








धमाका बड़ी खबर: गजब, नेशनल पार्क में 'टाइगर' के 'कोरिडोर' की 'फेंसिंग में 13.50 किलो की जगह 11.50 का ठोक डाला सरिया', महाघोटाले का प्रोजेक्ट!

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गुरुवार, 16 जून 2022

शिवपुरी। टाइगर जब आयेगा तब आयेगा उसके पहले टाइगर के घरौंदे के निर्माण में लगे जिमेदार महाघोटाला करने में जुट गए हैं। जिन ठेकेदारों को काम सौंपा गया है वे दिवाली मनाने में जुट गए हैं लेकिन इस काम की मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। ताजा मामला टाइगर के कोरिडोर की फेंसिंग में 13.50 किलो की जगह 11.50 की engil एंगिल ठोकने का है। यानि घोटाले की फेंसिंग में टाइगर को कैद करने की तैयारी है! बता दें की टाइगर प्रोजेक्ट के लिए माधव नेशनल पार्क प्रबंधन ने भूमि अधिग्रहित कर उसे कोरीडोर में शामिल किया है। अधिग्रहित क्षेत्र की करीब 14 किमी वाली चैन लिंक में फेंसिंग का कार्य किया जा रहा है। फेंसिंग कराने के लिए जेम पोर्टल के जरिए लोहे के एंगल खरीदे गए हैं। इन एंगल का वजन निर्धारित मात्रा से 2 किलोग्राम तक कम है। इस तरह लोहे के मौजूदा भाव 90 रुपए प्रति किलो के हिसाब से 12 लाख रुपए से अधिक की गड़बड़ का अंदेशा है।40 करोड़ खर्च कर खाली कराए ग्राम, फिर भी होती थी खेती
नेशनल पार्क में दिसंबर 2021 तक करीब 2 हजार हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 40 करोड़ खर्च किए गए थे लेकिन एक एक किसान को करीब 1 से 3 करोड़ मुआवजा मिलने पर भी वे भूमि पर खेती करते रहे। अब कलेक्टर अक्षय सिंह, एसपी राजेश चंदेल, एसडीएम गणेश जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर शिवांगी अग्रवाल, पर्यटन संवर्धन के अध्यक्ष अरविंद तोमर और पार्क अधिकारियों के सम्मिलित प्रयासों से अतिक्रमण हटाया गया और पार्क के अंदर सुरक्षित जॉन तैयार करने के लिए चैन लिंक फेंसिंग मई 2022 से शुरू कराया है। 14 किमी हिस्से में एंगल लगवाने का काम चल रहा है। जेम पोर्टल के माध्यम से महाजन स्टील इंडस्ट्रीज शिवपुरी से 13.50 किलो वजन के मान से एंगल खरीदे गए हैं लेकिन मौके पर लगाए जा रहे एंगल के वजन में सीधे तौर पर दो किलो तक एंगल का वजन 11 से 11.50 किलो तक ही निकला है।
इसके पहले लग चुके एंगिल कुपोषित
बता दें की अभी वाले एंगिल कमजोर हैं जबकि पहले  लग चुके कुछ एंगल तो इनसे भी कमजोर यानि कुपोषित दिख रहे हैं। इस तरह वजन दो किलो तक कम हैं। इधर जेम पोर्टल से खरीदी में रेंजर को छोड़ सीधे एसडीओ स्तर से खरीदी कर डाली गई हैं। फेसिंग के लिए 6700 से अधिक एंगल लगवाए गए हैं। जो पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी  में लगवाए जा रहे हैं। इस तरह 2 किलो के हिसाब से 13 हजार किलो से अधिक वजन का अंतर आ रहा है। मौजूदा दाम के हिसाब से 12 लाख से अधिक रकम सीधे तौर पर गड़बड़ की जा रही है। 
ये गांवों को अधिग्रहित कर फेसिंग कराई जा रही 
माधव राष्ट्रीय उद्यान के कोरीडोर के लिए अर्जुनगवां, हरनगर, लखनगवां, मांमौनी, चक डोंगर को शामिल किया गया है। मुआवजा ले चुके किसानों को पार्क ने शिफ्ट करके भूमि अधिपत्य में ले ली है। अब 14 किमी की चैन लिंक फेसिंग कराकर पार्क के अंदर उक्त भूमि को सुरक्षित किया जा रहा है। चैन लिंक फेंसिंग की जाली पर जिंक कोटिंग होना है। साथ ही जीआई वायर पर भी जिंक कोटिंग होना है। जिंक कोटिंग से फेंसिंग लंबे समय तक टिकी रहेगी। एंगल गाढ़े जाने के बाद जाली लगाई जाना है।
सामान लेकर स्टाफ ने प्राप्ति दी, तुलवाए नहीं
 यह पूरे डिवीजन का काम है। टेंडर के जरिए सामान आ रहा है। सर (एसडीओ) ने आदेश निकाला था, सामान लेकर स्टाफ ने प्राप्ति दे दी थी । हमें तो सामान प्रोवाइड किया गया था लेकिन हमने एंगल तुलवाया नहीं है। पिंकी रघुवंशी, रेंजर, माधव नेशनल पार्क शिवपुरी
 वजन तो मेरा बेटा बता पाएगा
हमने एंगल 13.50 किग्रा का दिया है, तौलकर दिया है। यदि 11.50 किग्रा वजन है तो इस बारे में मेरा बेटा बताएगा। यह काम बेटा देख रहा है।
 सुरेश कुमार महाजन, संचालक, महाजन स्टील इंडस्ट्रीज शिवपुरी

भाविप की वीरांगना शाखा अध्यक्ष पलका और सचिव शिल्पा की फिर ताजपोशी, कोषाध्यक्ष बनी नीलू शुक्ला

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बुधवार, 10 मार्च 2021

चुनाव के बीच हुईं प्रतियोगिताएं
शिवपुरी। नगर की अग्रणी और स्सामाजिक कार्यों में सतत अग्रणी रहने वाली भाविप की वीरांगना शाखा के चुनाव प्रतियोगिताओं के बीच सम्पन्न हुए। वीरांगना शाखा की पुनः अध्यक्ष पलका सहगल और सचिव शिल्पा सिंह माटा को ध्वनिमत से सभी साथियों ने फिर से इन्ही पद पर चुन लिया जबकि वीरांगना शाखा की कोषाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिमेदारी नीलू शुक्ला को दे दी गई है। उनके नाम का प्रस्ताव रश्मि शर्मा ने रखा जिसका समर्थन विनिशा सहगल ने किया। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल एक वर्ष का होगा। 
हुईं प्रतियोगिताएं
चुनाव प्रक्रिया को रोचकता प्रदान करने और सभी सदस्यों में रक्त संचार के लिये प्रतियोगिता भी आयोजित हुईं
चुनाव के दौरान प्रतियोगिता भी आयोजित हुईं।
मुख्यातिथि थीं रचना गोयल
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं 
म. भा. उ. प्रान्त की भारत को जानो की संयोजिका एवम प्रांतीय पर्यवेक्षक श्रीमती रचना गोयल जो कि शंकर गंधर्व संगीत महाविद्यालय में प्रोफेसर हैं। आप संगीत के छेत्र में ग्वालियर के प्रसिद्घ तानसेन संगीत समारोह में दो बार प्रस्तुति दे चुकी हैं। इतना ही नहीं विलक्षण और असाधारण प्रतिभा की धनी रचना गोयल संगीत के कार्यक्रम में आयेदिन शामिल होकर अपनी प्रस्तुति से जन जन का मन मोह लेती हैं। कार्यक्रम में उनका जोरदार स्वागत किया गया। 
ये वीरांगना रहीं मौजूद
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों में अध्यक्ष पलका सहगल, सचिव शिल्पा माटा, कोषाध्यक्ष नीलू शुक्ला, आकृति खेमेरिया, रश्मि शर्मा, नेहा भसिन, आस्था सहगल, तनु सेनी, निधी वर्मा, लीना नागपल, मोनिका नागपाल, आशना हरियानी, शिल्पी गर्ग, रुचि बड़ाया, स्मर्ती सरीन, विनिशा सहगल, मीना तोमर, रुचिता विर्मानी, मंजु कुशवाह, अंशु उप्पल, सेजल हरियानी, रेणु अवस्थी,  निवेदिता शर्मा, पिंकी गोस्वामी आदि सदस्य मौजूद थी।

'तुमको कभी न भूल पाएंगे' 'उत्सव' 'आज फिर नम हुईं अखियां' 'जब याद आया' 'अगवा कर मौत की नींद सुला दिया गया स्कूली मासूम' 'उत्सव'

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शुक्रवार, 5 मार्च 2021

शिवपुरी। जीवन में कभी कभी ऐसी बडी घटनाएं घटित हो जाती हैं जिनको भूल पाना आसान नहीं होता। आज फिर इसी तरह की एक बड़ी घटना याद आई तो शहरवासियों की आंखे नम हो गईं।
जब 8 साल पहले नगर के एक नामचीन स्कूल के मासूम उत्सव गोयल 13 पुत्र कमल गोयल को नगर की डीजे कोठी के पास ट्यूशन से कुछ बदमाश अगवा कर ले गए थे। विश्वास की जिस डोर पर दुनिया कायम है उसे मोहरा बनाकर स्कूल वेन के चालक ने उत्सव को अगवा कर लिया। याद रखियेगा बच्चे को स्कूल लाते ले जाते समय उस चालक ने उत्सव से दोस्ती के बहाने दिल मे जगह बना ली थी, जबकि शातिर दिमाग अपहरण की साजिश रच चुका था। बस उसी दोस्ती के झांसे में खेलने दौड़ने की उम्र वाला उत्सव धोखा खा बैठा और जब उसे बहाने से अगवा किया गया तो निशानी में उत्सव की अकेली साइकिल खड़ी मिली थी। जब सांझ ढले उत्सव रोजाना की तरह घर नहीं पहुंचा तो तलाश शुरू की गई। परिजनों की अथक मेहनत से वो बिंदु भी हाथ आ गया था जो उत्सव तक पहुंचने काफी था लेकिन पुलिस के तत्कालीन कुछ साथियों की लापरवाही कहें या होनी, अपहर्ता हाथ में आकर फिर विश्वास को धोखा देने में कामयाब हुए और नतीजे में शिवपुरी झाँसी फोरलेन के सिंध नदी के पानी में उत्सव को पत्थर के साथ बांधकर मौत के घाट उतार दिया गया। अब उत्सव हम सबके बीच नहीं था और उसकी बीते दो दिनों से तलाश करते सैकड़ों लोग, व्यवसायी इस कदर आक्रोशित हुए की शिवपुरी जल उठी। वो हुआ जो इतिहास में कभी नहीं हुआ था। हजारों लोग कानून हाथ में लेकर घरों से सड़क पर निकल पड़े और तोड़फोड़, अराजकता की सीमाओं को तोड़कर रख दिया। प्रतिशोध की आग में नगर बदसूरत हो चुका था। इधर उत्सव के भोले भाले परिजन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे तब जाकर आक्रोश थमा। जो भी हुआ भगवान करे कभी किसी की औलाद के साथ न हो। लेकिन उत्सव की माँ और पिता कमल ने तभी से शिवपुरी छोड़ दी। उनके भाई बन्धु आज भी नगर में रहते हैं लेकिन जब भी साल में 5 मार्च आती है वे सिहर उठते हैं। इधर उन्हें इस बात का गम आज भी है कि उत्सव हत्याकांड का मास्टर माइंड साकिर आज भी पुलिस से दूर है। बड़े बड़े अपराधों के खुलासे इन 8 सालों में हुए लेकिन साकिर आज तक मोस्ट वांटेड ही है। उत्सव के चाचा भोला गोयल ने कहा कि उत्सव को हम तभी दिल से श्रधांजलि दे पाएंगे जब साकिर पकड़ा जाएगा। उन्हें जिले के संवेदनशील एसपी राजेश सिंह चन्देल से उम्मीद है।
हम अपनी बगिया के फूलों की करें रखवाली
उत्सव के साथ विस्वासघात हुआ था। सभी जानते हैं। इसलिए हमारी आप सभी से गुजारिश है कि बच्चे कहाँ जाते हैं किससे मिलते हैं। कौंन उनके सम्पर्क में है। कभी कभी अचानक चेक करते रहें। खासकर बेटियों को ट्यूशन कोचिंग के समय एकाएक जरूर परखते रहें। हम नहीं कहते कोई अनहोनी होगी लेकिन होशियारी का संदेश इस नगर को उत्सव ने दे दिया है। इतिहास बेहतर हो तो उसे याद रखा जाता है और बदसूरत हो तो सबक याद रखना चाहिये। उत्सव कांड भी कुछ ऐसा ही है जिसे सबक के तौर पर हम याद रखेंगे तो कभी फिर कोई उत्सव सदा के लिए हमसे दूर नहीं होगा। उत्सव बेटा हम तुम्हे भुला न पाएंगे।

'श्रीपति' के 'एसबीआई खाते से' 'उड़ा दिये 40 हजार', एसपी, टीआई, बैंक से 'की शिकायत'

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मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

- ऑनलाइन ठगी के लोग हो रहे शिकार
कोलारस। ऑनलाइन ठगी, एटीएम फ्रॉड की बाढ़ आई हुई है। लोग भारी परेशानी में हैं। इसी बीच 22 फरवरी को श्रीपति लक्ष्मी नरसिंह गौड़ पुत्र गोपाल कृष्ण गौड़ निवासी कोलारस के एसबीआई बैंक खाते से किसी ने 40 हजार उड़ा डाले। श्रीपति के अनुसार उनके खाते से 10-10 हजार कर 40000 की राशि निकाल ली गई। उनके मोबाईल पर जब संदेश मिला तो होश उड़ गए लेकिन खुद को संभालने के बाद उन्होंने तत्काल बैंक शाखा जाकर अकाउंट पर निकासी रोक लगवाई। उन्होंने इस ठगी को लेकर एसपी राजेश सिंह, टीआई संजय मिश्रा, बैंक मैनजर से गुहार लगाकर राशि वापिस दिलाने की मांग की।
न कार्ड बदला, न कोई भूल
 उनका यह भी कहना है कि उन्होंने कोई भूल भी नहीं की। न तो किसी से कोई बात हुई। न कार्ड बदला फिर भी खाते से किस तरह यह राशि उड़ाई गई उन्हें पता नहीं। 
आरबीआई को दें जानकारी
मामा का धमाका डॉट कॉम की तरफ से लोगों को सलाह दी जाती है कि बैंक से इस तरह राशि उड़ाने की जानकारी निर्धारित समय के अंदर आरबीआई को दें। 
जिओ, एसबीआई रोज करती अलर्ट
बता दें कि लगातार हो रही ठगी से होशियार लोग भी 'टोपी पहन' रहे हैं। उनकी चतुराई को भी ठग आईना दिखाने से बाज नही आते। जिओ कम्पनी भी अपने ग्राहकों को संदेश भेज रही है कि 'धोखाधड़ी के इरादे से भेजे गए ऐसे किसी भी सन्देश से सावधान रहें। जिसमें आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी / केवाईसी (KYC) डिटेल्स को अपडेट करने को कहा या मुफ़्त मोबाइल डेटा देने का वादा किया गया हो।  अज्ञात / संदिग्ध नंबरों से कॉल करने वालों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी कभी भी न दें ।  सुरक्षित रहें ।  टीम जियो।'
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