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#धमाका_डिफरेंट: जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ले रहे पल पल की रिपोर्ट, सतत निगरानी में शहर के सूखे कंठ की बुझ रही प्यास, शहर के हर वार्ड में पहुंच रहे अधिकारी

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सोमवार, 1 जून 2026

शिवपुरी, 01 जून 2026। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा नगर की पेयजल व्यवस्था की लगातार जानकारी लेते हुए सूखे कंठ की प्यास बुझाने में जुटे हुए हैं। उनकी लगनशीलता का ही परिणाम है कि करोड़ों रुपए मड़ीखेड़ा परियोजना पर फूंकने के बाद भी जब भ्रष्टाचारियों ने दफन हो चुके टैंकर उद्योग को जिंदा किया तो कलेक्टर अर्पित वर्मा के पास उसे रोकने की कोई वजह नहीं बची थी क्योंकि नगर के लोग पानी के लिए त्राहिमाम करने लगे थे। हालाकि स्टेट फॉरवर्ड खेलने वाले कलेक्टर ने मामले की गम्भीरता को समझा और अपनी पूरी टीम मैदान में उतार दी। राजस्व लेकर तहसील सहित कुछ अन्य कार्य की गति प्रभावित करते हुए सभी को एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला और एसडीएम आनंद राजावत, सीएमओ इशांक धाकड़ के साथ मैदान में उतार दिया है जिसके परिणाम स्वरूप नगर में पानी के कोहराम के स्वर मंथर पड़े हैं।
केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया की टीम भी हुई सक्रिय
भले ही नगर की पेयजल व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा और विधायक देवेंद्र जैन की थी लेकिन जब दोनों ही हर मोर्चे पर फेल साबित हुए तो लोग केंद्रीय मंत्री द ग्रेट सिंधिया पर कटाक्ष करने लगे कि उनके ही अधिनस्थ नेताओं ने नगर को प्यासा मार दिया आदि आदि। बस फिर क्या था बैठक हुई और कलेक्टर अर्पित वर्मा ने गेंद अपने पाले में ले ली और परिणाम सामने है। उनकी कार्यकुशलता और सक्रियता का ही परिणाम है कि शिवपुरी शहर में लंबे समय से पानी के लिए परेशान शहर वासियों की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
 कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शिवपुरी शहर की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए शहर के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की और पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कई निर्णय लिए गए। उन्होंने वार्डों में निरीक्षण के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। निर्देशानुसार अधिकारी रविवार को वार्डों में पहुंचे और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इसी क्रम में आज सोमवार को भी सभी अधिकारी उन्हें आवंटित वार्ड में निरीक्षण के लिए गए और पेयजल व्यवस्था के संबंध में शहर वासियों से भी चर्चा की। जहां कहीं समस्या देखी जा रही है उससे नगर पालिका को अवगत कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि मोटर खराब होने के कारण शहर में पानी की सप्लाई बाधित हुई है। शहर में कई वार्डों में बोरिंग के माध्यम से और कई जगह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। यह पूरी व्यवस्था सुचारू तरीके से संचालित हो, इसके लिए अधिकारी वार्ड में पहुंचकर निगरानी कर रहे हैं। 
शिवपुरी शहरवासियों को जल आपूर्ति के लिए 4 नलकूप किए अधिग्रहित
शिवपुरी में 01 जून 2026 को शिवपुरी शहर में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने नगर पालिका सीएमओ और शिवपुरी एसडीएम को व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिए हैं।
शिवपुरी एसडीएम आनंद सिंह राजावत ने बताया कि शिवपुरी शहर के 04 नलकूपों का जन सामान्य को जल आपूर्ति के लिए 10 दिवस के लिए अधिग्रहण किया गया है। 
उन्होंने बताया कि शहर की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिसके तहत 24 हजार एवं 25 हजार लीटर क्षमता वाले बड़े टैंकरों को जलापूर्ति कार्य में लगाया गया है। अभी 28 से अधिक टैंकरों के माध्यम से विभिन्न वार्डों, सम्पवेल और प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी पहुंचाया जा रहा है। 
इन निजी नलकूपों का किया अधिग्रहण
 एसडीएम श्री आनंद सिंह राजावत ने बताया कि अधिग्रहित नलकूपों में श्री मुन्नासूद हवाई पट्टी के पास झांसी रोड, श्री सरमन कुशवाह, व्हीटीपी स्कूल के पास, श्री सुनील ओझा हलचल वाटर सप्लायर एवं श्री विनोद राठौर शिवा वाटर सप्लायर शामिल है। अधिग्रहण अवधि के विद्युत देयकों का भुगतान नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा किया जाएगा। जारी आदेश के तहत जल अभावग्रस्त क्षेत्रों में म.प्र.पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के समस्त अन्य प्रावधान लागू रहेंगे तथा उक्त प्रावधानों का उल्लंघन होने पर अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत दो वर्ष तक के कारावास या दो हजार रुपए तक के अर्थदण्ड अथवा दोनों से दण्डित किया जाएगा।














#धमाका_अलर्ट: शहर में "शुद्ध टोस्ट" के पैकेट में मिली मरी हुई "छिपकली", डॉ ऋषिश्वर की टीम ने लिया सैंपल, भेजा भोपाल

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शिवपुरी। शहर में रविवार को "शुद्ध टोस्ट" के पैकेट में मरी हुई छिपकली मिली थी। टोस्ट एक ग्राहक ने खरीदे थे जिसमें टोस्ट के बीच छिपकली भी मौजूद थी। ग्राहक ने मामले की जानकारी सार्वजनिक की। इस घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग प्रमुख CMHO डॉ संजय ऋषिश्वर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ब्रांड के टोस्ट के नमूने एकत्र करवाए हैं, जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि 'शुद्ध टोस्ट' के पैकेट में छिपकली मिलने की सूचना मिलते ही फूड सेफ्टी अधिकारी को तत्काल जांच के लिए भेजा गया था। जांच के दौरान, शिवपुरी शहर के प्रतिष्ठान मिश्री लाल विष्णुकुमार गुप्ता से 'शुद्ध बेकरर्स' के 'शुद्ध स्पेशल सूजी टोस्ट' के 300 ग्राम पैकेट के नमूने लिए गए।
डॉ. ऋषीश्वर ने बताया कि इन नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) 2006 के प्रावधानों के तहत विश्लेषण के लिए भोपाल की खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद, यदि कोई दोष पाया जाता है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह मामला हाल ही में तब सामने आया जब कृष्ण विहार कॉलोनी निवासी सत्येंद्र धाकड़ ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि बच्चों के लिए खरीदे गए टोस्ट के पैकेट में एक मरी हुई सूखी छिपकली मिली थी। इस घटना के बाद शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। प्रशासन द्वारा नमूने लेकर जांच शुरू करने से अब इस मामले में आगे की कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है।














#धमाका_न्यूज: त्रैमासिक राजभाषा हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया

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शिवपुरी। शहर में त्रैमासिक राजभाषा हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग), उप-क्षेत्रीय कार्यालय शिवपुरी द्वारा क्षेत्रीय प्रमुख क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर के मार्गदर्शन एवं कार्यालय प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. शिवांशी शुक्ला के नेतृत्व में त्रैमासिक राजभाषा हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर से सहायक निदेशक श्री रामगोपाल विजय, उप-क्षेत्रीय कार्यालय रतलाम से सहायक निदेशक श्री मनीष मीना तथा उप-क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन से वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी श्री जे.एस. अलौरिया की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला का उद्देश्य शासकीय कार्यों में राजभाषा हिन्दी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देना तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा नीति एवं संवैधानिक प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP), शिवपुरी से श्री के.आर. मीना, द्वितीय कमान अधिकारी की विशेष उपस्थिति रही। चूँकि ITBP स्थानीय नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) का नेतृत्वकर्ता कार्यालय है, अतः उन्होंने राजभाषा हिन्दी के प्रभावी प्रयोग एवं उसके प्रोत्साहन संबंधी विचार साझा किए।
तकनीकी सत्रों में वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनय प्रकाश जैन एवं श्री प्रमोद भार्गव ने राजभाषा नीति, संवैधानिक प्रावधानों, शासकीय कार्यों में हिन्दी के प्रयोग तथा राजभाषा संबंधी दायित्वों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। दोनों वक्ताओं ने हिन्दी के व्यवहारिक, संवैधानिक एवं प्रशासनिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों का ज्ञानवर्धन किया।
कार्यशाला का मंच संचालन श्री विकास कुमार, वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी द्वारा किया गया। कार्यशाला में उप-क्षेत्रीय कार्यालय शिवपुरी के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की।













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