रास्ते में हालत बिगड़ने पर भोपाल में इमरजेंसी लैंडिंग कराते हुए उनको भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। जब पांच दिन पहले उनको ऊर्जा मंत्री ग्वालियर के अपोलो हॉस्पिटल ले जा रहे थे तो उनकी आखिरी बातचीत हुई थी, तब देवेंद्र ने छोटे भाई (प्रद्युम्न सिंह तोमर) से कहा था कि मुझे अस्पताल मत ले जाओ, मैं अब लौटकर घर नहीं आऊंगा। यही बात है कि उनकी याद करते-करते ऊर्जा मंत्री भावुक हो रहे हैं।














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