शिवपुरी। बीती 17 जुलाई 2025 को सावरकर कॉलोनी देहात थाना में फल व्यवसाई कपिल मिनोचा की हत्या की कोशिश की गई थी। हत्या की सुपारी उसी के चाचा के लड़के गणेश मिनोचा ने दी थी। हत्या के प्रयास के 5 आरोपी एसपी अमन सिंह की टीम ने गिरफ्तार कर लिए है। सोमवार को इस सनसनीखेज बड़ी घटना का एएसपी सुधीर मुले ने खुलासा किया। टी आई रत्नेश यादव की मौजूदगी में पुलिस ने बताया कि 25 लाख फल व्यवसाई कपिल मिनोचा के कत्ल की सुपारी दी गई थी। दो महीने पहले हत्या करने की डील हुई थी। खुलासे में सामने आया है कि चाकू लगने के बाद अगर कपिल स्कूटर से भागता नहीं और गिर जाता तो आरोपी कपिल की हत्या कर देते। इस तरह एसपी अमन सिंह की देहात पुलिस ने 5 आरोपी पकड़े है। आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया। इनमें चाचा का बेटा गणेश भी शामिल है। प्रॉपर्टी और दौलत पर नजर होने के चलते कपिल को रस्ते से हटाने की कोशिश की गई।
पढ़िए पूरी खबर
थाना देहात पुलिस ने शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी कपिल जूस सेंटर के संचालक पर हुये जान लेवा हमले के 5 आरोपी को 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया है। दिनांक 17.07.25 को फरियादी (देखिए video)कपिल मिनोचा पुत्र संतराम मिनोचा उम्र 36 साल नि० बीर सावरकर कॉलोनी शिवपुरी ने बताया कि दिनांक 17.07.25 के रात 09.30 बजे की बात है में अपने जूस की दुकान बंद कर अपनी एक्टिवा एमपी 33 जेड जे 3000 से घर आ रहा था मैं जैसे ही अपनी कॉलोनी की पतंजलि वाली गली में अंदर अंकुर श्रीवास्तव के मकान के सामने पहुंचा तो वहीं पर दो अज्ञात व्यक्ति उम्र करीब 35 से 40 वर्ष के साढे थे पेन्ट शर्ट व टी-शर्ट पहने थे दोनो मास्क लगाये थे यह लोग कल भी खड़े थे में जैसे ही उनके आगे निकला तो उनमें से एक व्यक्ति मेरे पीछे दौडा और मुझे जान से मारने की नियत से चाकू मारा जो मेरे गर्दन में बाई तरफ लगा चोट आकर खून आ गया मै घोडा संभला तब तक उसने एक और बार चाकू मारा जो गर्दन के पीछे पीठ पर लगा चोट आकर खून आ आने से अपराध क्र0 272/25 धारा 109(1),3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया।
घटना की सम्पूर्ण जानकारी से पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री अमन सिंह राठौड़ को अवगत कराया गया तो उनके द्वारा घटना को गम्भीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक रत्नेश सिंह यादव को तत्काल टीम का गठन कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। थाना प्रभारी देहात व उनकी टीम द्वारा घटना के तुरंत बाद से ही अज्ञात आरोपीगण की पतारसी हेतु सीसीटीव्ही केमरे देखना शुरू किये गये सीसीटीव्ही फुटेज में आये संदेहियों की तस्दीक मुखबिरों से कराई गई तो उन्होंने सीसीटीव्ही फुटेज में दिख रहे सदेहियों में से दो संदेहियों की पहचान अरबाज खाँन व आशिफ के रूप में की जिस पर पुलिस ने आशिफ को घेराबंदी कर पकड़ा जो घटना में प्रयुक्त मोटर साईकल से कहीं फरार होने की फिराख में था। पुलिस द्वारा घटना के संबंध में पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्मकुबूल किया और बताया कि गणेश मिनोचा ने कपिल मिनोचा को जान से मारने के लिये कहा था, जिस पर आशिक ने अरबाज खाँन, दानिश और छुन्ना के साथ मिलकर दिनांक 17.07.25 की रात को कपिल मिनोचा पर जान लेवा हमला किया था। पुलिस द्वारा तुरंत कार्यवाही कर आरोपीगणों को पकड़ा गया तो गणेश मिनोचा ने बताया कि कपिल मिनोचा जो कि कजिन भाई है शामिल में जूस की दुकान माधव चौक पर संचालित करते थे उस जूस की दुकान में जो कुछ फायदा होता था वह कपिल हम लोगो को गुमराह करके स्वयं रख लेता था और उन्ही पैसों से उसने मथुरा में प्रोपर्टी खरीदी शिवपुरी में अब्दुल कलाम कॉलोनी में भी प्रोपर्टी खरीदी कस्टम गेट के पास दो तीन दुकानें खरीदी एवं कोलारस में भी जो ताई के नाम प्रोपर्टी थी उसे भी गुमराह करके कपिल ने अपने नाम करा ली थी, कपिल की पत्नि पूजा मेरी माँ को अक्सर गंदी गंदी गालियां देती है लडाई झगडा गाली गलौच करती है इसी बात से गणेश मिनोचा बेहत नाराज था और चाहता था कि कैसे भी करके कपिल को खत्म कर दूं गणेश अक्सर जैन दूध डेयरी के पास चाय की दुकान पर सिगरेट पीने जाता था वहीं पर गणेश ने आज से तीन महीने पहले आशिफ को देखा था उसे पता चला कि आशिफ उसका यह काम करा सकता है, तो गणेश ने आशिफ से दोस्ती की और उसे कपिल मिनोचा को जान से खत्म करने के संबंध में बताया तो आशिफ ने कहा कि मैं तेरा यह काम करा सकता हूं फिर आशिफ ने गणेश को अपने दोस्त अरवाज खांन से मिलवाया अरवाज ने कहा था कि मेरे पास लड़के है गणेश में तेरा यह काम करा दूंगा फिर गणेश आशिफ और अरबाज अक्सर साथ मिलते थे। ढाई महीने पहले करीब आशिफ और अरवाज ने गणेश की मुलाकात दानिश और छुन्ना से कराई।
गणेश, आशिफ, अरवाज, छुन्ना और दानिश अक्सर अरवाज के महाराणा प्रताप वाले टेन्ट हाउस के गोदाम पर बैठकर मिटिंग करते थे और इस काम को अन्जाम देने की योजना बनाते थे आशिफ और अरबाज ने 25 लाख रूपये में कपिल मिनोचा को जान से खत्म करने के लिये गणेश से डील की जिसके ऐवज मे डेढ दो महीने पहले करीब गणेश ने 50000 रूपये एडवांस के रूप में आशिफ और अरबाज को दिये शेष राशि काम होने के बाद देना तय हुआ था जब समय बीतता गया और गणेश ने देखा कि इन लोगों ने अभी तक काम को अंजाम नहीं दिया गया तो गणेश आशिफ और अरबाज से 50000 रूपये वापस मांगने लगा तो घटना दिनांक 17.07.25 के करीब 10-15 दिन पहले आशिफ, रवाज और दानिश छून्ना ने रेकी करते हुये कपिल मिनोचा पर एक असफल हमले का प्रयास किया लोगो की आमद ज्यादा होने की बजह से उस समय यह लोग घटना को अंजाम नहीं दे पाये घटना वाले दिन आशिफ और अरवाज ने योजना बनाई की दानिश और हुन्ना वीरसावरकर कॉलोनी ने कपिल के घर के पास पहले से उपस्थित रहेगे आशिफ और अरवाज कपिल मिनोचा का रेकी करते हुये पीछा करेगे और दानिश और छुन्ना को एक्जेक्ट लोकेशन देते रहेंगे और जब दिनांक 17.07.25 को कपिल मिनोचा अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से 09.30 बजे रात में जूस की दुकान से घर के लिये निकला तो दानिश और छुन्ना पहले से ही घटना स्थल पर पहुँच गये थे पीछे से आशिफ और अरवाज आशिफ की पल्सर मो. सा. से कपिल की पीछा करते रहे और अपने मोबाइल से दानिश को कपिल की एकजेक्ट लोकेशन बताते रहे जैसे ही कपिल घटना स्थल पर पहुंचा पहले से मौजूद दानिश और छुन्ना ने कपिल पर हमला कर विया लेकिन कपिल ने अपनी एक्टिवा तेज कर दी यह लोग कपिल को गिराने में सफल नहीं हुये लेकिन दानिश ने दौड़ते हुये पीछा करते हुये पीछे से चाकू से दो वार किये जो कपिल की पीठ और गर्दन पर लगे चाकू टूट जाने के कारण दानिश निहत्था हो गया तो यह दोनो वहाँ से दौडकर भाग निकले यह सभी आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद अरवाज के महाराणा प्रताप कॉलोनी के टेन्ट गोदाम में जाकर इक्कठे हो गये फिर अपने अपने घर को चले गये।
उक्त सम्पूर्ण घटना क्रम में आरोपीगणो को सीसीटीव्ही कैमरा फुटेज और अन्य तकनिकी साक्ष्य एवं मुखबिरों की मदद से पहचान कर पकडे गये है। अरोपी अरवाज खान एवं छुन्ना उर्फ अजीत शाह पर पूर्व में भी आपराधित प्रवर्ती के होकर अपराध पंजीबद्ध हैं।
सराहनीय भूमिका - निरी. रत्नेश सिंह यादव, सउनि विनोद गुर्जर प्रआर 570 विनय सिंह, प्र.आर. 548 दीपचन्द्र, प्र.आर. 281 आदेश धाकड, प्र.आर. 4999 देवेन्द्र सेन, प्र.आर. 808 अजय शर्मा, प्रआर 302 सुरेन्द्र दुवे, आर. 897 शकील खाँन, आर.556 सचेन्द्र शर्मा, आर. 511 बदन सिंह, आर.907 अरूण मेवाफरोस, आर. 925 बलवीर सेगर, आर. 367 प्रमोद कुशवाह, आर. 672 रिंकू शाक्य, सीसीटीव्ही प्रभारी एवं टीम व सायवर सेल टीम की मुख्य भूमिका रही है।

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