इधर बीजेपी ने नपा अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए कवायद की जबकि कुछ पार्षदों को खरीदने की चर्चा भी जोरों से है जिसको आज बल तब मिला जब करेरा में पार्षदों की संख्या कम नजर आई। हालांकि शनिवार को सुंदरकांड पाठ में शामिल पार्षदों ने कहा कि उनके पांच साथी भोपाल में होने और एक की तबीयत खराब होने के कारण नहीं आ पाए, लेकिन सभी का रुख एक जैसा है। उनका कहना है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
कुछ और समय दे दो, कर दी न
इसके पहले शुक्रवार की रात भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, विधायक देवेंद्र जैन और पूर्व जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने बागी पार्षदों से सर्किट हाउस पर बात की। इन पदाधिकारियों ने पार्षदों से कुछ समय और मांगा जिससे अध्यक्ष के कार्यकाल की समीक्षा की जा सके, लेकिन पार्षदों ने साफ इनकार कर दिया। इधर शनिवार को 47 पार्षद की चर्चा होने लगी जब विरोध में 31 और समर्थन में 16 के हस्ताक्षर की बात की जाने लगी। हालांकि ट्वेंटी ट्वेंटी खेल रहे बागी पार्षद बगीचा सरकार पर भरोसा बनाए हुए हैं।
कोढ़ी हो जाएंगे जो कसम से हटे
बागी पार्षदों का कहना है कि बगीचा सरकार पर जो भी व्यक्ति कसम खाता है उसे निभानी होती है अगर ऐसा नहीं किया जाए तो व्यक्ति कोढ़ी हो जाता है ऐसा कहा जाता है इसलिए अब तो बदलाव आवश्यक है। हमने महाराज से भी कहा है कि गायत्री को हटाकर किसी को भी बिठा दीजिए हम उसका साथ देंगे।
मड़ीखेड़ा का कीचड़ भरा पानी हो रहा सप्लाई, शहर गंदगी के हवाले, गलियां अंधकार में डूबी
इधर जनता भी अध्यक्ष को जमकर कोस रही है उसका कहना है कि अब तक की सबसे घटिया कार्य प्रणाली इनकी रही है। नगर में मड़ीखेड़ा के पानी की सप्लाई कीचड़ युक्त हो रही है। अभी तक सतनवाडा पर क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर का प्लांट नहीं है। न ही लेब तैयार की गई इतने सालों में इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया जबकि दोशियान कंपनी के समय क्लोरीन संयंत्र आए थे लेकिन फिटिंग के बिना पड़े पड़े खराब हो गए। अब जनता बिना शुद्धता के पानी पीने को मजबूर है।
शहर की सड़कों की हालत खराब हो गई है। सुभाष कॉलोनी की सड़कें ही नहीं बनी जबकि इसी तरह की हालत कई वार्डों की है। नगर में साफ सफाई भी ठीक से नहीं की जा रही। जबकि नगर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का डेरा है।
महाराज मिलने पहुंचे नपाध्यक्ष के पति
महाराज से टूरिस्ट विलेज पर मिलने के लिए नपाध्यक्ष नहीं पहुंची थी। उनके पति संजय शर्मा नजर आए। उनके चेहरे की मुस्कान कुछ कहती नजर आ रही थी जैसे कुर्सी बचने की खुशी झलक रही हो! हालांकि 25 तारीख को क्या होता है ये देखना बाकी है। इस बैठक में पार्षदों को अपनी आईडी के साथ आमंत्रित किया गया है मतलब पार्षदों को ही बैठक में इंट्री मिलेगी उनके पतियों को शायद नहीं!
पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी बोले, इस्तीफा देकर जाओ जनता के बीच, कोई पार्टी कुछ नहीं देती
पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी जिन्हें राजनीति का माहिर माना जाता है उनका कहना है कि पार्षदों को अविश्वास न होने पर इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर पार्टी कारवाई करेगी तो जनता उनके साथ होगी। अगला चुनाव निर्दलीय लड़ना जनता सभी पार्टी को आईना दिखा देगी।












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