ये इस्तीफे दो महत्वपूर्ण कारणों को लेकर दिए जाएंगे
एक तो हनुमान जी के सोटा का डर उससे बचने के लिए और शायद इसलिए कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान जी अमर हैं और कलयुग में भी सशरीर पृथ्वी पर मौजूद हैं। उन्हें कलियुग का देवता माना जाता है और वह गंधमादन पर्वत पर निवास करते हैं, जो कैलाश पर्वत के उत्तर में स्थित है। हनुमान जी कलयुग के अंत में भगवान विष्णु के कल्कि अवतार का सहयोग करने और धर्म की रक्षा करने के लिए आएंगे। इसी मान्यता के चलते शायद पार्षद इस्तीफा दे रहे हैं। दूसरी बात बीजेपी संगठन , प्रभारी मंत्री और महाराज से मिले डेढ़ महीने में रिजल्ट के भरोसे पर इस्तीफे दिए जा रहे हैं। हालांकि ये इस्तीफे अध्यक्ष खेमे के लिए खुशी की खबर नहीं है बल्कि ये होल्ड पर रख लिए जाएंगे ये अंदर खाने की खबर है।
जून में खाई थी कसम
जून माह में नगर पालिका के 18 पार्षद करैरा स्थित बगीचा सरकार हनुमान मंदिर पहुंचे थे। वहां सभी ने कसम खाई थी कि यदि अध्यक्ष गायत्री शर्मा पद से नहीं हटती हैं तो वे इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद 22 पार्षदों ने मिलकर अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने के लिए आवेदन दिया था लेकिन संगठन से मिली संजीवनी बूटी के फेर में अविश्वास तो विश्वास में बदल गया लेकिन हनुमान जी के क्रोध से बचने के लिए इस्तीफा आयोजन कल संपन्न होगा।
आइए देखिए कौन कौन देगा इस्तीफा
नेताओं की माने तो इस्तीफा देने वालों में उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास (वार्ड 26), भाजपा पार्षद विजय शर्मा (वार्ड 20), राजा यादव (वार्ड 17), ताराचंद राठौर (वार्ड 28), रीना कुलदीप शर्मा (वार्ड 18), ओमप्रकाश जैन ओमी (वार्ड 5), नीलम अनिल बघेल (वार्ड 11), सरोज महेन्द्र धाकड़ (वार्ड 12), प्रतिभा गोपाल शर्मा (वार्ड 10), मीना पंकज शर्मा (वार्ड 31), कांग्रेस पार्षद मोनिका सीटू सरैया (वार्ड 6), संजय गुप्ता (वार्ड 4), ममता बाईसराम धाकड़ (वार्ड 15), कमलाकिशन शाक्य (वार्ड 30), निर्दलीय पार्षद राजू गुर्जर (वार्ड 21) और गौरव सिंघल का नाम शामिल है। अब देखना होगा कि इस्तीफा देने वालों की संख्या गुरुवार को और बढ़ सकती है या इतने ही पार्षद इस्तीफा देंगे।
भाजपा पार्षदों ने जताया संगठन और सिंधिया पर भरोसा
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद भाजपा पार्षदों ने पार्टी संगठन और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भरोसा जताया। साथ ही कलेक्टर से कार्रवाई रोकने की लिखित अपील भी की थी।
जनता बोली, बहुत हुआ कसम, इस्तीफा अब नगर की तरफ देखा जाए
नगर की जनता इस पूरे प्रसंग को देखती रही और नाटकीय पटाक्षेप के बाद अब उसकी सब्र का बांध टूटने लगा है। जनता का साफ कहना है कि अब जिला कलेक्टर रवीन्द्र कुमार को और उच्च पदस्थ नेताओं को मानसून के पहले नगर की बदहाल सड़कों के नव निर्माण, मड़ीखेड़ा पर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना जिससे पानी फिल्टर होकर नगर में आया करे, नगर के प्रमुख मार्गों पर पसरे अंधकार आदि कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करना चाहिए। नगर की सदर बाजार, टेकरी जैसे मुख्य बाजार की सड़कें डाली जाएं। साथ ही phe को नगर के सीवर चैंबर दुरुस्त करने एक टीम नियमित निगरानी के लिए रखनी चाहिए।













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