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#धमाका_खास_खबर: पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री द ग्रेट सिंधिया के नेतृत्व में BSNL ने भरी 4जी की उड़ान, शिवपुरी जिले में बीएसएनएल का स्वदेशी 4जी नेटवर्क अब पूरी तरह काम करने लगा: बोले, महाप्रबंधक आरके अग्रवाल

मंगलवार, 30 सितंबर 2025

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। अपनी 25वीं साल गिरह मना  रहा बीएसएनएल 4 जी की शुरुआत से उत्साहित है। इसका पूरा श्रेय देश के माननीय पीएम नरेंद्र मोदी जी को और देश के दूर संचार मंत्री द ग्रेट श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को जाता है। द  ग्रेट सिंधिया जिन्हें बेहद खराब हालत में एविएशन विभाग दिया गया था और आप हम सभी जानते हैं कि आज जो हवाई सफर लोगों की पहली पसंद बना उसकी उड़ान के सही हकदार सिंधिया जी ही हैं। इसके बाद बीएसएनएल जिसकी नाव कभी तैरेगी कोई सोच भी नहीं सकता था लेकिन आज वह फिर प्रतिस्पर्धा में आता दिखाई दे रहा है। आज सिंधिया जी के मार्गदर्शन में न सिर्फ पूरे देश में बल्कि  शिवपुरी जिले में बीएसएनएल का 4जी नेटवर्क अब पूरी तरह काम करने लगा है। बल्कि अगले साल जून तक बिना अधिक खर्च किए बीएसएनएल 5 जी की भी शुरुआत करने वाला है। इस तरह पूर्ण स्वदेशी नेटवर्क बीएसएनएल ने उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। तो दोस्तों जैसा कि हमने बताया कि बीएसएनएल को 25 साल 1 अक्टूबर को पूरे हो रहे है। इस अवसर पर मंगलवार को बीएसएनएल कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। 
बीएसएनएल के महाप्रबंधक आरके अग्रवाल ने कहा कि अब हर इलाके में हमने बीएसएनएल नेटवर्क पहुंचाया है। शिवपुरी जिले में सर्वाधिक 252 bts लगाए गए हैं। साथ ही जिले के 2101 ग्रामों में से 1635 ग्रामों में 4g नेटवर्क कवर कर चुका है। अगर किसी इलाके में नेटवर्क कमजोर होने या नहीं आने की जानकारी सामने आती है तो हम तत्काल परेशानी दूर करवाते हैं। कुछ इलाके तो ऐसे हैं जहां सिर्फ बीएसएनएल का ही
नेटवर्क आता है। उदाहरण के लिए मड़ीखेड़ा डेम के इलाके में न सिर्फ नेटवर्क बल्कि डेटा भी उपयोग में हम अग्रणी हैं। साथ ही बीते चुनाव ने जिन ग्रामों में किसी का भी नेटवर्क न होने की जानकारी मिली थी उसे दिल्ली से प्राप्त सूची के आधार पर बीएसएनएल से जोड़ा है ऐसे 90 ग्रामीण एरिया में अब बीएसएनएल का कवरेज है। साथ ही फाइबर कनेक्शन के माध्यम से उपभोक्ताओं को घर बैठे नेटवर्क, 250 टीवी चैनल और एक लैंडलाइन का कनेक्शन दिया जा रहा है। साथ ही ऐसे उपभोक्ता किसी भी दीगर शहर में bsnl का नेटवर्क होने पर बाईफाई के माध्यम से अपना डेटा का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही पुराने लैंडलाइन उपभोक्ताओं को फाइबर कनेक्शन  किफायती इंटरनेट और असीमित कॉल की सुविधा के साथ प्रदान किया जा रहा है। ये जानकारी आज मंगलवार को शिवपुरी बीएसएनएल महा प्रबंधक आरके अग्रवाल ने दी। बीएसएनएल @ 25: देश का अपना नेटवर्क स्वदेशी 4G युग में प्रवेश कर रहा है शिवपुरी, 30 सितंबर 2025: माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिनांक 27/09/2025 को आग्गडा, (ओडिशा) में बीएसएनएल की स्वदेशी 4G सेवा राष्ट्र को समर्पित की गई। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा लगभग 37000 करोड़ की लागत से निर्मित 4G के 97500 मोबाइल टावर का उद्घाटन किया गया।
अपने रजत जयंती वर्ष में, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) टीसीएस/तिजम/ के माथ संयुक्त कार्य योजना के अंतर्गत स्वदेशी मी-डॉट कोर पर आधारित, अखिल भारतीय स्तर पर 4G सेवा शुरू कर रहा है, जो कि भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें बीएसएनएल द्वारा स्थापित 92600 से अधिक स्वदेशी 4G मोबाइल टावर शामिल हैं, जो पूरी तरह से आत्मनिर्भर तकनीक द्वारा संचालित है और सॉफ्टवेयर द्वारा 5G में अपग्रेड करने की क्षमता रखता है।
25 साल का सफरः गठन से लेकर 4G आत्मनिर्भरता तक
2000: दिनांक 1 अक्टूबर 2000 को बीएसएनएल का निगमीकरण किया गया जिसके बाद दूरसंचार विभाग (DOT) द्वारा बीएसएनएल को पूरे देश में समस्त दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने का दायित्व प्रदान किया गया।
2000 का दशकः सबसे बड़ा लैंडलाइन नेटवर्क विस्तारः राष्ट्रीय कनेक्टिविटी कार्यक्रमों के लिए संचार के आधार के रूप में कार्य किया।
2010 का दशकः अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, तेज़ी से बदलती तकनीक (3G/4G) और विभित्र तरह के टैरिफ की चुनोतियों का सामना करते हुए बीएसएनएल ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों / नागरिकों तक संचार सेवाएँ प्रदान करने के दायित्वों को जारी रखा।
2019 2023: भारत सरकार के रिवाइवल पैकेज (जैसे कि स्पेक्ट्रम, वीआरएस/एजीआर, इक्विटी/पूंजीगत व्यय) + 2022 में वीवीएनएल के विलय ने स्वदेशी 4G/5G के लिए आधार तैयार किया।
2020/2024 - CANI (चेन्नई-अंडमान निकोबार द्वीप) एवं KLI (कोच्चि लक्ष्यद्वीप) में समुद्री केविल बिछाई गई जिसके कारण यहां के निवासियों और देश-विदेश के पर्यटकों को पहली बार हाई स्पीड इंटरनेट सेवा एवं विश्वस्तरीय अत्यंत आधुनिक संचार सेवाएँ प्राप्त हो सकी। 
बीएसएनएल ने विगत 18 वर्षों में पहली बार लगातार दो तिमाही में मेट लाभ अर्जित किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 की तृतीय एवं चुतुर्थ तिमाही में क्रमशः 262 करोड एवं 280 करोड जान अर्जित किया। इस दौरान बीएसएनएल ने पिछले वर्ष 1 करोड़ से अधिक 4G ग्राहक और 2 लाख में अधिक एफटीटीएच ग्राहक भी जोड़े। इस अवसर पर बीएसएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री ए. रॉबर्ट जे, रवि (आईटीएस) ने कहा "बीएसएनएल की रजत जयंती एक अध्याय की शुरुआत है- राष्ट्रीय स्तर पर स्वदेशी 4 जी, भारत सरकार का निरंतर नीतिगत समर्थन, परिचालन दक्षता और अनुशासित कार्यान्वयन के गाय, हम हिमालय में लेकर द्वीपों तक किफ़ायती, सुरक्षित और सुलभ कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं और नागरिकों और उद्यमों, दोनों के लिए 5जी के लिए एक स्पष्ट मार्ग तैयार कर रहे हैं।"
मध्यप्रदेश में विस्तार
माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कल स्वदेशी 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 97,500 में अधिक नए मोबाइल टावर का उद्घाटन किया जा रहा है उसमें मध्यप्रदेश की 4679 टावर शामिल हैं जो की प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थापित किए गए हैं। इसमें डिजिटल भारत निधि के वित्तीय सहयोग से 1223 नए टावर लगाए गए हैं. जिससे प्रदेश के लगभग 1656 ऐसे गाँव में मोवाइल सुविधा उपलब्ध कराइ गयी है जहाँ अब तक किसी भी ऑपरेटर का कवरेज नहीं था। इसके अतिरिक्त 247 टावर के संस्थापन का कार्य प्रगति पर है तथा सम्भावना है कि यह कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण हो जायेगा।
बीएमएनएल के ऐसे उपभोक्ता जिन्होनें अपनी पुरानी 2G/3G सिम को अभी तक 4G सिम में नहीं बदलवाया है, वह किसी भी बीएसएनएल उपभोक्ता सेवा केंद्र अथवा अधिकृत फ्रेंचाइजी/रिटेलर में मुफ्त में 4G सिम प्राप्त कर सकते हैं।
शिवपुरी में विस्तार 
 केंद्रीय संचार मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में ग्वालियर संभाग में सबसे अधिक टावर शिवपुरी जिले में लगाए गए हैं। बीएसएनएल के ग्वालियर संभाग प्रमुख, प्रधान महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार के नेतृत्व में शिवपुरी जिले में 252 BTS लग चुके हैं, जिनके माध्यम से शिवपुरी जिले के 2101 गाँवों में मे 1635 गाँवों को 4G नेटवर्क से कवर कर दिया गया है। बीएसएनएल द्वारा शिवपुरी जिले में फाइबर कनेक्शन, इंटरनेट टीवी एवं वाई-फाई रोमिंग की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। साथ ही पुराने लैंडलाइन उपभोक्ताओं को फाइबर कनेक्शन पर पुराने नंबर के साथ किफायती इंटरनेट एवं असीमित कॉल की सुविधा दी जा रही है।
बिजली की आंख मिचौली से नेटवर्क आंशिक प्रभावित
जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की सप्लाई बाधित होने से बीएसएनएल भी अछूता नहीं है। प्रबंधक अग्रवाल ने बताया कि हमारे कुछ टॉवर बिजली की कमी से आंशिक प्रभावित होते हैं। यहां बिजली बिल जमा न होने से बिजली कंपनी काट देती है या कोई अन्य वजह से बिजली न आने पर हमारे टावर भी काम नहीं करते जिसकी जानकारी हमने दिशा बैठक में कई बार दी है जिससे लिथियम बैट्री लगाकर सोलर से नेटवर्क प्रदान किया जा रहा है। 
आइए ये भी जान लीजिए
जब बीएसएनएल ने पूरे देश में 4G service लॉन्च की.
मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि लोग इसका मज़ाक उड़ा रहे हैं.... कि बीएसएनएल 10-15 साल पीछे रह गया दुनिया से.
बात कुछ हद तक सही है. लेकिन यहाँ हमारे देश ने एक बहुत बड़ी चीज Achieve की है... जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए.
बीएसएनएल ने यह काम किया है पूर्ण स्वदेशी Stack बना कर... इसका मतलब.... सभी Telecom Components, सारे हार्डवेयर Software, और यहाँ तक कि Mobile Towers भी पूरी तरह से देसी तकनीक से बने हैं.
अब आप पूछेंगे... कि इसमें कौन सी बड़ी बात हो गई, बड़ी नहीं.. बहुत बड़ी बात है.
इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जो अपनी खुद की टेलीकॉम तकनीक विकसित कर सकते हैं, जैसे डेनमार्क, स्वीडन, दक्षिण कोरिया और चीन। 
जी हाँ... दुनिया में भारत पांचवा देश बन गया है... जो बिलकुल scratch से 4G technology और तमाम Telecom Components को स्वयं बना सकता है.... पूरी तरह 100% भारतीय.
अब प्रश्न है कि यह Stack क्या बला है.
आप फ़ोन इस्तेमाल करते हैं.... उसके लिए आपके पास तो आपका हैंडसेट होता है.... लेकिन backend पर सर्वर्स हैं, Software काम करता है... तमाम तरह के Switch Routers converters, Towers और ना जाने कैसे कैसे हजारों तरह के components होते हैं.
यह स्टैक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर—दोनों स्तर पर देश में ही विकसित किया गया है, जिससे भारत टेलीकॉम क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन गया है। 
यह तकनीक न केवल किफायती और सुरक्षित है, बल्कि इसे भविष्य में 5G और 6G के लिए भी तैयार किया जा सकता है। देश के दूरदराज़, ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों तक मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचेगी और डिजिटल इंडिया अभियान को नई ताकत मिलेगी
स्वदेशी 4G स्टैक की सुरक्षा खूबियां निम्नलिखित हैं:
यह नेटवर्क पूरी तरह भारतीय डेटा संप्रभुता कानूनों के अनुरूप है, जिससे डेटा की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होती है।इसमें उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीक का प्रयोग किया गया है जो कॉल कनेक्टिविटी और डेटा फ्लो को सुरक्षित रखता है।
सीमा क्षेत्रों और सुरक्षा-संवेदनशील इलाकों में भी यह नेटवर्क सुरक्षित सेवा प्रदान करता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलती है।
क्लाउड-आधारित तकनीक और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड नेटवर्किंग (SDN) के इस्तेमाल से नेटवर्क स्केलेबल और फेल-सेफ होता है, साथ ही रिमोट प्रबंधन की सुविधा भी देता है।
क्योंकि यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक है, इसलिए इसमें कोई विदेशी बैकडोर या संदेहास्पद सुरक्षा खतरे नहीं होते।
यह सुरक्षा खूबियां भारत को टेलीकॉम सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाती हैं और डिजिटल इंडिया को मजबूती देती हैं, खासकर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान करने में.
सबसे बड़ी बात.... क्यूंकि stack हमारा है..... अब हम आराम से 5G और 6G पर अपग्रेड कर सकते हैं... बिना किसी अन्य देश पर निर्भरता के.
इस काम में TCS, तेजस Networks,और CDOT ने बड़ी भूमिका निभाई है. इन सबने मिल कर बीएसएनएल के लिए 97,500 Telecom Towers बनाये हैं। (साभार)

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