पन्ना। पन्ना में बाल कल्याण समिति ने नाबालिग रेप पीड़िता को आरोपी के घर भेज दिया, जहां उससे दोबारा रेप किया गया। छतरपुर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, पांच सदस्य, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक, काउंसलर, केस वर्कर और एक अन्य महिला समेत कुल 10 लोगों पर विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है।
पुलिस ने बाल कल्याण समिति के सदस्यों के घर पर दबिश दी है। समिति के सदस्य आशीष बॉस को गिरफ्तार किया गया है। अन्य सदस्यों के घर भी पुलिस पहुंची है। परिजन से भी पूछताछ की गई है। वहीं महिला बाल विकास अधिकारी अवधेश कुमार सिंह को भी नोटिस दिया गया है।
लवकुशनगर (छतरपुर) एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि समिति और अधिकारियों
के गलत फैसले से पीड़िता को दोबारा दुष्कर्म का शिकार होना पड़ा। जांच में यह भी सामने आया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की। गलत निर्णय करने वालों और मामले को छिपाने वालों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
छतरपुर एएसपी विदिता डांगर का कहना है कि दुष्कर्म की एक घटना में बाल कल्याण समिति ने पीड़िता को आरोपी की भाभी, जो कि पीड़िता की चचेरी बहन थी, उसके सुपुर्द किया था। इस कारण आरोपी को जमानत में लाभ मिला। बाहर आने के बाद आरोपी ने फिर से पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इन दर्ज हुई एफआईआर
आरोपियों में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भानू जड़िया और सदस्य अंजलि भदौरिया, आशीष बॉस, सुदीप श्रीवास्तव व प्रमोद कुमार सिंह पर पॉक्सो एक्ट की धारा 17 (अपराध को बढ़ावा देने पर) लगाई गई है।
वन स्टॉप सेंटर प्रशासक कविता पांडे, काउंसलर प्रियंका सिंह और केस वर्कर शिवानी शर्मा पर पॉक्सो एक्ट की धारा 21 (बाल यौन अपराध में रिपोर्ट नहीं करने पर) दर्ज की गई है।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह पर पॉक्सो एक्ट धारा 21, SC-ST एक्ट धारा 4 और BNS की धारा 199 व 239 (कानून के विपरीत काम करने पर) लगाई गई हैं।
इसके अलावा अंजलि कुशवाहा पर किशोर न्याय अधिनियम की धारा 82 (बच्चों को शारीरिक दंड देने पर) में केस दर्ज हुआ है।
ऐसे घटा घटनाक्रम
16 जनवरी 2025
पन्ना के पवई में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग स्कूल जाते समय लापता हो गई।
17 फरवरी 2025
लड़की को गुरुग्राम से बरामद किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
27 मार्च 2025
परिजनों ने शिकायत की तो कलेक्टर ने पुनर्विचार का निर्देश दिया, लेकिन मामला दबा दिया गया।
29 मार्च 2025
बाल कल्याण समिति ने फैसला लेते हुए नाबालिग को आरोपी के घर भेज दिया।
29 अप्रैल 2025
पीड़िता को दोबारा वन स्टॉप सेंटर भेजा गया।
काउंसिलिंग के दौरान उसने कई बार दुष्कर्म होने की बात बताई। पन्ना पुलिस ने केस छतरपुर पुलिस को दिया। लड़की और आरोपी दोनों अलग-अलग गांव और जाति के हैं। आरोपी लड़की को दिल्ली भी ले गया था, जहां गुरुग्राम से उसे पकड़ा गया। पन्ना कोतवाली में मामला दर्ज किया गया और डायरी जुझार नगर थाना भेज दी। छतरपुर पुलिस ने आरोपी को पकड़कर जेल भेज दिया। पन्ना में बाल सुधार गृह नहीं होने के चलते इस मामले की जांच छतरपुर पुलिस कर रही है।













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